सरकारी जमीन नहीं ली है और न ही बोफोर्स की तरह दलाली खाई है - अमित शाह 

सरकारी जमीन नहीं ली है और न ही बोफोर्स की तरह दलाली खाई है - अमित शाह अमित शाह (बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष )

लखनऊ। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे पर उठ रहे अनगिनत सवालों के जवाब में आज एक प्रतिष्ठित न्यूज़ चैनल (आजतक) को दिए अपने बयान में बेटे के बचाव में अमित शाह ने कहा कि मैं पहले स्पष्ट कर दूं कि कंपनी ने एक रुपये का व्यापार सरकार के साथ नहीं किया है, एक रुपये की मदद नहीं ली है, सरकारी जमीन नहीं ली है और न ही बोफोर्स की तरह दलाली खाई है तो इसमें करप्शन का सवाल ही पैदा नहीं होता।

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अपने बेटे जय शाह की कंपनी के टर्नओवर को लेकर उठ रहे सवालों पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पहली बार सफाई दी है। अमित शाह ने साफ कहा कि जय शाह की कंपनी में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है जिसका प्रमाण है उनके द्वारा सौ करोड़ का मानहानि का केस क्योंकि कांग्रेस पर आजादी के बाद से इतने आरोप लगने के बाद भी कभी उस पार्टी में इतना नैतिक साहस नहीं हुआ कि वो ऐसा केस कर पाती।

अमित शाह से पूछा गया कि आरोप लग रहा है कि जय शाह की कंपनी का टर्नओवर 5 हजार से बढ़कर 80.5 करोड़ रुपये हो गया। विपक्ष पूछ रहा है कि ये कैसे हो गया?

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जवाब में अमित शाह ने कहा 'अच्छा किया आपने ये सवाल उठाया। मैं आपके कार्यक्रम के माध्यम से, पहले कुछ सवाल उठाना चाहता हूं फिर जवाब दूंगा। कांग्रेस पर आजादी के बाद से इतने करप्शन के आरोप लगे, ('...और ये करप्शन का आरोप नहीं है, किसी ने ऐसा आरोप नहीं लगाया') लेकिन कांग्रेस ने एक भी मानहानि का, और सौ करोड़ की मानहानि का केस किया क्या? नहीं किया तो इतनी हिम्मत क्यों नहीं हुई? जय ने आज आपराधिक मानहानि का केस फाइल किया है। विपक्ष जांच की मांग कर रहा है, जय ने तो स्वयं जांच मांगी है अब आपके पास जो तथ्य हैं लेकर पहुंच जाइए कोर्ट में। कोर्ट फैसला करेगी, हमने स्वयं जांच को आमंत्रित किया है।

शाह ने बताया कि जय ने चावल, मक्का आदि का निर्यात किया और धनिया आयात किया और 80 करोड़ का टर्नओवर बताकर वो बताते नहीं हैं कि कितना मुनाफा हुआ है क्योंकि 80 करोड़ का टर्नओवर होने के बाद ही डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ है तो कहां मनी लॉन्ड्रिंग हुई। सारा लेनदेन चेक से हुआ सारा बैंक से हुआ।

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जब अमित शाह ने पूछा गया कि क्या जय शाह की कंपनी को जिस तरह के अनसिक्योर्ड लोन मिले, लेटर ऑफ क्रेडिट मिले तो क्या वो किसी छोटी कंपनी को मिल सकते हैं अगर वो अमित शाह के बेटे की नहीं है?

इस सवाल पर अमित शाह का जवाब था कि पहले तो लोन नहीं मिला है, लेटर ऑफ क्रेडिट मिला है और लेटर ऑफ क्रेडिट इस शर्त पर मिला है कि उसका सौ फीसदी देकर माल उठाना है। बैंक एक पैसा लोन नहीं दे रही है, उल्टा कैश मार्जिन पढ़ा रहता था हमारा वहां। बैंक का पूरा पैसा वापस कर दिया गया और सूद भी चुकता कर दिया गया।

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