सोशल साइट्स पर वायरल वीडियो यूपी में करा रहे बवाल

सोशल साइट्स पर वायरल वीडियो यूपी में करा रहे बवालदंगे का दौरान मुस्तैद पुलिस।

लखनऊ। 1990 में राम मंदिर-बाबरी मस्जिद आंदोलन के दौरान कुछ संस्थाओं ने वीडियो कैसेट अवैध रूप से बाजार में उतारे थे। उस दौरान देश भर में हुए दंगों के पीछे कहीं न कहीं इन वीडियो कैसेट का बहुत बड़ा योगदान था। इनमें दिखाए उत्तेजक और हिंसक दृश्यों के चलते भी कई जगह हिंसा हुई थी।

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इससे पहले 1989 में मंडल कमीशन के दौरान आरक्षण विरोधी आंदोलन में भी ऐसे ही कैसेट ने जमकर हिंसा भड़काई थी। तब आत्मदाह करने वाले छात्रों की संख्या इन कैसेट के चलते बहुत बढ़ी थी। मगर इसका स्वरूप बदल गया है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश में वायरल वीडियो के चलते सांप्रदायिक तनाव फैल रहे हैं। कुछ कम पढ़े-लिखे युवक धर्मांध टिप्पणी वीडियो पर करते है और पूरा शहर दंगे की आग में जलने लगता है। लखीमपुर में एक वायरल वीडियो की वजह से दंगा हुआ और धारा 144 लगा दी गई। एक व्यक्ति को गोली लगी।

आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने वालों पर लगेगा एनएसए

आईजी जोन ए. सतीश गणेश लखनऊ ने बताया, “लखीमपुर में सांप्रदायिक तनाव के बाद अब शांतिपूर्ण स्थिति है। यहां हालात सामान्य हैं। उन्होंने कहा है कि आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। उन पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

क्षेत्र में तनावपूर्ण शान्ति: डीजीपी

डीजीपी जावीद अहमद ने बताया कि घटना के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। डीजीपी ने कहा कि कुछ लोगों ने माहौल को बिगाड़ा है, फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति है। आसपास के जनपदों से भी पुलिस फोर्स तैनात है। उन्होंने बताया कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी ने चुनावी माहौल में प्रदेशवासियों से शांति व्यवस्था बनाये रखने की अपील की है। वहीं एडीजी कानून-व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने बताया कि हालात काबू में हैं।

ये सांस्कृतिक लंगड़ेपन का सबसे बड़ा उदाहरण है। अनेक तरह के आधुनिक साधनों के आने के बावजूद हम अब तक अपनी सोच में बदलाव नहीं ला पाये हैं। युवा जो एडवेंचर पसंद करते हैं, वे इस तरह के वीडियो बना कर अपनी सांप्रदायिक कुंठा निकालते हैं। मगर गंभीर लोग भी इसको समझ नहीं पाते हैं।
डॉ. नीरजा सिंह , समाजशास्त्र विशेषज्ञ

किस तरह से वायरल वीडियो करा रहे हैं दंगा

दो दिन पहले खुर्जा जिले में भी ऐसे ही दो सांप्रदायिक टिप्पणियों वाले वीडियो वायरल किये गये थे। जिसके बाद में आरोपी रिहान को खुर्जा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मगर इससे पहले अच्छा खासा सांप्रदायिक तनाव फैल चुका था। खुर्जा ही नहीं बिजनौर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, शामली और अन्य जिलों में भी इस तरह के सांप्रदायिक तनाव पिछले एक साल में हो चुके हैं।

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