भुवनेश्वर में भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक शुरू, उड़ीसा में पैर पसारने की तैयारी 

भुवनेश्वर में भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक शुरू,  उड़ीसा में पैर पसारने की तैयारी भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के लिए अमित शाह का भुवनेश्वर आने पर 74 कमल के फूलों की माला से स्वागत किया गया, जिसका आशय 147 सदस्यीय ओडिशा विधानसभा में बहुमत के अंक से है।

भुवनेश्वर (भाषा)। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आज भुवनेश्वर में शुुरू हो गई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ओडिशा समेत कोरोमंडल क्षेत्र में पार्टी के प्रभाव बढ़ाने की रुपरेखा पेश कर सकते हैं जहां पार्टी पारंपरिक तौर पर कमजोर मानी जाती है।

भाजपा पदाधिकारी राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक की रुपरेखा तैयार करने में जुट गए है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दोपहर बाद पहुंचने पर इसे आगे बढ़ाया जाएगा। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भाजपा ने उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में जबर्दस्त जीत दर्ज की है, साथ ही गोवा और मणिपुर में सरकार बनाने में सफल रही है।

ओडिशा के भुवनेश्वर में 15 और 16 अप्रैल को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हो रही है।इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, सभी भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।

पिछले महीने उडीसा के स्थानीय निकाय चुनाव में मिली जीत के बाद भाजपा ने भुवनेश्वर में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक करने का फैसला किया है, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को लगता है कि 2019 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के लिए अभी से तैयारी शुुरू की जानी चाहिये। पार्टी ओडिशा और पश्चिम बंगाल पर विशेष ध्यान दे रही है।

ओडिशा में साल 2000 से बीजद प्रमुख और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व में सरकार है और भाजपा को लगता है कि ओडिशा में सरकार विरोधी रुख का उसे लाभ मिल सकता है क्योंकि कांग्रेस वहां कमजोर हुई है। प्रधानमंत्री मोदी के यहां आगमन पर शानदार स्वागत की तैयारी की गई है और हवाई अड्डे से राजभवन तक कई स्थानों पर उनके स्वागत की योजना बनाई गई है. मोदी रात को राजभवन में रुकेंगे।

अमित शाह का यहां आने पर 74 कमल के फूलों की माला से स्वागत किया गया, जिसका आशय 147 सदस्यीय ओडिशा विधानसभा में बहुमत के अंक से है।

ओडिशा मोदी सरकार की गरीबोन्मुखी नीतियों की प्रयोगशाला है, साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना भी साधा था।
धर्मेन्द्र प्रधान केंद्रीय मंत्री

प्रधानमंत्री का यहां ब्रिटिश सरकार के खिलाफ 1817 के संग्राम से जुड़े 16 परिवारों को सम्मानित करने का भी कार्यक्रम है। पार्टी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का नामकरण जाने माने ओडिया कवि भीमा भोई के नाम पर किया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2019 लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी सांसदों, नेताओं, कार्यकर्ताओं से लोगों के बीच जाने और सरकार के सुशासन एवं लोक कल्याण योजनाओं को जनता के समक्ष पहुंचाने को कह चुके हैं. इस क्रम में प्रधानमंत्री देश के विभिन्न प्रदेशों के सांसदों के साथ पांच बैठकें कर चुके हैं।

भाजपा का विशेष जोर उन 120 सीटों पर है जिनमें वह जीत दर्ज नहीं कर पाई लेकिन उसे जीत हासिल करने की उम्मीद है। भाजपा नेता ने कहा कि ओडिशा में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन निश्चित तौर पर उत्साहवर्द्धक रहा है। पार्टी को अच्छी सफलता मिली है और लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास के मार्ग को गति प्रदान करने का फैसला किया है. फिलहाल वर्तमान में उडीसा विधानसभा में भाजपा के दस विधायक हैं और एक लोकसभा सांसद है. स्थानीय निकाय के चुनाव में मिली जीत के बाद भाजपा नेतृत्व को उडीसा में पार्टी के लिए बड़ी संभावना नजर आ रही हैं।

भाजपा को राज्य में पैर पसारने का मौका सत्ताधारी बीजू जनता दल में खींचतान से मिलता दिख रहा है, दरअसल, पिछले कुछ दिनों में बीजद की अंदरुनी कलह सतह पर आ गई हैं, भाजपा इसी का फायदा उठाने की फिराक में है। इन घटनाक्रमों के बीच भाजपा ने भुवनेश्वर में अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की तैयारियां कुछ इस तर्ज पर करनी शुुरू कर दीं जिससे एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया जा सके।

भाजपा दलित, महिलाओं, कमजोर वर्ग और युवाओं पर विशेष जोर दे रही है. हाल ही में भाजपा संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते प्रधानमंत्री ने सुधार और विकास के एजेंडे को आगे बढाने पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनता का मूड सत्तारुढ़ पार्टी के पक्ष में सकारात्मक है. यह गरीबों के लिए काम करने का स्वर्णिम अवसर है। केंद्र में मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार अगले महीने तीन वर्ष पूरे करने जा रही है।

Share it
Top