किसानों के सामने झुकी सरकार, माननी पड़ी किसानों की मांगें

किसानों के सामने झुकी सरकार, माननी पड़ी किसानों की मांगेंफोटो साभार: इंटरनेट

आखिरकार महाराष्ट्र के किसानों की मांगों के सामने फणडवीस सरकार को झुकना पड़ गया। किसानों से वादाखिलाफी पर महाराष्ट्र सरकार को लिखित रूप से किसानों की मांगें माननी पड़ी हैं। आपस में सहमति बनने पर किसान प्रतिनिधियों की ओर से भी आंदोलन खत्म करने का आश्वासन दिया गया है।

एक प्रतिष्ठित चैनल के अनुसार, महाराष्ट्र के आंदोलित किसानों के प्रतिनिधिमंडल और फणडवीस सरकार के बीच तीन घंटे तक चली बैठक खत्म हो चुकी है। किसान प्रतिनिधियों के साथ इस बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फणवनीस के साथ कमेटी के छह मंत्रियों समेत विपक्षी पार्टियों के नेतागण भी शामिल रहे।

इस बैठक में किसानों के प्रतिनिधिमंडल और महाराष्ट्र सरकार, दोनों के बीच सहमति बनी है। सरकार किसानों को लिखित में आश्वासन देगी कि किसानों की प्रमुख मांगों में कर्जमाफी और आदिवासी क्षेत्र में जमीन के पट्टे को लेकर अगले 6 महीने के अंदर निर्णय लिया जाएगा। इतना ही नहीं, किसानों की इन मांगों को लेकर चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनी मंत्रियों की एक कमेटी देखेगी। इतना ही नहीं, सरकार की ओर से 1.5 लाख रुपए तक का कर्ज किसानों का माफ किया जाएगा। वहीं बैठक खत्म होने के बाद किसानों का प्रतिनिधिमंडल वापस आजाद मैदान की ओर बढ़ चला है।

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बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री की ओर से बनाई गई विशेष कमेटी के प्रमुख मंत्री गिरीश महाजन ने कहा, “बैठक में किसानों के प्रतिनिधिमंडल से उनकी मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई है। किसानों की करीब 12 से 13 मांगों पर हर स्तर पर बातचीत के बाद किसानों प्रतिनिधियों ने भी सहमति जताई है।“

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री देवेंद्र फणडवीस ने कहा, “बैठक में हमारी सरकार ने किसानों की ज्यादातर मांगें मान ली हैं। कर्जमाफी से लेकर आदिवासी क्षेत्रों में जमीन का पट्टा दिए जाने को लेकर किसानों की मांगों को लेकर लिखित में आश्वासन दिया जाएगा, चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में यह कमेटी 6 महीनों में इन मांगों को पूरा करेगी।”

किसानों की घर वापसी के इंतजाम

सरकार की ओर से किसानों की घर वापसी के लिए इंतजाम किए गए हैं। सरकार की ओर से मंगलवार को सुबह 8:30 बजे और दूसरी 10:00 बजे मुंबई रेलवे स्टेशन से स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था की गई है। ये ट्रेन किसानों को भुसावल तक लेकर जाएगी।

बता दें कि नासिक से मुंबई की ओर पिछले 6 दिनों से पैदल यात्रा करते हुए आ रहे महाराष्ट्र के 35,000 किसानों की विधानसभा घेरने की तैयारी थी। किसानों की कर्जमाफी और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करने, बिजली बिल माफी समेत कई मांगें हैं। किसानों का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के साथ विश्वासघात किया है और योजनाओं के नाम पर किसानों से किए वादों को पूरा नहीं किया।

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First Published: 2018-03-12 18:55:44.0

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