धोनी के बाद अब झारखंड में 10 लाख से अधिक लोगों की लीक हो गई आधार जानकारी

धोनी के बाद अब झारखंड में 10 लाख से अधिक लोगों की लीक हो गई आधार जानकारी10 लाख से ज्यादा लोगों की आधार जानकारी लीक हो गई

लखनऊ। इन दिनों आधार कार्ड जानकारी लीक होने की खबरें इसके प्रमाणिकता पर असर डाल रही है। ताजा मामला झारखंड का है जहां 10 लाख से भी अधिक वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों की जानकारी एक सरकारी वेबसाइट पर लीक हो गईं।

घटना के अनुसार महिला व बाल कल्याण विभाग की एक वेबसाइट पर शनिवार शाम कई लाख पेंशन लाभार्थियों के नाम, पता, आधार नंबर और बैंक अकाउंट डिटेल्स जैसी निजी जानकारियां शनिवार शाम को दिखने लगी। यहां तक कि लोगों के बैंक अकाउंट की डिटेल भी वेबसाइट पर शेयर हो गई थी।

यह लापरवाही उस वक्त सामने आई जब शनिवार शाम रांची स्थित यूआईडीएआई ऑफिस ने महिला व बाल विभाग कार्यालय को कॉल करके उनकी वेबसाइट पर आधार जानकारी लीक होने की बात बताई। यह अब तक स्पष्ट नहीं है कि कितनी समय से यह जानकारी सरकारी वेबसाइट पर दिखाई जा रही है। देर शाम वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया गया।

इससे पहले झारखंड से ही ताल्लुक रखने वाले भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की भी आधार जानकारियां लीक होने से इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठे थे।

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र सरकार को हर चीज में आधार कार्ड जरूरी करने पर फटकार लगाई थी। साथ ही पैन कार्ड आवेदन के लिए आधार कार्ड को प्रूफ के रूप में इस्तेमाल करने से भी मना किया था।

झारखंड का मामाला आधार एक्ट के उसके नियम का उल्लंघन करता है जिसके अनुसार आधार नंबर की जानकारी सार्वजनिक रूप से पब्लिश नहीं की जा सकती।

यह लापरवाही उस वक्त सामने आई जब शनिवार शाम रांची स्थित यूआईडीएआई ऑफिस ने महिला व बाल विभाग कार्यालय को कॉल करके उनकी वेबसाइट पर आधार जानकारी लीक होने की बात बताई। यह अब तक स्पष्ट नहीं है कि कितनी समय से यह जानकारी सरकारी वेबसाइट पर दिखाई जा रही है। देर शाम वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया गया।

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में सोशल सिक्योरिटी के डायरेक्टर राम परवेश ने बताया, ‘हम इस घटना की गंभीरता से पूरी तरह वाकिफ हैं और यह खोजने की जांच की जा रही है कि आखिर ये गड़बड़ी हुई कैसे? उन्होंने यह भी बताया, डाटा और अन्य जानकारियां डायरेक्टर सेल की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट द्वारा मॉनिटर किया जाता है।’

झारखंड में कुल 16 लाख पेंशनर हैं, इनमें से 14 लाख लोगों ने अपने बैंक खाते को आधार से जोड़ दिया है।

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