जानिए कैसे आज वो भारत का सबसे बड़ा ग्रामीण मीडिया प्लेटफार्म है

जानिए कैसे आज वो भारत का सबसे बड़ा ग्रामीण मीडिया प्लेटफार्म हैगाँव कनेक्शन

गाँव कनेक्शन ने अपना पांच साल का सफर पूरा कर लिया है। चंद लोगों ने मिलकर कुछ साल पहले जो सपना देखा था आज वो एक सितारा बनकर गाँव से जुड़े, शहर से जुड़े, देश से जुड़े अनगिनत लोगों की आंखों में टिमटिमा रहा है। पांच साल के इस सफर में हमने कई उतार - चढ़ाव देखे। कई मुश्किलें आईं और कई उपलब्धियां भी।

हमारी कुछ ख़बरों को अगर देश के सबसे बड़े पत्रकारिता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया तो कुछ ऐसी भी ख़बरें थीं जिनमें हम अपने पाठक की उम्मीदों पर पूरी तरह खरे नहीं उतर पाए। हमारी कोशिश यही रही है कि हम सफलता को साथ लेकर चलें लेकिन गलतियों को न दोहराएं। आज गाँव कनेक्शन जहां भी है सिर्फ आप सबकी वजह से है... पांच साल पूरे होने का ये जश्न बस गाँव कनेक्शन का जश्न नहीं है... आप सबका जश्न है। इस जश्न को अपना बनाइए और पढ़िए कैसा रहा इस ग्रामीण मीडिया प्लेटफॉर्म का अब तक का सफ़र...

गांव के लोगों, किसानों के अख़बार गांव कनेक्शऩ की शुरुआत 2 दिसंबर 2012 को उत्तर प्रदेश के एक गांव में हुई थी। इन पांच वर्षों में गाँव कनेक्शन ने नए मुकाम हासिल किए, पहले साप्ताहिक, फिर दैनिक अखबार के बाद अब डिजिटल माध्यम से ग्रामीण भारत की अलग झलक को देश-दुनिया तक पहुंचा रहा है। इन पांच वर्षों में गाँव कनेक्शन को पत्रकारिता के क्षेत्र के कई उत्कृष्ट सम्मानों से सम्मानित किया गया। साथ ही गाँव कनेक्शन के काम को देश-विदेश की कई मीडिया संस्थानों ने इसके काम को सराहा।

हमारी उपलब्धियां

गाँव कनेक्शन ने अपने इस सफर में कई उपलब्धियां हासिल कीं। इन उपलब्धियों ने हमारा हौसला बढ़ाया। हमं प्रोत्साहित किया कि हम हमेशा पहले से बेहतर काम कर सकें और ग्रामीण भारत की तस्वीर को पूरे देश के सामने ला सकें।

इस लिंक पर क्लिक कर देखें गाँव कनेक्शन की उपलब्धियां

गाँव कनेक्शन : ईमानदारी की पत्रकारिता के पांच साल

गोयनका अवार्ड से नीलेश मिसरा और मनीष मिश्र को सम्मानित करतीं लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन।

कुछ ख़बरें जिन्हें सबसे ज़्यादा पढ़ा गया

हमारी कोशिश तो हमेशा यही रही है कि बेहतर और सामाजिक सरोकार से जुड़ी ख़बरें अपने पाठकों तक पहुंचाते रहें। इनमें से कुछ ख़बरें ऐसी थीं जिन्हें हमारे पाठकों ने काफी सराहा। उनमें से 5 ख़बरों को हमने छांटा है, एक बार फिर आप तक दोबारा पहुंचाने के लिए...

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सामाजिक मुहिम में भी रही हिस्सेदारी

पत्रकारिता के सरोकारों को पूरा करने के साथ ही गाँव कनेक्शन, स्वयं फाउंडेशन के साथ मिलकर कुछ सामाजिक मुहिम का भी हिस्सा बना। विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस, मलेरिया दिवस, महिलाओं के लिए मार्शल आर्ट्स, मृदा परीक्षण, जॉब फेयर, हेल्थ कैम्प, किसान गोष्ठी, बीज वितरण, पशुओं का टीकाकरण, डीएम चौपाल जैसे कई कार्यक्रमों का आयोजन उत्तर प्रदेश के 25 ज़िलों में किए। इन कार्यक्रमों के ज़रिए अगर हमने ग्रामीण भारत की कुछ समस्याओं को दूर करने की एक छोटी सी कोशिश की तो वहां से कई ऐसे मुद्दे भी हमें मिले जहां तक शायद हमारी नज़र भी नहीं पहुंची थी। आप इन लिंक पर क्लिक करके कुछ कार्यक्रमों से जुड़ी तस्वीरें देख सकते हैं...

गाँव कनेक्शन की मुहिम : उत्तर प्रदेश के 25 जिलों में ग्रामीण महिलाओं ने माहवारी दिवस पर तोड़ी चुप्पी

गाँव कनेक्शन की मुहिम: महामारी फैला रहे मच्छरों पर ग्रामीणों का हल्लाबोल

गाँव कनेक्शन की सामाजिक मुहिम : कराया था लाखों पशुओं का टीकाकरण

स्वयंफेस्टिवलः छात्राओं को दी जा रही मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग


रबी गोष्ठी में किसानों को दी गई उन्नत तरीके से खेती करने की जानकारी


क्योंकि शुभकामनाओं की सबको ज़रूरत है

5 वर्षों के इस सफर को पूरा करने पर हमें देश के कई दिग्गजों ने शुभकामना संदेश भेजे हैं। ये शुभकामनाएं भी सिर्फ हमारे लिए नहीं हैं बल्कि हमारे हर पाठक के लिए हैं, आपके लिए हैं। पढ़िए और वीडियो में देखिए, इन सितारों ने आपके गाँव कनेक्शन को किस तरह सराहा...

किसानों के लिए एक उम्मीद की तरह है गाँव कनेक्शन : वरुण गांधी

“हम पत्रकारिता में क्रांति तभी ला सकते हैं जब हम जरूरतमंदों की आवाज बनें”

‘जिंदगी लाइव’ के जरिए सरोकार की पत्रकारिता करने वालीं ऋचा अनिरुद्ध ने दी गांव कनेक्शन को बधाई

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