गांव कनेक्शन साप्ताहिक अख़बार ...जानिए क्या है इस बार के संस्करण में आपके लिए ख़ास...

ग्रामीण भारत और किसानों की आवाज़ गांव कनेक्शन साप्ताहिक अख़बार 27 मई से 2 जून। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से प्रकाशित 20 पेज के अख़बार में उन मुद्दों को प्रमुखता दी जाती है, जिनमें गांव, किसान, महिलाएं और बच्चे शामिल होंते हैं।

गांव कनेक्शन साप्ताहिक अख़बार ...जानिए क्या है इस बार के संस्करण में आपके लिए ख़ास...

लखनऊ। ग्रामीण भारत और किसानों की आवाज़ गांव कनेक्शन साप्ताहिक अख़बार 27 मई से 2 जून। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से प्रकाशित 20 पेज के अख़बार में उन मुद्दों को प्रमुखता दी जाती है, जिनमें गांव, किसान, महिलाएं और बच्चे शामिल होंते हैं। देश के सबसे बड़े रुरल मीडिया प्लेट फार्म आप के लिए वो दो तरफा कनेक्शन है जहां दिल्ली और राज्यों की राजधानी में जो गांव के लिए होता है उसकी जानकारियां गांवों तक पहुंचाई जाती हैं। और जो गांव में हो रहा है उसे शहर तक पहुंचाते हैं। गांव कनेक्शन की कोशिश है, आप को सिर्फ ख़बरों से जागरुक ही न किया जाए बल्कि आप को गांव के करीब लाया जा जाए। ताकि आप अपनी जड़ों से और मजबूती से जड़े रहे हैं। ई-पेपर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें


किसान प्रोजेक्ट सीरीज के विशेष एडिशन में- कीटनाशक केंद्र बिंदु हैं, ये जानने की कोशिश की गई है, जब कीटनाशक दवा नहीं जहर हैं, वो कीटपतंगों और खरपतावार से फसलों को बचाते जरुर हैं, लेकिन किसान और खेत की सेहत के साथ अनाज खाने वालों पर बुरा असर डालते हैं, फिर कीटनाशक के विकल्प क्यों नहीं खोजे गए। जबकि अमेरिका समेत कई देशों में कई पेस्टीसाइड पर प्रतिबंद्ध लगा है, फिर वो भारत में क्यों बिकते हैं.. ये पूरी ख़बर पढ़ने के लिंक पर क्लिक करें..

इसके साथ ही पढ़िए रक्तरंजित सीरीज का छठा भाग.. आखिर बलात्कार के मामलों में इतना वक्त क्यों लगता है, क्यों तीन महीने की कानून प्रक्रिया में छह-छह साल लग जाते हैं। इसके साथ ही पढ़िए ठेका खेती और गेहूं खरीद के बाद में विशेष ख़बर।

अंदर के पन्नों में खास-

खेती किसानी- कृषि पर आधारित खेती किसानी पन्ने में इस बार कीटनाशकों के विकल्प के रूप में अपनाए जाने वाले आईपीएम के बारे में जानकारी दी गई है, क्योंकि नाशीजीव प्रबंधन से फसलों को बचा सकते हैं.. क्योंकि कीटनाशक को किसानों के मित्र कीटों को भी मारते हैं, जिससे नुकसान होता है। साथ मेंथा की पेराई करने वाले किसानों के लिए १० काम की बातें बताई गई हैं, ताकि उनका उत्पादन ज्यादा हो। सरकार की नई योजना मेढ़ों पर पौधे लगाने की जानकारी भी इस बार प्रमुखता से प्रकाशित की गई है।

खेती किसानी के दूसरे पर आलू की ख़बर है, जिसमें बताया गया है कैसे आलू किसानों के अच्छे दिन आए हैं। इस बार आलू के अच्छे रेट के चलते किसान खुश हैं। तीन साल बाद उन्हें थोक में ऐसा भाव मिला है।

विशेष में रक्तरंजित सीरीज, जिसमें बलात्कार के मामलों में होने वाली लेटलतीफी और पॉक्टों एक्ट की बारीकियां बताई गईं हैं। सात कुछ आमंत्रित लेखकों के लेख भी इस पेज पर पढ़ सकते हैं।

पशुधन

गाय, भैंस बकरी, सूकर, मुर्गीपालन, मछली पालन, बतख और बटेर के साथ लाइव स्टॉक (पशुधन) से जुड़ी ख़बरों वाले इस पेज पर विदेशी डेयरी पर ख़बर प्रकाशित की गई थी, पिछले दिनों एक भारतीय पशुपालकों का दल नीदरलैंड समेत कई दसों में गया था। वहां से लौटे किसानों के अनुभव खबर में शामिल किए गए हैं।

