जनता के फंड से निजी केस लड़ने में घिरी आम आदमी पार्टी, जानिए क्या है पूरा मामला

जनता के फंड से निजी केस लड़ने में घिरी आम आदमी पार्टी, जानिए क्या है पूरा मामलाआम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल।

नई दिल्ली। जनता के फंड से अपने निजी केस लड़ने के लिए खर्च करने के आरोप में घिरी आम आदमी पार्टी पूरे मामले पर सफाई देने सामने आई है। लेकिन मंगलवार सुबह बयानों के दौर से एक बार फिर पूरा माहौल गरमा चुका है। दरअसल, बीजेपी द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि "यह मसला क्रिकेट के भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है। जांच सरकार ने बिठाई थी इसलिए मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमे का बिल सरकार देगी, क्योंकि यह अरविंद केजरीवाल का कोई निजी मुकदमा नहीं था।"

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मनीष ने कहा कि क्रिकेट में भ्रष्टाचार रोकना सरकार की जिम्मेदारी थी। सरकार ने कदम उठाए। अब सरकार के द्वारा क्रिकेट में कराई जा रही जांच में लगे वकील की फीस अरविंद केजरीवाल व्यक्तिगत रूप से क्यों देंगे? इस मुकदमे को तो अब सरकार लड़ेगी। लेकिन बीजेपी ईवीएम स्कैम मामले से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे पैतरे अपना रही है। मनीष ने कहा वकील जेठमलानी डेढ़ साल से यह मुकदमा लड़ रहे हैं लेकिन यह बात आज हो रही है, क्योंकि ईवीएम का घोटाला सामने आने के बाद इनके पास कोई जवाब नहीं है। पूरा मुद्दा इन्होंने पलटने की कोशिश की है।

जेठमलानी ने कहा मुख्यमंत्री फीस नहीं देते तो वे फ्री में केस लड़ेंगे

इससे पहले वकील राम जेठमलानी ने सफाई में कहा कि अगर सरकार केस लड़ने के लिए उनका मेहनताना नहीं दे पाती है तो वे क्लाइंट अरविंद केजरीवाल को गरीब मानकर उनका केस मुफ्त में लड़ सकते हैं। आपको बता दें कि डीडीएस, व जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) मामले में अरविंद केजरीवाल द्वारा कथित तौर पर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली पर लगाए गए आरोपों के बाद जेटली ने उन पर व चार दूसरे नेताओं पर दिल्ली के पटियाला कोर्ट और हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। वहीं राजद सुप्रीमो लालू यादव ने कहा रामजेठमलानी को चाचा कहकर संबोधित करते हुए कहा है कि चाचा को पैसे की क्या कमी है, उन्होंने हमारा केस भी फ्री में लड़ा था।

3.86 लाख केजरीवाल को भरना है?

दिल्ली सरकार ने लेफ्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल को खत लिखकर अरविंद केजरीवाल के खिलाफ अरुण जेटली द्वारा दर्ज कराए गए मानहानि केस में कानूनी खर्चों के बिल का भुगतान कराने को कहा है। दिल्ली सरकार का वह खत बीजेपी प्रवक्ता तेजेंद्र बग्गा ने ट्विटर पर जारी किया, जिसमें 3.86 करोड़ रुपये के कानूनी खर्च के बिल का भुगतान कराने हैं।

ये है मामला

अरविंद केजरीवाल ने अरुण जेटली पर दिल्ली और जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। जेटली साल 2013 तक डीडीसीए के अध्यक्ष थे। आरोपों के खिलाफ जेटली अदालत गए और केजरीवाल के खिलाफ 10 करोड़ रुपये का मानहानि का दावा किया है।

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