भोपाल गैस त्रासदी : स्वच्छ भारत अभियान के तहत यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को साफ करने की प्रधानमंत्री से मांग  

भोपाल गैस त्रासदी : स्वच्छ भारत अभियान के तहत यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को  साफ करने की प्रधानमंत्री से मांग  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फाइल फोटो

भोपाल (भाषा)। 33 साल (दो-तीन दिसंबर, 1984) पहले हुए यूनियन कार्बाइड के गैस हादसे जिसे भोपाल गैस त्रासदी के नाम से जाना जाता है। आज उसकी बरसी है। भोपाल में बंद पड़े यूनियन कार्बाइड कारखाने में रखे जहरीले कचरे को साफ करने के लिए कई स्वयं सेवी संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा कि, इस कचरे को स्वच्छ भारत अभियान के तहत साफ किया जाए।

भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन और भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा है, हालाँकि आपने स्वच्छ भारत अभियान में ऊर्जा डालने की जरुरत को रेखांकित करने का प्रयास किया है, परन्तु यह बात समझ से परे है कि भोपाल स्थित तत्कालीन यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड की कीटनाशक फैक्टरी में और इसके आसपास के गम्भीर रूप से जहर प्रभावित इलाकों के सफाई का काम आज तक इस अभियान का एक अहम हिस्सा क्यों नहीं बन पाया है।

भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन के संयोेजक अब्दुल जब्बार खान और भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति के सह-संयोजक एनडी जयप्रकाश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को यह पत्र 30 नवंबर को भेजा है।

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बता दें कि भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड के कारखाने से दो और तीन दिसंबर 1984 की दरमियानी रात को रिसी जहरीली गैस से हजारों लोगों की मौत हो गई थी तथा लगभग 5,50,000 लोग गंभीर रुप से प्रभावित हुए थे।

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