जेलों में लगाए जाएंगे जैमर

जेलों में लगाए जाएंगे जैमरजेल के अन्दर अपराधी मोबाइल के जरिए सारी बातें बाहर बाता देते हैं, जिसके कारण सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। अपराधियों पर नकेल कसने के लिए जिला कारागार में जैमर लगाए जा रहे हैं। चोरी चुपके जेल में कैदी मोबाइल फोन उपयोग कर रहे हैं। जेल के अन्दर अपराधी मोबाइल के जरिए सारी बातें बाहर बाता देते हैं, जिसके कारण सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। मगर अब जिला जेल में जैमर लगने का काम शुरू हो चुका है।

लखनऊ कारागार उपनिरीक्षक जेएल मीना बताते हैं, सुरक्षा को देखते हुए जैमर लगाए जा रहे हैं। पहले चरण में 12 जिलों की जेल में लग गए हैं। जिला कारागार में जैमर लगाने से कोई भी अन्दर या बाहर से किसी को फोन नहीं कर पाएगा। बात करने के लिए पीसीओ लगाए जाएंगे। अभी तक इस कड़ी में सात जैमर लगाए जा चुके हैं। जिला जेल में जैमर लगने से फोन ने काम करना बन्द कर दिया है। कई जिलों में जैमर का काम करना भी शुरू कर दिया है। जेल परिसर में कुल 20 जैमर लगाए जाने हैं।

दो चरण में लगाए जाएंगे जैमर

पहले चरण में लखनऊ, मुजफ्फरनगर, गोरखपुर , मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, इलाहाबाद बनारस, मिर्जापुर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ में जेल में जैमर लगाए जाएंगे। बता दें कि जैमर एक यंत्र होता है, जो मोबाइल फोन के सिग्नल लेने के लिए रोकता है। वहां पर मोबाइल फोन इस्तेमाल काम करना बन्द कर देता है।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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