देश के मुख्य शहरों को जोड़ेगी रैपिड लाइन बस सेवा

देश के मुख्य शहरों को जोड़ेगी रैपिड लाइन बस सेवाgaonconnection

लखनऊ। पहले हजारों गाँवों को शहर से जोड़ने के लिए लोहिया ग्रामीण सेवा शुरू की गई और अब प्रदेश के मुख्य शहरों को आपस में जोड़ने के लिए रैपिड लाइन सेवा शुरू की गई है। इसके अलावा भविष्य में प्रदेश के सभी जिलों में वातानुकूलित बस सेवाओं का संचालन शुरू करने की योजना है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम दिन-प्रतिदिन नई ऊंचाइयों को छू रहा है, नए लक्ष्य स्थापित कर रहा है। ऐसे ही रहा तो वर्ष 2017 तक निगम 100 करोड़ रुपए का लाभ अर्जित कर सकेगा। ये कहना था परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार यासर शाह का।

राजधानी के गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम का 45वां स्थापना दिवस आयोजित किया गया। इस मौके पर उन्होंने रैपिड लाइन बस सेवा के उद्घाटन के साथ ही मोबाइल एप सेवा, नव निर्मित बस अड्डों का शिलान्यास और नई समय सारिणी का भी अनावरण किया।

रैपिड लाइन बस सेवा को यात्रियों के लिए बेहतरीन सेवा रार देते हुए परिवहन मंत्री ने कहा, “इस सेवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बस मुख्य-मुख्य शहरों व स्थानों से उसी दिन वापसी के उद्देश्य से लंबी दूरी के मार्गों पर संचालित विशेष श्रेणी की बस सेवा है। यह प्रदेश के जनपद मुख्यालयों से सुबह आठ बजे प्रस्थान कर शाम पांच बजे गंतव्य स्थान से जनपद मुख्यालय के लिए वापस प्रस्थान कर देगी। यह समय सारिणी के मुताबिक ही संचालित होगी, जिससे यात्रियों को तो सुविधा मिलेगी ही रोडवेज को भी काफी फायदा होगा।” 

रैपिड लाइन बस सेवा को हरी झंडी दिखाते हुए परिवहन मंत्री ने यात्रियों को एक बेहतरीन तोहफा दिया। मंत्री यासर शाह ने घोषणा की कि जो भी यात्री इस बस से सफर करता है और वह जाते समय ही रिटर्न टिकट भी ले तो उसे किराए में 10 फीसदी की छूट भी दिए जाने की व्यवस्था की जाए। इसका फायदा यह होगा कि यात्री लौटते वक्त भी बस से ही आएगा बजाय किसी अन्य साधन के। उन्होंने कहा कि रोडवेज को घाटे से उबारने में रोडवेजकर्मियों का अहम योगदान है।                                                                                                                                                                        

निगम के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार गोयल ने परिवहन निगम की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि तकनीकी युग में परिवहन निगम भी तकनीक का भरपूर इस्तेमाल कर रहा है। बसों में टिकट मैनुअल के बजाय इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीनों से बनाए जा रहे हैं। ऑनलाइन टिकट बुकिंग की भी व्यवस्था है। जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग सिस्टम संचालित किया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि आज परिवहन निगम के बस बेड़े में 10 हजार से ज्यादा बसें हैं कल 11 हजार होंगी और अगले साल तक 15 हजार बसों का बेड़ा परिवहन निगम का हो जाएगा।

परिवहन आयुक्त के. रविंद्र नायक ने परिवहन निगम अधिकारियों को भरोसा दिया कि जहां पर भी परमिट की आवश्यकता महसूस की जाएगी परिवहन निगम की बसों को परमिट दिया जाएगा। रोडवेज के लिए परमिट के रास्ते हमेशा ही खुले हैं। उन्होंने रोडवेज अधिकारियों व कर्मचारियों के कार्य की प्रशंसा की। 

चलेंगी सभी जिलों में एसी व स्लीपर बसें

इस मौके पर परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार गोयल ने बताया कि अभी तक प्रदेशभर में निगम द्वारा उच्च श्रेणी की 366 हाई एंड बसों व साधारण बसों का संचालन किया जा रहा है, लेकिन जल्द से जल्द प्रदेश के सभी 75 जिलों में वातानुकूलित बसों का संचालन शुरू कराए जाने की योजना है। सभी जिलों में जनरथ या फिर शताब्दी बसें संचालित कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही परिवहन निगम स्लीपर बसों की भी शुरुआत करेगा इसके लिए परिवहन आयुक्त ने हरी झंडी दे दी है। कुछ महीने में ही 400 एसी बसें सड़क पर दौडऩे लगेंगी।

50 रुपए में मिलेगी समय सारिणी की पुस्तक

रोडवेज बसें किस समय कहां से संचालित होंगी और कितने बजे कहां पहुंचेंगी? इसकी जानकारी के लिए यात्रियों को अब इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं होगी। परिवहन निगम ने यात्रियों की सुविधा के लिए समय सारिणी पुस्तिका तैयार की है जो बस स्टेशन पर 50 रुपए में यात्रियों को उपलब्ध होगी। स्थापना दिवस के अवसर पर इस पुस्तिका का विमोचन किया गया।

मोबाइल एप का आग़ाज़

इस मौके पर परिवहन मंत्री ने स्मार्ट फोन धारक उपभोक्ताओं के लिए प्रतिष्ठित श्रेणी की सेवाओं में ऑनलाइन टिकटिंग के उद्देश्य से मोबाइल एप एवं पेमेंट गेटवे का शुभारंभ किया। इससे यात्री घर बैठे ही किसी भी समय बस में अपनी सीट ऑनलाइन बुक करा सकेंगे। ऑनलाइन टिकट बुक कराने में कोई समस्या न आए इसके लिए निगम ने गेटवे की भी सुविधा उपलब्ध कराई है।

अत्याधुनिक मशीनों से होगी बसों की सफाई-धुलाई 

परिवहन निगम की बसों की सफाई-धुलाई का काम अत्याधुनिक मशीनों से कराया जाएगा। जिसके लिए डिपो में वाशिंग प्लांट की स्थापना की जा रही है। अभी तक 42 डिपो में ऑटोमेटिक बस वाशिंग प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं जिसके बाद बसों की सफाई का काम मशीनों से किया जा रहा है। वर्तमान में 50 डिपो में ऑटोमेटिक बस प्लांट लगाए जाने की प्रकिया गतिशील है। नवम्बर तक इन डिपो में वाशिंग प्लांट का काम पूरा कर लिया जाएगा जिसके बाद बसों की सफाई व धुलाई मशीनों से ही कराई जाएगी।

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