कोहरे से सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे पर लगाई गईं 400 फ़ॉग लाइटें

यमुना-एक्सप्रेस-वे के 165 किमी लंबे मार्ग पर प्रत्येक 400 मीटर की दूरी पर एक फ़ॉग लाइट लगाई गई है। पूरे मार्ग पर कुल 400 से अधिक लाइटें लगाई गई हैं ताकि कोहरे से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

कोहरे से सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे पर लगाई गईं 400 फ़ॉग लाइटें

मथुरा। सर्दियों में कोहरा पड़ने पर अक्सर हाईवे पर हादसे हो जाते हैं। यमुना एक्सप्रेस वे पर भी पिछले कई वर्षों में दर्जनों लोगों की जान गई है। इन सर्दियों में ऐसे हादसों से बचने के लिए एक्सप्रेव वे पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी ने 400 फ़ॉग लाइटें नोएडा से लेकर आगरा तक लगवाई हैं। यह लाइटें सर्दियों के दौरान कोहरे से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं से बचाव और यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए लगाई गई हैं। यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए और भी उपाय किए जा रहे हैं।

मेजर मनीष (यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी के प्रतिनिधि) ने मथुरा के जिला प्रशासन को जानकारी देते हुए बताया, "यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी ने शीत ऋतु के दौरान कोहरे की वजह से होने वाले सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए कई इंतजाम किए हैं।"

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यमुना एक्सप्रेस-वेसाभार: इंटरनेट

यमुना-एक्सप्रेस-वे के 165 किमी लंबे मार्ग पर प्रत्येक 400 मीटर की दूरी पर एक फ़ॉग लाइट लगाई गई है। पूरे मार्ग पर कुल 400 से अधिक लाइटें लगाई गई हैं। इन फ़ॉग लाइटों के लगने से घने कोहरे में भी वाहनों की दृश्यता बनी रहेगी जिससे कोहरे से होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सकेगा।

"माइलस्टोन अच्छी तरह दिख सके, इसके लिए विशेष प्रकार से चमकने वाले बोर्ड लगवाए जा रहे हैं जिससे वाहन चालक आवश्यकता होने पर अपनी लोकेशन आसानी से बता सके।" मेजर मनीष ने बताया।

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चालकों को गति नियंत्रण के लिए किया जा रहा है जागरूक

मेजर मनीष ने बताया, "गत वर्ष सर्दियों में 82 से ज्यादा बड़े हादसे हुए थे। इस बार एक्सप्रेसवे में हादसों से बचाव के लिए अन्य उपाय भी किए जा रहे हैं। हर टोल पर वाहन चालकों को स्पीड पर नियंत्रण रखने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से पर्चे बांटे जा रहे हैं। एक्सप्रेस-वे पर सेफ्टी लाइन (सफेद पट्टी) को और गाढ़ा बनाया जा रहा है जिससे वह दूर से ही नजर आ जाए।"

दुर्घटना होने पर सात अस्पताल घायलों की करेंगे मदद

मनीष ने बताया, "ऐहतियाती तैयारियों के साथ सात नए अस्पतालों से, दुर्घटना होने पर घायलों को चिकित्सकीय मदद दिलाने के लिए अनुबंध किया गया है। इनमें नोएडा का एक, मथुरा तथा आगरा के तीन-तीन अस्पताल शामिल हैं।"

दूसरी ओर इस संबंध में जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने बताया, "दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (संख्या-19) के अधिकारियों ने इस संबंध में बुलाई गई बैठक में कोहरे के दौरान सड़क दुर्घटनाओं पर रोक के लिए की गई तैयारियों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।"

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