एडवोकेट उज्जवल निकम ने कहा- मैं पाकिस्तान में जाधव का केस लड़ने को तैयार हूं

एडवोकेट उज्जवल निकम ने कहा- मैं पाकिस्तान में जाधव का केस लड़ने को तैयार हूंपाकिस्तान में जाधव का केस लड़ने को तैयार एडवोकेट उज्जवल निकम।

नई दिल्ली। पाकिस्तान में में कैद भारतीय नागरिक और पूर्व नौसेना के अधिकारी कुलभूषण जाधव की रिहाई के लिए स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर उज्जवल निकम ने कहा है कि वह पाकिस्तान जाकर केस लड़ने को भी तैयार हैं।

एडवोकेट उज्जवल निकम ने अनुरोध किया है कि जाधव केस को दोबारा, नए सिरे से पाकिस्तान की न्यायपालिका में लड़ा जाए, ताकि इस कानूनी कार्रवाई को इंडियन कॉन्सुलेट और संयुक्त राष्ट्र संघटन का प्रतिनिधि नजर रख सके, जिससे दुनिया को विश्वास हो कि पाकिस्तान ने जाधव को खुद को बेगुनाह साबित करने का पूरा मौका दिया।

एडवोकेट उज्जवल निकम ने पाकिस्तान को चुनौती दे डाली की। अगर पाकिस्तान में नए सिरे से जाधव का केस की सुनवाई की जाएगी तो वो खुद पाकिस्तान में जाकर कुलभूषण जाधव का केस लड़ेंगे, क्योंकि पाकिस्तान का कोई भी वकील जाधव को कानूनी मदद देने के लिए तैयार नहीं है। इसलिए एडवोकेट उज्जवल निकम पाकिस्तान में जाकर पाकिस्तान की अदालत में जाधव की तरफ से वकालत करने को तैयार हैं।

पाकिस्तान में उज्जवल निकम को वकालत करने की इजाजत पाकिस्तान नहीं देगा। इसीलिए सुरक्षा परिषद को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ेगा क्योंकि पाकिस्तान ने मानवाधिकार का उल्लंघन किया है, जेनेवा कन्वेंशन का उलंघन किया है। ऐसे हालात में जाधव जो कि एक विदेशी नागरिक है पाकिस्तान में उसे इंसाफ कैसे मिलेगा? वरिष्ठ वकील निकम ने कहा कि कुलभूषण जाधव को बचाना एक मात्र काम नहीं है। हिंदुस्तान की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है और इसलिए हर कोई चाहेगा कि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। सच्चाई दुनिया के सामने लाई जाएं। सुरक्षा परिषद को इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए भारत को दबाव बनाना होगा।

निकम को विश्वास है कि वो जाधव को निर्दोष साबित करके हिन्दुस्तान वापस लाएंगे क्योंकि उन्हें पता है कि पाकिस्तान के पास जाधव के खिलाफ कोई भी सबूत नहीं है, लेकिन हिंदुस्तान को अंतराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने के लिए पाकिस्तान ने ये नई चाल चली है।

'आज तक' के अनुसार विशेष सरकारी वकील उज्जवल निकम ने बताया के पाकिस्तान एक बनाना रिपब्लिक है और अस्थिर सरकार वाला देश है। उज्जवल निकम ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज के उस बयान पर ताज्जुब हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि फांसी की सजा सुनाए गए कुलभूषण जाधव को किसी से भी मिलने नहीं दे सकते।

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उज्जवल निकम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जिसे फांसी जैसी सजा सुनाई जाती है उस व्यक्ति को काउंसलर एक्सेस नहीं देना, ये साबित करता है पाकिस्तान की ओर से लिया गया जाधव इकबालिया बयान दवाब में लिया गया है। इसलिए कहीं पाकिस्तान की पोल न खुल जाए वो उसे किसी से मिलने नहीं देना चाहते।

जाधव का इकबालिया बयान लेते वक्त उसे टॉर्चर किया गया होगा और जब ये सच्चाई सामने आ जाएगी तो पाकिस्तान एक फिर दुनिया के सामने बेनकाब हो जाएगा। एडवोकेट निकम ने कहा पाकिस्तान का कानून, न्यायिक प्रक्रिया हिन्दुस्तान के कानून व्यवस्था की जैसी है, इसलिए किसी भी व्यक्ति का बयान अगर मारपीट कर लिया गया है तो कानून की भाषा में उसके कुछ मायने नहीं और इसलिए पाकिस्तान, जाधव से किसी को मिलने देने को तैयार नहीं है।

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