भारत में है निवेश के अद्वितीय अवसर: राष्ट्रपति

भारत में है निवेश के अद्वितीय अवसर: राष्ट्रपतिप्रणब मुखर्जी, राष्ट्रपति

नई दिल्ली (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को अंतराष्ट्रीय व्यापार मेले के 36वें संस्करण का उद्घाटन करते हुए कहा कि विदेशी व्यापारियों के लिए भारत में निवेश के अद्वितीय अवसर उपलब्ध हैं। मुखर्जी ने कहा कि भारत अपने पड़ोसियों के विकास और स्थिरता में यकीन रखता है। मुखर्जी ने कहा कि भारत सुधारों की एक श्रृंखला के साथ तेजी से प्रगति कर रहा है, जिसमें वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) लागू करना आदि शामिल है।

राष्ट्रपति ने कहा, “इससे नौकरियों का सृजन होगा। यह दुनिया भर के सभी उद्योगों के लिए निवेश का अद्वितीय अवसर है। भारत हमेशा अपने पड़ोसी देशों के विकास और स्थिरता में यकीन रखता है। यह शांति और समृद्धि लाने के लिए ढांचागत क्षमता निर्माण विकसित करने तथा विकास परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए एक अवसर है।”

उन्होंने कहा, “भारत को पर्यावरण से कोई समझौता किए बिना तथा उद्योगों के लिए पर्यावरण अनुकूल उपायों को अपनाने की जरूरत है।”उन्होंने सरकार की ई-गर्वनेंस की पहल का स्वागत किया। 'डिजिटल इंडिया' थीम पर आधारित इस मेले में 24 देशों की करीब 150 कंपनियां भाग ले रही हैं।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि जीएसटी समेत तरह तरह के जो सुधार किए जा रहे हैं उनसे राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के एक दूसरे के साथ निवेश और कारोबार के अवसरों को आकर्षित करने में अपास में प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘उम्मीद है कि इन पहलों से मध्यावधि और दीर्धकाल में रोजगार अवसर बढ़ेंगे और इससे अर्थव्यवस्था की वृद्धि के आवेग तेज होंगे।' उन्होंने भारतीय अतंरराष्ट्रीय व्यापार मेले को ‘नए भारत की एक वृहद परियोजना' बताया जो तेजी से आकर ले रहा है।

प्रणब ने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि आईआईटीएफ (व्यापार मेले) से भारत की कंपनियों की छाप और मजबूत होगी। इन ब्रांडों को पहले अपने घरेलू बाजार में ही मजबूत अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों से प्रतिस्पर्धा करनी होगी तथा उसके बाद देश के बाहर के बाजारों में कदम रखना होगा।' उन्होंने कहा कि यह व्यापार मेला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरु की गयी मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी पहलों के परिप्रेक्ष्य में देश में निवेश के बड़े अवसरों की झांकी प्रस्तुत करता है जिनकी कोई बराबरी नहीं है।

विश्वास व्यक्त किया कि 36वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला निवेशकों, विनिर्माताओं और खुदरा कारोबारियों के बीच कारोबार में मेलजोल और संगति को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि हाल में आयोजित ब्रिक्स और बिम्सटेक शिखर सम्मेलनों से अच्छी सद्भावना उत्पन्न हुई है जो पूरी दुनिया में देशों के साथ आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से ही पडोसी देशों में स्थिरता और वृद्धि का पक्षधर रहा है. विकास के लिए सहयोग की भागीदारी में जनता को सर्वोपरि रखना हमारा दर्शन है। इस बार मेले में दक्षिण कोरिया भागीदार देश है। इस बार केंद्रीय आकर्षण का देश बेलारूस है।

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