बिहार : टूटते बांध को बचाने के लिए खुद बालू की बोरियां ढोने लगे डीएम और एसपी 

बिहार : टूटते बांध को बचाने के लिए खुद बालू की बोरियां ढोने लगे डीएम और एसपी टूटते बांध को बचाने के लिए खुद बालू की बोरियां ढोने लगे डीएम और एसपी 

बिहार। बिहार में बाढ़ से जनजीवन अस्तव्यस्त है, करीब 70 लाख लोग बाढ से प्रभावित हैं। ऐसी स्थिति में गोपालगंज जिले में भी बाढ़ ने अपना रौद्र रुप दिखाया तो पीड़ितों को राहत पहुंचाने का जिम्मा खुद से ही अधिकारियों से लेकर नेताओं तक ने ले लिया।

डीएम-एसपी समेत विधायक और पूर्व विधायक सभी बाढ़ पीड़ितों के दर्द को कम करने इलाके में जा पहुंचे। जिले के बरौली के सिकटिया और परसौनी का जमीदारी बांध गंडक के दबाव की वजह से मंगलवार की देर रात ध्वस्त हो गया। इस रिंग बांध के टूटने के साथ ही सारण मुख्य बांध पर गंडक का दबाव बढ़ गया है और बांध कटने लगा, ये देख कर कटाव को रोकने के लिए जल संसाधन विभाग की टीम के साथ ही डीएम राहुल कुमार, एसपी रविरंजन कुमार, पूर्व विधायक व जदयू प्रदेश महासचिव मंजीत सिंह, बैकुंठपुर के बीजेपी विधायक मिथिलेश तिवारी समेत सैकड़ों की संख्या में लोग बांध पर पहुंच कर बांध को टूटने से रोकने में जुट गए।

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रिंग बांध के टूटते ही सारण बांध के अन्दर बसे करीब आधा दर्जन पंचायतों के सैकड़ों गावों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। जो बांध के बाहर बसे हुए हैं वे भी बांध की टूटने की आशंका से अपने घरों को छोड़ रहे है वो बांध पर शरण लिए हुए है। जिले के डीएम राहुल कुमार और एसपी रविरंजन ने खुद नजीर पेश की और अपने हाथों से बालू के बोरे लेकर बांध के कटाव को रोकने जा पहुंचे। डीएम-एसपी के हाथ में बालू की बोरियां देख कर लोगों भी हाथ बंटाने लगे।

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