1984 सिख दंगा: कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को अदालत ने सुनाई उम्र कैद की सजा

एक नवम्बर 1984 को दिल्ली के कैंट इलाके के राजपुर में हज़ारों लोगों की भीड़ ने सिख समुदाय के लोगों पर हमला कर दिया था। इस दंगे में सज्जन कुमार को अदालत ने दोषी करार दिया है।

  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • koo
सिख दंगे, सज्जन कुमार दोषी, सज्जन कुमार, sajjan kumar convicted, Congress leader Sajjan Kumar, 1984 सिख दंगे, 1984 anti Sikh riots, sikh riot, verdict, Delhi High court, Sajjan kumarसाभार: इंटरनेट

लखनऊ। 1984 के सिख विरोधी दंगे में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को अदालत ने उम्र की की सज़ा सुना दी है। यह दंगा पांच लोगों की मौत से जुड़ा है। यह दंगा दिल्ली के कैंट इलाके के राजपुर में एक नवम्बर 1984 में हुआ था जहां हज़ारों लोगों की भीड़ ने सिख समुदाय के लोगों पर हमला कर दिया था।

इस हमले में एक परिवार के तीन भाइयों नरेंद्र पाल सिंह, कुलदीप और राघवेंद्र सिंह की हत्या कर दी गयी। वहीं एक दूसरे परिवार के गुरप्रीत और उनके बेटे केहर सिंह की मौत हो गयी थी।

1984 anti-Sikh riots: Delhi High Court convicts Congress leader Sajjan Kumar, reverses the judgement of trial court which acquitted him, earlier. pic.twitter.com/cN94l4NevD

सिख दंगे से जुड़ा यह केस 1994 में दिल्ली पुलिस ने बंद कर दिया था लेकिन 2005 में नानावटी कमीशन की एक रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में फिर से केस दर्ज किया गया। निचली अदालत ने इस मामले में कई नेताओं, पूर्व कांग्रेस पार्षद बलवान खोखर,रिटायर्ड नौसेना के अधिकारी कैप्टन भागमल,गिरधारी लाल और भी दो लोग) को दोषी करार दिया था। इस मामले में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के खिलाफ कोई सबूत न मिलने की वजह से उन्हे बरी कर दिया गया था।

इसके बाद पीड़ित पक्ष ने हाइकोर्ट में गुहार लगाई। उसी साल दिल्ली हाइकोर्ट ने 29 अक्टूबर को केस के फैसले को सुरक्षित रख लिया था। इस दंगे के मामले की पैरवी लंबे समय से आत्मा सिंह लुबाना कर रहे थे। 1984 के सिख दंगे से जुड़े पांच मामले कांग्रेसी नेता सज्जन कुमार के खिलाफ चल रहे थे।

इंदिरा गांधी की हत्या को लेकर हुआ सिखों के विरूद्ध दंगा

1984 में सिखों के विरूद्ध हुए दंगों की वजह इंदिरा गांधी की हत्या थी जो उनके अंगरक्षकों द्वारा की गई थी। उनके अंगरक्षक सिख थे। इसी कारण कांग्रेस का समर्थन करने वालों ने सिखों के विरूद्ध दंगे किये थे। इन दंगों में लगभग 3000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।

इन दंगों में कई कांग्रेसी नेता भी शामिल थे और उन्ही के नेतृत्व में यह दंगे हुए थे। इन दंगो में कई अपराधियों , बलवान खोखर, भागमल, गिरधारी के साथ-साथ और भी दो लोगों को सज़ा दी गई थी लेकिन इसमें कांग्रेसी नेता सज्जन कुमार बच निकले थे। लेकिन अब अदालत ने उन्हे उम्र कैद की सज़ा सुना दी है।

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने ट्वीट करते हुए लिखा कि "दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा न्याय में देरी होने से सज्जन कुमार का दृण विश्वास जुड़ा हुआ है। 1984 के दंगों के पापों के लिए कांग्रेस और गांधी परिवार की विरासत का भुगतान जारी रहेगा।"


   

Next Story

More Stories


© 2019 All rights reserved.