देश भर में डॉक्टरों की हड़ताल से बेहाल हो रहे मरीज, डॉक्‍टरों का साथ देने उतरा एम्‍स

देश भर में डॉक्टरों की हड़ताल से बेहाल हो रहे मरीज, डॉक्‍टरों का साथ देने उतरा एम्‍स

लखनऊ। पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के साथ हिंसा के बाद जारी हड़ताल को 7 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। बंगाल के डॉक्टरों के समर्थन में पूरे देश के डॉक्टर एकजुट हो गए हैं। ऐसे में देश के हर राज्‍य में डॉक्‍टर्स हड़ताल कर रहे हैं। इस दौरान एम्‍स ने भी डॉक्‍टरों का समर्थन किया है।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जिसने पहले हड़ताल से अलग रहने का फैसला लिया था वह अब इसमें शामिल होगा। आज दोपहर 12 बजे से कल सुबह छह बजे तक डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। इससे पहले एम्स के रेसीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने कहा था कि वह सोमवार सुबह आठ से नौ बजे तक मार्च करेगा लेकिन आईएमए की हड़ताल में हिस्सा नहीं लेगा।

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉक्टर हड़ताल पर है।


वहीं राजस्थान में जयपुरिया अस्पताल तके डॉक्टर हड़ताल पर हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने आज देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है।

गुजरात के वडोदरा में सर सयाजीराव जनरल अस्पताल के डॉक्टरों ने ओपीडी के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बंगाल हिंसा के विरोध में आज देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) त्रिपुरा शाखा के महासचिव, डॉक्टर एस देबबर्मा ने कहा, 24 घंटों तक त्रिपुरा गवर्नमेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन और आईएमए त्रिपुरा के डॉक्टर ओपीडी सेवा नहीं लेंगे। सभी पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा के विरोध में प्रधर्शन करेंगे। ओपीडी के अलावा बाकी सेवाएं सुचारू रूप से चलेंगी।

असम के गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों पर हुई हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

ओडिशा के भुवनेश्वर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान के डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया।

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों पर हुई हिंसा के खिलाफ रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के डॉक्टर भी आ गए हैं। उन्होंने आज विरोध प्रदर्शन किया।

मध्यप्रदेश में भोपाल एम्स के डॉक्टरों ने पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों पर हुई हिंसा के विरोध में प्रदर्शन किया।


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