लंबी लुका-छिपी के बाद इंदौर के आश्रम से पकड़ा गया था आसाराम

लंबी लुका-छिपी के बाद इंदौर के आश्रम से पकड़ा गया था आसारामआसाराम। 

इंदौर। नाबालिग लड़की के यौन शोषण के दोषी करार दिए गए आसाराम को लम्बे नाटकीय घटनाक्रम के दौरान उसके स्थानीय आश्रम से 31 अगस्त 2013 की देर रात गिरफ्तार किया गया था।

चश्मदीदों के मुताबिक 30 अगस्त 2013 की रात तक रहस्य बरकरार था कि आसाराम अपने खंडवा रोड स्थित आश्रम में है या नहीं। लेकिन इसके अगले ही दिन जब आश्रम में प्रवचनकर्ता के समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा और वहां भारी पुलिस बल तैनात करते हुए इस परिसर के भीतर मीडिया को प्रवेश से रोक दिया गया, तो माजरा समझ आने लगा।

मीडिया के भारी जमावड़े के बीच 31 अगस्त 2013 को सुबह से लेकर शाम तक पल-पल बदलते घटनाक्रम से आसाराम के अपने आश्रम में ही मौजूद होने के संकेत मिलने लगे। रात साढ़े आठ बजे के आस-पास जब जोधपुर पुलिस का दल आश्रम के भीतर दाखिल हुआ, तो इसमें कोई संदेह नहीं रह गया कि प्रवचनकर्ता इस परिसर के भीतर ही है।

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बहरहाल, स्थानीय अधिकारी बताते हैं कि जोधपुर पुलिस के दल को आश्रम के भीतर दाखिल होने के बाद आसाराम को गिरफ्तार करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। पुलिस दल करीब चार घंटे तक आश्रम में रहा। इस दौरान आश्रम के भीतर प्रवचनकर्ता के सैकड़ों अनुयायियों का हंगामा और नारेबाजी जारी रही।

लम्बे सब्र के बाद जोधपुर पुलिस ने आखिरकार सख्त रवैया अपनाया था। स्थानीय पुलिस की मदद से पुख्ता तैयारियों के बाद आसाराम को 31 अगस्त 2013 की देर रात उसके आश्रम से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में उसे सफेद जीप में बैठाकर सीधे देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डे ले जाया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि आसाराम को रात भर हवाई अड्डे में ही रखा गया था। इसके अगले दिन यानी एक सितंबर 2013 को उसे हवाई मार्ग से जोधपुर ले जाया गया था।

(साभार: एजेंसी)

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