राहुल गांधी के गोद लिए गाँव में टंकी बनी, पानी नहीं मिला

राहुल गांधी के गोद लिए  गाँव में टंकी बनी, पानी नहीं मिलाराहुल गांधी ने रायबरेली के जगदीशपुर गाँव को लिया है. 

रायबरेली। “जब हमें पता चला राहुल गांधी हमारे गाँव को गोद लिए हैं तो हमें लगा कि हमारे गाँव की सूरत बदल जाएगी, लेकिन गोद लेने के तीन साल बाद तक गाँव में कुछ बदला है तो सिर्फ पानी की एक टंकी लग गई है, जिससे अभी पानी किसी को मिल नहीं रहा।’’ यह कहना है गाँव की रहने वाली फूल कली (50 वर्ष) का।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने रायबरेली जिले के डीह ब्लॉक के जगदीशपुर गाँव को गोद लिया था। यह गाँव अमेठी लोकसभा क्षेत्र में आता है। गोद लेने के समय एक बार राहुल गांधी उस गाँव गए, मगर उसके बाद कभी उस गाँव नहीं आए।

गाँव में बहुत बदलाव तो नहीं आया है। गाँव में बिजली की बहुत दिक्कत है। ग्राम सभा के एक मजरा राम बनकुटी में बिजली नहीं आती और कुछ जगहों पर बिजली बहुत कम आती है। एक प्रधान के रूप में सौ शौचालय बनवा रही हूं, लेकिन गाँव में ज्यादातर लोगों के पास शौचालय नहीं है। गोद लेने पर लगा था, बहुत विकास होगा हमारे गाँव का लेकिन बहुत बदलाव नहीं आया है।
प्रधान महादेवी

जगदीशपुर गाँव के रहने वाले पूर्व सैनिक राजेन्द्र शंकर मिश्रा बताते हैं, “राहुल गांधी के गोद लेने से हमारे गाँव को देश की मीडिया के लोग जान गए, बाकी यहाँ कुछ भी नहीं हो पाया। सडकें टूटी हैं। बारिश हो जाए तो घरों के सामने पानी भर जाता है। लोग खुले में शौच करने जाते हैं। गाँव में क्या बदला है। उस समय राहुल से ग्रामीणों ने अस्पताल, स्टेडियम और स्कूल की मांग की थी, लेकिन कुछ भी नहीं मिला है।’’

राहुल के गोद लिए गाँव में टंकी बनी, पानी नहीं मिला

इस ग्रामसभा में 22 मजरे हैं, जिसमें लगभग पांच हज़ार आबादी रहती है। शहीद अखिलेश सिंह के पिता विक्रमादित्य सिंह बताते हैं, “पहले हमलोग अमेठी में थे, 2014 में रायबरेली में आ गए। जब मेरा बेटा शहीद हुआ था तब भी राहुल गांधी जी आए थे और जब गोद लेने की बारी आई तो उन्होंने मेरे बेटे के कारण इसी गाँव को चुना। गाँव को चुने तो ख़ुशी हुई, लेकिन गाँव में कोई काम नहीं हुआ है। मेरे बेटे के नाम पर भी गाँव में कुछ भी नहीं हुआ।’’

शहीद अखिलेश सिंह के परिवार के साथ राहुल गांधी

गाँव में ज्यादातर लोग शौच के लिए बाहर जाते हैं

कुछ घरों के सामने शौचालय बनते हुए दिखते हैं। गाँव की रहने वाली प्रेम कली बताती हैं, ‘सुबह चार बजे हमें शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है। अगर किसी कारण से देरी हो गई तो हमें बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पुरुष भी बाहर ही जाते हैं, जिसके कारण हम परेशान रहते हैं। खेत सब यहाँ सपाट है।

राहुल गांधी के गाँव गोद लेने से हमें कोई फायदा नहीं हुआ। गाँव की प्रधान महादेवी बताती हैं, “गाँव में बहुत बदलाव तो नहीं आया है। गाँव में बिजली की बहुत दिक्कत है। ग्राम सभा के एक मजरा राम बनकुटी में बिजली नहीं आती और कुछ जगहों पर बिजली बहुत कम आती है। एक प्रधान के रूप में सौ शौचालय बनवा रही हूं, लेकिन गाँव में ज्यादातर लोगों के पास शौचालय नहीं है। गोद लेने पर लगा था, बहुत विकास होगा हमारे गाँव का लेकिन बहुत बदलाव नहीं आया है।’’

गाँव में शौचालय नहीं

जगदीशपुर ग्रामसभा कांग्रेस के अध्यक्ष प्रेमनाथ ग्रहरी बताते है, “केंद्र सरकार से हमें कोई मदद नहीं मिली है। मोदी सरकार एक गाँव को गोद लेकर उसे आदर्श बनाने के लिए तो कह दिया, लेकिन बजट कुछ दिया ही नहीं। एक सांसद अपने निधि का पूरा का पूरा पैसा एक गाँव में खर्च तो कर नहीं सकता है। राज्य में जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी तो उन्होंने राहुल गांधी के कहने पर गाँव में एक पानी की टंकी और श्मशान घाट का निर्माण करा दिया। एमएलसी दिनेश सिंह से कहकर गाँव में दस सोलर लाइट लगवा दिया। इसके अलावा हमारे यहां कुछ नहीं हो पाया।’’

(कम्युनिटी जनर्लिस्ट लोकेश कुमार)

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