2.69 लाख किसानों तक नहीं पहुंच पाई पीएम किसान निधि की पहली किस्त

2.69 लाख किसानों तक नहीं पहुंच पाई पीएम किसान निधि की पहली किस्त

लखनऊ। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान योजना) के तहत मिलने वाली पहली क़िस्त 2.69 लाख किसानों तक नहीं पहुंची है। यह जानकारी खुद कृषि राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने शुक्रवार को राज्यसभा में दी। पुरुषोत्तम रूपाला के मुताबिक ऐसा इसलिए हुआ क्यों कि इन किसानों के बैंक खातों की जानकारी राज्य सरकारों ने केन्द्र सरकार को त्रुटिपूर्ण तथ्य मुहैया कराने के कारण हुआ है।

उन्होंंने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि आठ राज्यों (असम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, झारखंड, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड) के 2,69,605 किसानों के बैंक खातों की जानकारियां गलत भेजी गई थी, जिसके कारण इन्हें पहली किस्त नहीं मिल पाई। हालांकि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से इन त्रुटियों को दुरुस्त कर सही विवरण मंत्रालय को देने को कहा है।

रूपाला ने बताया कि दिल्ली के किसानों को भी पीएम किसान योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। रुपाला ने कहा कि मंत्रालय को यह ब्योरा मिलते ही दि‍ल्ली के किसानों को इस योजना में मिलने वाली राशि जारी कर दी जायेगी। रुपाला ने कहा कि कृषि भूमि के मालिक किसानों का ब्योरा केन्द्र सरकार के साथ साझा करने में राज्य सरकारें बढ़ चढ़ कर रुचि ले रही हैं लेकिन दि‍ल्ली और पश्चिम बंगाल जैसे चुनिंदा राज्य ब्योरा नहीं दे रहे हैं।


दोनों राज्य सरकारों से लाभार्थी किसानों का ब्योरा केन्द्र सरकार के साथ साझा करने का अनुरोध किया। रुपाला ने बताया कि योजना में अधिकतम दो हेक्टेयर जमीन के मालिक किसानों को ही इस योजना में सम्मान राशि दी जाती है। सरकार ने अब उन 14.5 करोड़ किसानों को भी इसमें शामिल करने का फैसला किया है जो इस योजना में शामिल नहीं थे।

रुपाला ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि तीन राज्यों, झारखंड, नगालैंड और मणिपुर में किसानों के भूस्वामित्व संबंधी ब्योरा नहीं मिल पाया है। उन्होंने बताया कि मणिपुर और नागालैंड में अधिकतर कृषि भूमि का मालिकाना हक किसानों के बजाय समुदायों के पास है। इसके समाधान के लिए मंत्रालय ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अभी तक 4.14 करोड़ किसानों के खाते में पहली किस्त और 3.17 करोड़ किसानों के खाते में दूसरी किस्त पहुंच चुकी है।



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