लहू इंसान का दोरंगा हो नहीं सकता... 

लहू इंसान का दोरंगा हो नहीं सकता... कवि सम्मेलन में कवियत्री और अन्य कवियों ने सुनाईं रचनाएं।

सकरावा/कन्नौज। दंगा और लड़ाई-झगड़ा के लिए विख्यात सौरिख थाना क्षेत्र में अब समाज को एक धागे में पिरोने और मिल-जुलकर रहने के लिए प्रयास का काम शुरू हो गया है। इसको लेकर हिन्दू-मुस्लिम एकता का कवि सम्मेलन कराया गया। इसमें काफी भीड़ उमड़ी।

जिला मुख्यालय से करीब 70 किमी दूर बसे सौरिख क्षेत्र में सतीश शर्मा और पिन्टू मिश्र ने कवि सम्मेलन कराया। यह सकरावा महोत्सव में आयोजित हुआ। जिसका शुभारंभ तहसीलदार छिबरामऊ ने किया। हाथरस से आए कवि पदम अलबेला, कानपुर से आईं पूर्णिमा गुप्ता, धु्रव त्रिपाठी और ओमप्रकाश शुक्ल आदि कवियों ने सम्मेलन में समां बांधा। उन्होंने अपने-अपने अंदाज में राष्ट्रीय एकता की कविताएं सुनाईं। साथ ही देशभक्ति का जोश भरकर एकजुट रहने का संदेश दिया। एक कवि ने ‘लहू इंसान का दोरंगा हो नहीं सकता, अगर ये सोच सबकी हो जाए तो दंगा हो नहीं सकता' सुनाकर एकजुटता का संदेश दिया।


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