आज ग्‍लोबल आतंकी घोषित हो सकता है मसूद, चीन के रुख पर नजर

आज ग्‍लोबल आतंकी घोषित हो सकता है मसूद, चीन के रुख पर नजर

लखनऊ। पुलवामा आतंकी हमले में जैश-ए-मोहम्‍मद का नाम आने के बाद से ही भारत इस आतंकी संगठन को घेरने में लगा है। इसी कड़ी में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में आज जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किया जा सकता है। भारत के इस प्रयास को अमेरिका का भी साथ मिला है। हालांकि, पूरे मामले में चीन का रुख सबसे अहम होगा, क्योंकि चीन हर बार मसूद अजहर से जुड़े इस प्रस्ताव पर रोड़ा अटकाता आया है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता रॉबर्ट पालाडिनो ने कहा, ''अमेरिका और भारत आतंकवाद विरोधी प्रयासों में शामिल है। जैश-ए-मोहम्मद और इसके संस्थापक मसूद अजहर के बारे में हमारे विचार सर्वविदित हैं। जैश एक संयुक्त राष्ट्र-नामित आतंकवादी समूह है। मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक और वह संयुक्त राष्ट्र द्वारा ग्‍लोगल आतंकी घोषित करने के मानदंडों को पूरा करता है। जैश-ए-मोहम्मद कई आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है और क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के लिए खतरा है।''

पालाडिनो ने कहा, ''मैं कहूंगा कि अमेरिका और चीन क्षेत्रीय स्थिरता और शांति को प्राप्त करने के लिए आपसी हित साझा करते हैं, और जैश-ए-मोहम्मद के नेता मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकियों के सूची में शामिल न करने से इस लक्ष्य को प्राप्‍त करना मुश्‍किल है।''

भारत लंबे समय से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर को ग्‍लोबल आतंकी घोषित करने की मांग करता रहा है। इसके तहत दुनिया के तीन बड़े ताकतवर देशों अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र में 28 फरवरी को इस बारे में प्रस्ताव पेश किया था। इस प्रस्ताव पर बुधवार को संयुक्त राष्ट्र में चर्चा होनी है। अगर चीन ने इसमें रोड़ा न अटकाया तो मसूद अजहर को ग्‍लोबल आतंकी घोषित कर दिया जाएगा। ऐसे में इस मामले में सबकी निगाहें चीन के रुख पर टिकी हुई है।

अड़ंगा लगाता रहा है चीन

इससे पहले चीन ने तीन बार मसूद अजहर को ग्‍लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्‍ताव पर वीटो कर दिया है। मसूद को ग्‍लोबल आतंकी घोषित करने का प्रस्‍ताव सबसे पहले 2009 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा समिति में रखा गया। इसके बाद 2016 में यह प्रस्‍ताव लाया गया, फि‍र 2017 में अमेरिका ने ब्रिटेन और फ्रांस के समर्थन से प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन हर बार चीन ने इस प्रस्ताव पर अड़ंगा लगा दिया। चीन कहता आया है कि इस मामले में केवल बातचीत से ही समाधान निकल सकता है। वो क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता है और इसके प्रयास जारी हैं।

बता दें, पुलवामा आतंकी हमला 14 फरवरी को हुआ था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। इस हमले को कराने में जैश-ए-मोहम्मद का नाम सामने आया था। इससे पहले भी मसूद अजहर ने भारत में कई आतंकवादी हमले कराए हैं, जिसमें संसद भवन पर हमला, उरी में आर्मी कैंप पर हमला शामिल है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में अस्‍थ‍िरता फैलाने में भी इसकी भूमिका रही है।

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