देश के 4.2 करोड़ किसानों को एसएमएस के जरिए भेजा जा रहा है कृषि मौसम विज्ञान विभाग की जानकारी

देश के 4.2 करोड़ किसानों को एसएमएस के जरिए भेजा जा रहा है कृषि मौसम विज्ञान विभाग की जानकारी

लखनऊ। सरकार ने मंगलवार को बताया कि कृषि मौसम वि‍ज्ञान विभाग देश के 4.2 करोड़ किसानों को सीधे एसएमएस के जरिए परामर्श भेज रहा है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री हर्षवर्धन ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।

हर्षवर्धन ने कहा कि अभी देश के 4.2 करोड़ किसानों को कृषि मौसम विज्ञान विभाग के परामर्श सीधे एसएमएस के जरिए मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को एसएमएस सहित प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, दूरदर्शन, रेडियो, इंटरनेट, मोबाइल फोन आदि का उपयोग करते हुए कृषि मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए किसान पोर्टल तथा सार्वजनिक निजी साझेदारी (पीपीपी) मोड के जरिए निजी कंपनियों के माध्यम से भी कृषि मौसम विज्ञान परामर्श का प्रसारण किया जाता है।

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 2020 तक देश के 660 जिलों के सभी 6,500 ब्लॉकों के मौसम का हाल बताने का वादा किया था। मौसम विभाग ने कहा था कि इस दिशा में प्रोजेक्ट पर तेजी से काम हो रहा है। इससे देश के 9.5 करोड़ ऐसे किसानों को फायदा होगा, जो हर साल मौसम के बारे में सटीक अनुमान न मिल पाने से भारी नुकसान उठाते हैं।

विभाग ने कहा था कि मौसम पूर्वानुमानों को और सटीक बनाना और कृषि मौसम परामर्श सेवाओं (एएएस) को अधिक उपयोगी बनाना सबसे चुनौती भरा काम है। मौसम विभाग जिला आधार पर एडवाइजरी जारी करता है। ब्लॉक स्तर तक मौसम की जानकारी देने के लिए विभाग ने पिछले साल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के साथ समझौता किया था।

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देश में 200 ब्लॉक में पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। हमारा लक्ष्य 2020 तक 660 जिलों के 6,500 ब्लॉकों तक पहुंच बनाने का है। इससे किसानों को मौसम की मार से हुए नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी। आईएमडी के उप महानिदेशक एस डी अत्री ने बताया था कि देश के 530 जिलों में ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के तहत कृषि विज्ञान केंद्र में ऐसी इकाइयों को स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।

वर्तमान में 4 करोड़ किसानों को एसएमएस और एम किसान पोर्टल के जरिए जिला स्तर पर मौसम का पूर्वानुमान उपलब्ध कराया जा रहा है। ब्लॉक स्तर पर सेवाओं का विस्तार करके 2020 तक 9.5 करोड़ किसानों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। (इनपुट भाषा)


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