फसल बीमा योजना के तहत 5.61 करोड़ किसानों के मिले आवेदन: कृषि मंत्री

फसल बीमा योजना के तहत 5.61 करोड़ किसानों के मिले आवेदन: कृषि मंत्री

लखनऊ। पिछले वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत कवरेज के लिये सरकार को किसानों से 5.61 करोड़ आवेदन प्राप्त हुये है। कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि इस योजना के तहत बीमा कंपनियों के द्वारा वास्तविक अथवा प्रीमियम दर का शुल्क लिया जाता है।

प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना से जुड़े एक अन्य सवाल के जवाब में तोमर ने बताया कि किसानों को वृद्धावस्था में कोई बचत न होने के कारण जीवन यापन के स्रोत नहीं होने की स्थिति में उन्हें सामाजिक सुरक्षा नेट प्रदान करने के लिये प्रधानमंत्री मान धन योजना नामक वृद्धावस्था पेंशन योजना शुरु की है।

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उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 18 से 40 साल की उम्र वाले सभी छोटे एवं सीमांत किसानों को शामिल करते हुये 60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर न्यूनतम निर्धारित पेंशन के रूप में 3000 रुपये प्रतिमाह देने का प्रावधान किया गया है। यह स्वैच्छिक तथा अंशदान आधारित पेंशन स्कीम है, इसमें सदस्य किसान और सरकार का समान अंशदान होता है।

खरीफ सीजन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल को बीमित कराने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। धान समेत कई फसलों का योजना के तहत बीमा किया जा रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों ने अपील की है कि वो 31 जुलाई तक इस सीजन के लिए अपनी फसलों का बीमा करा लें।

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इसके अलावा प्रधानमंत्री किसान निधि योजना का लाभ देश के हर किसान को मिलेगा। भारत सरकार इस फैसले को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। लेकिन नई योजना के तहत कुछ लोगों को इस योजना से बाहर रखा गया है। 8 जून को इस फैसले को अधिसूचित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों लाभार्थियों की पहचान करने को कहा था। राज्यों को यह भी पहचान करनी होगी कि कौन से लोग इस योजना के दायरे में नहीं आते हैं। (इनपुट भाषा)


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