डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से भारत में क्या बदलेगा? 

डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से भारत में क्या बदलेगा? डॉनल्ड ट्रंप

डॉनल्ड जॉन ट्रंप के अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेते ही दुनियाभर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई नए समीकरण बनने की आशंका जताई जा रही है। ट्रंप अपने आक्रमक अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं। हालांकि भारत के प्रति उनका रवैया चुनावों के पहले से ही दोस्ताना रहा है, तो ट्रंप के अमरीकी राष्ट्रपति बनने से भारत पर क्या असर पड़ेगा, जानते हैं।

कारोबार

डॉनल्ड ट्रंप ने चुनाव के दौरान कई भाषणों में कहा कि दुनियाभर में अमेरिकी लोगों की नौकरियों पर कब्ज़ा किया जा रहा है। वो चाहते हैं कि वो दरवाज़े हमेशा के लिए बंद कर दिये जाएं जिनके ज़रिये अमेरिकी लोगों का हक़ दूसरे देशों में बांटा जा रहा है। डॉनल्ड ट्रंप ने इसके लिए कई तरह के टैरिफ और कोटा बनाने की बात कही है। अगर इस फैसले पर कानूनी मुहर लगती है तो भारत की वो तमाम कंपनियां जो कि अमेरिका के बीपीओ के लिए काम करती हैं, मुश्किल में आ सकती हैं।

इमिग्रेशन

इमिग्रेशन पर डॉनल्ड ट्रंप का नज़रिया हमेशा से सख्त रहा है। उन्होंने कानूनी और ग़ैर कानूनी अप्रवासन पर अपना रुख हमेशा कड़ा रखते हुए अंकुश लगाने की बात कही। बीते कुछ सालों में भारतीय कंपनियों, खास तौर पर सॉफ्टवेयर कंपनियों के बीच H-1B वीज़ा की मांग बढ़ी है। इस वीज़ा के ज़रिये अमेरिकी कंपनियां भारतीय प्रतिभाओं को अनियमित तौर पर भर्ती कर सकती हैं। ट्रंप का कहना है कि वो इस वीज़ा को बंद करना चाहते हैं। ज़ाहिर है इस कदम से कई भारतीय कंपनियों को बड़ा झटका लग सकता है।

अर्थव्यवस्था

डॉनल्ड ट्रंप ने बहुत पहले ही ये साफ कर दिया था कि अगर वो राष्ट्रपति बनते हैं तो सबसे पहले वो अमेरिकी लोगों के लिए टैक्स कम करेंगे और सैन्य बजट को बढाएंगे, हालांकि वो ऐसा कैसे करेंगे इस बारे में कोई बात नहीं की गई। लेकिन फिर भी अगर ऐसा होता है तो अमेरिका में फिर से 'रिसेशन' के हालात बन सकते हैं, जिसका सीधा असर भारत में अमेरिकी निवेश को पड़ेगा।

आतंकवाद

डॉनल्ड ट्रंप का अंदाज़ हमेशा से तेज़-तर्रार रहा है, उन्होंने खुले मंच से पाकिस्तान के खिलाफ कई बयान दिये हैं। पाकिस्तान के प्रति अपनी नापसंदगी को ज़ाहिर करते हुए उन्होंने कई बार भारतीय सेना को मज़बूत और बेहतरीन बताया है। डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के साथ ही ये संभावना और मज़बूत हो जाती है कि आने वाले वक्त में भारत को पाकिस्तान के खिलाफ खड़े होने में, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मिलेगा।

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