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अब तक नौ राज्यों के पोल्ट्री फार्म पर बर्ड फ़्लू की पुष्टि, संक्रमण रोकने के लिए मारी जाएंगी मुर्गियां

Divendra SinghDivendra Singh   23 Jan 2021 3:00 PM GMT

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हरियाणा और महाराष्ट्र में पोल्ट्री फार्म पर बर्ड फ़्लू फैलने के साथ ही केरल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे नौ राज्यों के पोल्ट्री फार्म पर बर्ड फ़्लू की पुष्टि हो गई है, संक्रमण रोकने के लिए मुर्गियों को मारा जाएगा।

इसी के साथ ही कौओं/ प्रवासी/ जंगली पक्षियों के लिए 12 राज्यों (मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू व कश्मीर और पंजाब) में एविएन फ़्लू (बर्ड फ़्लू) के प्रकोप की पुष्टि हो गई है।

महाराष्ट्र के परभणी जिले में सबसे पहले बैकयार्ड पोल्ट्री फार्म पर बर्ड फ़्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद नांदेड़ जिले के चिखरी व तलहारी गाँव, सतारा के मरई वादी, लातूर के दावणगांव, नागपुर के वारंगा, गढ़चिरोली, मुंबई के कल्याण व ठाणे, बीड के वारती जैसे 16 जिलों में मुर्गियों में बर्ड फ़्लू के संक्रमण के बाद यहां पर मुर्गियों को मारा जाएगा।


पशुपालन विभाग, महाराष्ट्र के अपर आयुक्त डॉ. धनंजय परकाले ने गाँव कनेक्शन को बताया, "शुरूआत में मुंबई, ठाणे और बीड़ में बर्ड फ़्लू से जंगली पक्षियों की मौत हुई थी, परभणी में अकेले में बैकयार्ड पोल्ट्री फार्म पर बर्ड फ़्लू का संक्रमण पाया गया था। अभी कई जिलों में मुर्गियों की मौत के बाद हुई जांच में बर्ड फ़्लू की पुष्टि हो गई है। परभणी, लातूर, पुणे, सतारा, सोलापुर, बीड़, अहमदनगर, नांदेड़, हिंगोली और यवतमाल जिले में अभी 39,483 मुर्गियों को मार दिया गया है, साथ ही दूसरे जिलों में भी निस्तारीकरण शुरू कर दिया गया है।"

इसके साथ ही उत्तराखंड के अल्मोड़ा ज़िले (आरके पुरा, हवालबाघ), गुजरात के सोमनाथ ज़िले (दोलासा, कोडिनार) से लिए गए मुर्गियों के नमूनों में भी एविएन फ्लू की पुष्टि हुई है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू व कश्मीर (कुलगाम, अनंतनाग, बड़गाम और पुलवामा) में कौओं, उत्तराखंड की टिहरी रेंज में कलीजी तीतर पक्षी में एविएन फ़्लू की पुष्टि हो गई है।

महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और केरल के प्रभावित केंद्रों में नियंत्रण और रोकथाम की कार्रवाई की जा रही है। इतना ही नहीं, मध्य प्रदेश (हरदा और मंदसौर के जिले) में निस्तारीकरण कार्य पूरा हो चुका है। छत्तीसगढ़ में ( बालोद) आरआरटी को प्रभावित कुक्कुट उप केंद्रों के एक किलोमीटर परिधि के क्षेत्र में संक्रमित पक्षियों के निस्तारीकरण के लिए तैनात किया गया है। हरियाणा में भी ( पंचकुला) के उप केंद्रों में में संक्रमण से बचाव और इसे फैलने से रोकने के प्रयास किये जा रहे हैं।

जिन किसानों के पोल्ट्री फार्म पर मुर्गी, अंडों और पोल्ट्री फ़ीड को नष्ट किया जा रहा है, वहां पर राज्य और केंद्र सरकार की तरफ से मुआवजा दिया जाएगा, जिसका 50 प्रतिशत केंद्र और 50 प्रतिशत राज्य सरकार देती है।

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