देश के 60 लाख बच्चे स्कूली शिक्षा से वंचित, यूपी की हालत सबसे बदतर

देश के 60 लाख बच्चे स्कूली शिक्षा से वंचित, यूपी की हालत सबसे बदतरगाँवकनेक्शन

नई दिल्ली(भाषा)। शिक्षा का अधिकार कानून और सर्व शिक्षा अभियान जैसी योजनाओं के बावजूद देश के लाखों बच्चे पढ़ाई से महरूम हैं। मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्यसभा में कुछ दिनों पहले जो आंकड़े जारी किए हैं वो हैरान करने वाले हैं।

साल 2014 में कराए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक़ 6 से 13 साल की आयु समूह में स्कूल न जाने वाले बच्चों की तादात 60 लाख 64 हज़ार है। मानव संसाधन विकास मंत्री ने एक प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि स्कूल न जाने वाले इन बच्चों में से सबसे ज़्यादा बच्चे उत्तर प्रदेश के हैं।

लोकसभा में मंगलवार को कुछ सदस्यों ने यह सवाल उठाते हुए कहा था कि हाल ही में राज्यसभा में सरकार ने बताया था कि करीब 60 लाख बच्चे स्कूली शिक्षा के दायरे से बाहर हैं। सदस्यों ने कहा था कि ऐसी खबरें हैं कि इनमें से काफी बच्चे पारिवारिक वजहों या काम करने की वजह से स्कूल नहीं जा पाते। सरकार इस दिशा में क्या कर रही है?

मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने बताया, ''पारिवारिक कारणों या काम की वजह से स्कूल नहीं जा पाने वाले बच्चों का आंकड़ा मानव संसाधन विकास मंत्रालय नहीं रखता है।'' श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने भी बताया है कि वो भी ऐसा कोई आंकड़ा नहीं रखते हैं।

स्मृति ने कहा कि एक अप्रैल 2010 से लागू 6 से 14 साल के बच्चों के लिए निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार कानून में बच्चों को अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा का प्रावधान किया गया है। 'बाल श्रम रोकथाम एवं नियमन कानून 1986' 14 साल से कम उम्र के बच्चों को मजदूरी करने को निषेध करता है। उन्होंने कहा, ''बच्चों को अधिक से अधिक शिक्षित बनाने के लिए सर्व शिक्षा अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके लागू होने के बाद से 11 लाख 40 हज़ार बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है।''

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