अमरनाथ यात्रा: आतंकी हमलों में अक्सर होता है मोबाइल फोन का इस्तेमाल, सीआरपीएफ लगाएगी 20 जैमर

अमरनाथ यात्रा: आतंकी हमलों में अक्सर होता है मोबाइल फोन का इस्तेमाल, सीआरपीएफ लगाएगी 20 जैमरसाभार इंटरनेट।

नई दिल्ली। सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दक्षिण कश्मीर में सालाना अमरनाथ तीर्थयात्रा के लिए अतिरिक्त बलों तथा जैमरों के साथ सुरक्षा बढ़ायी जा रही है। बल के महानिरीक्षक (आईजी) एवी चौहान ने कहा कि नियमित सुरक्षा उपायों के अलावा अतिरिक्त बलों की तैनाती की जाएगी और नए उपकरण लगाए जाएंगे। इस साल शांतिपूर्ण अमरनाथ यात्रा सुनिश्चित करने के लिए 20 मोबाइल जैमरों के अलावा कुछ स्थिर जैमर भी लगाए जाएंगे।

जैमरों का उपयोग मोबाइल फोन के सिग्नल रोकने के लिए किया जाता है ताकि मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया जा सके। आतंकवादी हमलों में अक्सर मोबाइल फोन के जरिए संवाद स्थापित किया जाता है। कश्मीर में इन गर्मियों में प्रदर्शन जारी रहने के बीच, पठानकोट से जवाहर सुरंग तक राजमार्ग पर अतिरिक्त बल तैनात किए जाएंगे।

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उन्होंने कहा कि गश्ती दलों को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि हम हर तीर्थयात्री का ख्याल रखेंगे।

29 जून से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा

किश्तवाड़ और भद्रवाह के एक दिवसीय दौरे पर आए आईजी ने अमरनाथ यात्रा के अलावा आगामी यात्रा मौसम के लिए सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों पर भी चर्चा की। इन यात्राओं में कैलाश यात्रा, मणिमहेश यात्रा, त्रिशूल भेंट यात्रा और मचैल यात्रा शामिल हैं। अमरनाथ यात्रा 29 जून को शुरू होगी और सात अगस्त को समाप्त होगी। इस साल की यात्रा के लिए 1.30 लाख तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया है।

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