भारत के कमर्शियल योग गुरू, जिन्होंने योग को विदेश में पहुंचाया.....

भारत के कमर्शियल योग गुरू, जिन्होंने योग को विदेश में पहुंचाया.....प्रतीकात्मक तस्वीर। 

मंगलम् भारत

लखनऊ । आजकल पूरी दुनिया में योग की चर्चा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर दुनिया के २०० देश २१ जून को योग दिवस मनाने लगे हैं। दुनिया के कई योग शिक्षिक और ट्रेनर भी अपना नाम कमा रहे हैं, लेकिन भारत के एक ऐसे योगी भी हैं, जिन्होंने योग को विदेश में पहले ही पहचान दिला दी है। इनका नाम है बेल्लूर कृष्णामचारी आयंगर अर्थात् बी के एस आयंगर जिन्होंने विदेश में योग को पहुंचाया।

बी. के. एस. आयंगर का परिचय

बी के एस आयंगर को 'फादर ऑफ मॉडर्न योगा' कहा जाता है। दिसम्बर 14, 1918 को जन्मे आयंगर बचपन में बहुत ही कमज़ोर और अक्सर बीमार रहने वाले इंसान थे। मलेरिया, टायफाइड, इन्फ्लूएंज़ा और ट्यूब्लेरोक्यूलोसिस जैसी बीमारियों से बीमार रहने वाले आयंगर के लिये डॉक्टरों ने कहा था कि वे 20 साल से अधिक नहीं जी सकेंगे। उसके बाद आयंगर ने योग को अपनाया। योग से स्वस्थ होने के बाद उन्होंने भारत में योग सिखाना शुरू कर दिया। योग रूपी आध्यात्मिक शिक्षा को अर्थवादी व्यवसाय में लाने का श्रेय बी के एस आयंगर को ही जाता है।

1950 के दशक में विदेशी वायलनिस्ट येहुदि मेनुहिन जब भारत आए, तो अयंगर ने उनको योग की शिक्षा दी। इससे प्रभावित होकर येहुदि मेनुहिन ने अयंगर को विदेश में आकर योग सिखाने का न्यौता भेजा। 1956 में पहली बार अयंगर विदेश पहुँचे। 20 साल तक विदेश में योग सिखाने के बाद जब वह वापस भारत लौटे तब तक बी के एस आयंगर योग का बहुचर्चित चेहरा बन चुके थे।

अपनी पुस्तक 'लाइट ऑन योगा' में आयंगर ने योग की 200 क्रियाओं को बताया है। यह पुस्तक 17 भाषाओं है और इसे पूरे विश्व के लोग पढ़ते हैं। योग के 72 संस्थानों में इसे पाठ्यक्रम में भी लिया गया है।

सेन फ्रांसिस्को में 3 अक्टूबर को 'बी के एस अयंगर दिवस' भी मनाया जाता है। पुणे में आकर रहने वाले आयंगर दिन में घण्टों योग करते और अपने संस्थानों में योग सिखाते थे। अयंगर का देहान्त 20 अगस्त 2014 को हुआ।

क्या अन्तर है भारत और अमेरिका के योग में

योग भारत के अलावा अमेरिका में बहुत अलग तरह से देखा जाता है। योग गुरू अरुंधती बटमंगलकर अपने ब्लॉग में लिखती हैं कि योग भारत की तुलना में अमेरिका में अधिक किया जाता है। भारत में योग शिक्षक जहाँ श्वास लेना, ध्यान केन्द्रित करना, आसन और शरीर की क्रियाओं पर ध्यान देते हैं, वहीं अमेरिका में योग शिक्षक सम्बन्ध, प्रेम, दर्द, खुशी, दुःख, मन का खुलना जैसे बिन्दुओं पर अधिक ध्यान देते हैं।

योग का कारोबार

पिछले कुछ सालों में योग को एक कारोबार के रूप में अपनी पहचान बनाई है। सीएनएन की रिपोर्ट में टॉप 100 व्यवसायों में योग का भी नाम है। योग पिछले कुछ सालों में तेज़ी से बढ़ता हुआ, अच्छी कमाई का स्रोत और संतुष्टि देने वाला व्यवसाय है। घर में रहकर एक व्यवसाय के रूप में योग को लोग रुचिपूर्वक ले रहे हैं। योग के न केवल नए संस्थान खुल रहे हैं, बल्कि लोग इसके ऑनलाइन कोर्स भी कर रहे हैं।

पूरे विश्व में योग का कारोबार 80 बिलियन डॉलर यानि 5,15,720 करोड़ रूपए का हो गया है, जबकि मेक इन इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार भारत में योग का कारोबार करीब 49,000 करोड़ रूपए तक पहुँचा है। सरकार की आयुष विभाग से सालाना आय 12,000 करोड़ रूपए की है।

2016 में योग जर्नल के अमेरिका में किये सर्वे के अनुसार योग का पूरे अमेरिका में 2.5 बिलियन डॉलर यानि 1611.625 करोड़ रूपए का व्यवसाय है। इनको सिखाने वाले 37 प्रतिशत योग गुरुओं की उम्र 18 साल से कम है, साथ ही योग सिखाने वालों में महिलाओं की संख्या 72 फ़ीसदी है। योग के लिये योगा मैट (योग वाली चटाई), योगा सूट का कारोबार पूरे विश्व में करीब 2,700 करोड़ रूपए का हो गया है।

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