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कोहरे के कारण सर्दियों में 15000 ट्रेनें हुईं प्रभावित

नई दिल्ली (भाषा)। देश में रेलगाडि़यों के लेट होने की लगातार बढ़ती घटनाओं के बीच ट्रेनों को लेट होने से रोकने के लिए अनेक उपाय किए जा रहे हैं।

एक से 16 अप्रैल के बीच रेलवे की समय की पाबंदी दर पिछले वर्ष इस अवधि की तुलना में पांच प्रतिशत कम हो गई है। यह 84 प्रतिशत से 79 प्रतिशत पर पहुंच गई है। रेलवे बोर्ड के सदस्य मोहम्मद जमशेद ने कहा, “ट्रेनों के समय पर संचालन को रेलवे उच्च प्राथमिकता देता है। ट्रेन संचालन में सुधार निरंतर प्रयास है और समय में सुधार के लिए अनेक उपाए किए जा रहे हैं।” क्षमतागत बाधाएं और प्रतिकूल मौसम स्थितियां ट्रेनों के विलंब से चलने के कुछ कारण हैं। पिछले वर्ष नवंबर से 2017 फरवरी तक कोहरे के कारण 15 हजार ट्रेनें प्रभावित हुई थी।

जमशेद ने कहा, “इस समय अवधि के दौरान पूरा उत्तरी क्षेत्र घने कोहरे की चपेट में था जिसके कारण 10 जोनल रेलवे में ट्रेन संचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ था।” हालांकि इस दौरान कोहरे में भी अधिकतर ट्रेनें चल रहीं थीं इसके बावजूद 3700 ट्रेनों को रद्द किया गया था। ट्रेनों में देरी को कम करने के लिए उठाए जाने वाले नए कदमों मंे क्षमता वृद्धि परियोजनाएं, स्टेशनों में अतिरिक्त लूप लाइनों का निर्माण तथा ट्रैक लाइनों को दोहरीकरण अथवा तिहरा करना शामिल है।

जोनल रेलवे की परफॉमेंस समीक्षा से पता चला है कि उत्तर पूर्व रेलवे में समय की पाबंदी में काफी गिरावट आई है। इसके अलावा देरी का एक कारण भीड भी है क्योंकि समय के साथ यातायात बढा है लेकिन ट्रैकों की संख्या नहीं बढ़ी है।