“सरकारी खजाने पर पहला हक किसानों का”

“सरकारी खजाने पर पहला हक किसानों का”कृषि मंत्री ने कहा, किसानों का आय दोगुनी करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध।

केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार किसानों के कल्याण के लिए कदम उठा रही है। सिंह ने कहा कि मोदी सरकार के सत्ता में आने से 5 साल पहले कृषि क्षेत्र के लिए महज 1.21 लाख करोड़ रुपए का बजट था जब कि इस सरकार के आने पर यह बजट बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपए हो गया है।

केंद्रीय मंत्री ने तीसरे कृषि नेतृत्व शिखर सम्मेलन-2018 को संबोधित करते हुए कहा, "इससे पता चलता है कि मोदी सरकार कृषक समुदाय के कल्याण के लिए कितनी प्रतिबद्ध है।" उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने आय आधारित योजनाओं की शुरुआत की है जिससे किसानों को अपनी आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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विपक्ष पर हमला बोलते हुए सिंह ने कहा कि वह 2022 के बारे में बात करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाते हैं और पूछते हैं कि हम 2016 या 2017 के बारे में बातें क्यों नहीं करते हैं। सरकार ने 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि इसी कांग्रेस ने 1980 में दावा किया था कि 21वीं सदी में दुनिया नया भारत देखेगी।

सम्मेलन को संबोधित करने कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह।

सरकारी खजाने पर किसानों का पहला हक

उन्होंने कहा, "लेकिन उनके दावे कहां गए?" उन्होंने कहा कि सरकारी खजाने पर पहला हक किसानों का है और मौजूदा सरकार इसी उद्देश्य के साथ काम कर रही है। मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र के आवंटन के अतिरिक्त सूक्ष्म सिंचाई के लिए 5 हजार रुपए अलग से दिए गए हैं। इसी तरह सरकार ने 10,800 करोड़ रुपए का डेयरी ढांचागत एवं विकास कोष बनाया है तथा मत्स्यपालन को बढ़ावा देने के लिए 7 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

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