BJP की ये सरकार दो से अधिक बच्चे होने पर नहीं देगी नौकरी

BJP की ये सरकार दो से अधिक बच्चे होने पर नहीं देगी नौकरीअसम सरकार जनसंख्या को लेकर न सिर्फ गंभीर है। फोटो: साभार इंटरनेट

नई दिल्ली। असम सरकार जनसंख्या को लेकर न सिर्फ गंभीर है, बलि्क उसने इसे लेकर नियम भी बनाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में असम सरकार ने मसौदा पेश किया है। इसमें दो से अधिक संतान वाले लोगों को सरकारी नौकरी नहीं देने के साथ ही राज्य में सभी बालिकाओं को विश्वविद्यालय स्तर तक की शिक्षा निशुल्क देने का प्रस्ताव रखा गया। असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंता विश्व सरमा ने गुवाहाटी में मीडिया से बताया कि हमने सुझाव दिया है कि दो से अधिक संतान वाला व्यकि्त किसी भी सरकारी नौकरी के लिए पात्र नहीं होंगे। साथ ही इस शर्त को पूरा वाले स्टाफ को अपने सेवाकाल के अंत तक इसे लागू रखना होगा।

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यही नहीं सरमा के अनुसार सरकारी योजनाएं यथा ट्रैक्टर देने, आवास उपलब्ध कराने और अन्य ऐसी लाभ वाली सरकारी योजनाओं के लिए भी यही नीति लागू होगी। इसके अलावा राज्य निवार्चन आयोग के अधीन होने वाले पंचायत, नगर निकाय व स्वायत्त परिषद चुनावों में भी इस नियम का पालन करना आवश्यक होगा। वहीं राज्य के शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य विश्वविद्यालय स्तर तक सभी लड़कियों को निशुल्क शिक्षा देना भी है। उन्होंने कहा, हम शिक्षा शुल्क, परिवहन, किताबें और छात्रावास में भोजन आदि सभी सुविधाएं निशुल्क देना चाहते हैं। इससे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या में इजाफा होगा।

जुलाई तक सुझाव आमंत्रित

सरमा ने बताया कि इस मसौदे पर लोग जुलाई तक अपनी राय दे सकते हैं। इसके बाद विधानसभा में इस प्रस्ताव को पारित किया जाएगा। मंत्री के अनुसार सरकार इस मामले में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती। वहीं असम सरकार के मुताबिक प्रस्तावित जनसंख्या नीति को लागू करने में तीन साल का समय लग जाएगा। इसके लिए 48 विभागों की सेवा नियमावली में बदलाव भी करना होगा। इसके तहत सरकारी नौकरी और स्थानीय निकायों के चुनावों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण देने का प्रस्ताव भी शामिल किया गया है।

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