साथ ही घोडो़ं के लिए काल बनी बीमारी ग्लैंडर्स ने एक बार फिर अपना खौफ दिखाया है। अकेले बागपत में ही कई घोडो़ं को मौत की नींद सुला दिया गया है। पशु कैंलेंडर में पढ़िए जून में कैसे अपने पशुओं का ध्यान रखें, क्योंकि इस दौरान दूध तेजी से कम होता है।

बदलता इंडिया- गांव कनेक्शन का बहुत ही खास सेक्शन है, बदलता इंडिया.. ये वो पेज है जहां पर आप में हौसला भरने वाली ख़बरें प्रकाशित हैं, लोगों की जिंदादिली की कहानियां... ऐसे लोग जो कुछ खास करते हैं और समाज के लिए प्रेरणा बन जाते हैं। गांव कनेक्शन वेबसाइट पर बदलता इंडिया सेक्शन पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें..

युवा- इस बार की मुख्य ख़बर वकालत को लेकर हैं। पिछले कुछ वर्षों में कानून से स्नातक और परास्नातकों की मांग तेजी से पढ़ी है। वकालत के साथ ही कई कंपनियों में उन्हें कानूनी जानकार के रुप में बेहतर रोजगार मिल रहा है।

इसके साथ जो लोग जो लोग खाने-पीने के शौकीन हैं वो खाने में अपना रोजगार तलाश सकते हैं। न्यूट्रीशियन का क्षेत्र संभावनाओं से भरा है। ज्यादा जानाकारी के लिए वेबसाइट पढ़ें।

कहानी- देश के सबसे चहेते किस्सागो कहानीकार नीलेश मिसरा जो कहानियां रेडियो और ऐप पर सुनाते हैं वो आप गांव कनेक्शन में भी पढ़ सकते हैं। हर हफ्ते एक विशेष कहानी प्रकाशित की जाती है। इस बार की कहानी का नाम है महक मिट्टी की , जिसे लिखा है अनुलता राज नायर ने।


संवाद- गांव कनेक्शन का वो पन्ना है, जहां देश के कई जाने माने वरिष्ठ पत्रकार, स्तंभकार और विशेषज्ञों के लेख प्रकाशित होते हैं। वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार सिंह ने इस बार किसानों की आमदनी और सरकार की नीतियों पर लेख लिखा है। खेत-खलिहान उनका साप्ताहिक कॉलम है।

गांव कनेक्शन विशेष पेज-२ : इस बार केंद्र बिंदु हमारे और के घर का कूड़ा उठाने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले ये रैगपिकर्स किन हालातों में रहते हैं, क्या सोचते हैं और कैसे कटती हैं उनकी जिंदगी..

सेहत कनेक्शन- हर्बल आचार्य डॉ. दीपक आचार्य इस बार बता रहे हैं अनार के गुण.. कैसे अनार का सेवन आपको सेहतमंद रखता है और इसमें कौन-कौन से औषधीय गुण होते हैं।


देश- इस पेज पर पशुपालन, डेयरी और मत्यपालन विभाग और कृषि मंत्रालय की उस रिपोर्ट पर विशेष ख़बर है, जिसमें कहा गया है कि पिछले ३-४ वर्षों में न सिर्फ भारत में तेजी से दूध उत्पादन बढ़ा है बल्कि डेयरी संचालकों की आमदनी में करीब ३७ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही चमगादड़ से फैलने वाले निपाह वायरस से बचाव के तरीके बताए हैं। केजीएमयू के पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ वेद प्रकाश का इंटरव्यू।

चौपाल- ख़बरें सीधे गांव की, वो मुद्दे जो शहर तक नहीं पहुंच पाते थे, अधिकारियों तक पहुंचने से पहले दब जाते थे, गांव चौपाल में उन्हें प्रमुखता से प्रकाशित किया जाता है।

पड़ताल- भारत पर एक अदृश्य खतरा और गहराता जा रहा है, वो बेरोजगारी। इंडियास्पेड की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक भारत में रोजगार सृजन की दर सुस्त है, मौजूदा हालात में भारत को अस्सी लाख नौकरियों की जरुरत है।

नारी डायरी- महिलाओं और युवतियों को समर्पित इस पेज में न सिर्फ महिलाओं के मुद्दे उठाए जाते हैं, बल्कि ऐसी महिलाओं का हौसला बढ़ाया जाता है तो कुछ खास करती है। नई राहें बनाती हैं, दूसरों के लिए रोल मॉडल बनती हैं। इस बार खास हैं पशु सखी जो झारखंड के आदिवासी इलाकों में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बना रही हैं।

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