10वीं तक कृषि की पढ़ाई की जाए अनिवार्य : एबीवीपी

10वीं तक कृषि की पढ़ाई की जाए अनिवार्य : एबीवीपीखेती देश में अभी भी घाटे का सौदा

लखनऊ । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद देश के छात्रों को कृषि से परिचित कराने के लिए दसवीं तक एक विषय के रूप में कृषि की पढ़ाई को अनिवार्य करने की मांग की है। शुक्रवार को गन्ना संस्थान में एक प्रेस काफ्रेंस को संबोधित करते हुए एबीवीपी ने राष्ट्रीय महामंत्री विनय बिद्रे ने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से नई शिक्षा नीति के साथ ही कृषि शिक्षा नीति बनाने की मांग की।

लखनऊ में तीन दिन चली राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक के समापन के बाद मीडिया से रूबरु होते उन्होंने कहा कि देश में एक तरफ राष्ट्रवादी विचारधारा लगातार लोकप्रिय हो रही है वहीं दूसरी तरफ देश के खिलाफ साजिश करने वाले तत्व भी सक्रिय हैं। ऐसे लोगों को परिषद बेनकाब करेगी। इनके खिलाफ परिषद का वैचारिक अभियान जारी रहेगा।

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राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक के बारे में जानकारी देते हुए विनय बिद्रे ने कहा कि बैठक बहुत सफल रही ओर इसमें सभी प्रांतों की सहभागित रही जिसमें 344 सदस्य शामिल हुए। उन्होंने बताया कि नेपाल के मित्र संगठन प्रागिक विद्धार्थी परिषद के दो सदस्य भी बैठक में उपस्थित रहे। इन्होंने नेपाल में विद्यार्थियों के बीच चल रही गतिविधियों की जानकारी दी।

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एबीवीपी के महामंत्री ने कहा कि बंगाल और केरल में सत्ता पक्ष के संरक्षण में चल रही नक्सली गतिविधियां चिंता का विषय है। शहरों में बैठे सफेदपोश इनको वैचारिक और अन्य प्रकार की सहायता प्रदान करते हैं। अलगाववादी विचारधारा के ऐसे लेाग ही कश्मीर घाटी में युवकों को गुमराह करते हैं। विद्यार्थी परिषद इनका असली चेहरा सामने लाएगी।

किसान

उन्होंने कहा कि केरल में वामपंथी सरकार के शासन में 300 से ज्यादा राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है। ऐसे में केन्द्र सरकार इसमें हस्तक्षेप करे। विनय बिद्रे ने कहा कि केन्द्र में यूपीए की सरकार में उच्च शिक्षा से खिलवाड़ किया गया। अनेक ऐसे शिक्षण संस्थाओं को मान्यता दी गई जिनके पास उचित संसाधन नहीं था। ऐसे में केन्द्र की सरकार ने एबीवीपी की मांग है कि वह शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए व्यापक कदम उठाए।

एबीवीपी नेता ने कहा कि विकास की दौड़ में उत्तर प्रदेश पिछड़ गया है। यहां पर शिक्षा की स्थिति बहुत खराब है। बेरोजगारी बढ़ी है उद्योग नहीं लग रहे हैं। ऐसे में एबीवीपी ने सरकार से इन समस्याओं को दूर करने की मांग की है। उत्तर प्रदेश में छात्रसंघ चुनावों केा लेकर एबीवीपी के महामंत्री ने कहा कि लिंगदोह समिति के सिफारिशों के अनुसार पूरे प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में एक साथ एक ही दिन छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं। जिससे अराजक लोग चुनाव की प्रक्रिया से बाहर रहे।

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