रेक्स टिलरसन अमेरिका के नए विदेश मंत्री 

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   2 Feb 2017 10:55 AM GMT

रेक्स टिलरसन अमेरिका के नए विदेश मंत्री एक्सॉन मोबिल के पूर्व अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी रेक्स टिलरसन।

वाशिंगटन (भाषा)। एक्सॉन मोबिल के पूर्व अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी रेक्स टिलरसन (64 वर्ष) के नाम की सीनेट की ओर से पुष्टि होने के बाद उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल कार्यालय में शपथ ग्रहण समारोह में कहा, ‘‘आपको पश्चिम एशिया और विश्वभर में कई चुनौतियां विरासत में मिली हैं, लेकिन मेरा मानना है कि हम इस अत्यंत संकटग्रस्त समय में शांति एवं स्थिरता हासिल कर सकते हैं।''

सीनेट में टिलरसन के नाम की पुष्टि 43 के मुकाबले 56 मतों से की गई। उन्हें उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने पद की शपथ ग्रहण कराई।

अमेरिका के शीर्ष राजनयिक के रुप में उनके नाम की पुष्टि का व्हाइट एवं रिपब्लिकन पार्टी ने स्वागत किया लेकिन सीनेट में डेमोक्रेटिक सांसदों ने रुस एवं रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनके संबंधों का जिक्र करते हुए उनके नाम का विरोध किया।

इस समारोह में ट्रंप ने टिलरसन के ‘‘राजनयिक कौशल'' के लिए उनकी प्रशंसा की और कहा कि अब समय आ गया है, जब ‘‘विदेशी मामलों पर स्पष्ट नजरिए से ध्यान दिया जाए, दुनिया में हमारे आस-पास नए सिरे से नजर डाली जाए और नए समाधान खोजे जाएं।''

ट्रंप ने कहा कि जिन प्राचीन वास्तविकताओें में नए समाधान तलाशने की आवश्यता है, ‘‘उन वास्तविकताओं में यह तथ्य शामिल है कि राष्ट्रों को अपने हितों की रक्षा करने का अधिकार है, लोगों को स्वतंत्र रूप से अपना भाग्य तय करने का अधिकार है, संघर्ष में शामिल होने की बजाए मिलकर काम करना हमारे लिए बेहतर होगा। जिस तरह का संघर्ष आज की दुनिया में हो रहा है, वैसा शायद ही पहले कभी रहा हो।''

अपने संक्षिप्त भाषण में, टिलरसन ने यह अवसर प्रदान करने के लिए ट्रंप का धन्यवाद किया।शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद लोगों में व्हाइट हाउस काउंसलर केलीयाने कॉनवे, मुख्य रणनीतिकार स्टीव बैनन, सेना प्रमुख रेंस प्रिबस और प्रेस सचिव सीन स्पाइसर मौजूद थे।

पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश, पूर्व उपराष्ट्रपति डिक चेनी, पूर्व विदेश मंत्री जेम्स ए बेकर और कोंडोलीजा राइस, पूर्व रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स और पूर्व सीनेटर सैम नन ने टिलरसन के नामांकन का समर्थन किया था।

सीनेट में अपनी टिप्पणी में डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिजाबेथ वारेन ने कहा कि ‘‘रुस के साथ टिलरसन के व्यापक और लंबे समय से संबंधों'' का मतलब है कि अमेरिका अपने हितों के लिए उन पर विश्वास नहीं कर सकता।

डेमाक्रेटिक सीनेटर डिक डर्बिन ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति पुतिन के साथ टिलरसन के व्यक्तिगत और व्यावसायिक संबंध की वजह से मुझे यह विश्वास नहीं है कि वह रुस के साथ अमेरिका के व्यवहार में प्रभावी भूमिका निभाएंगे।''

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