बिल्डरों को योगी का अल्टीमेटम, कहा- अवैध कॉलोनियां बनाकर मुनाफा कमाते हैं लोग

बिल्डरों को योगी का अल्टीमेटम, कहा- अवैध कॉलोनियां बनाकर  मुनाफा कमाते हैं लोगलेखक शांतनु गुप्ता की लिखी किताब का उद्घाटन करते सीएम योगी।

लखनऊ। सीएम योगी ने प्रदेश भर में बनी अवैध कॉलोनियों पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि, बुनियादी सुविधाओं का विकास किए बिना ही बिल्डर अवैध कॉलोनियों को बसा देते हैं, जिसके चलते इन कॉलोनियों में रहने वाले आम लोग विकास से वंचित रह जाते हैं। वे रविवार को गोमतीनगर के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

सीएम ने कहा बिल्डर केवल अपना मुनाफा देखता है। जिसके चलते आगे भविष्य में विकास न होने के चलते अवैध कॉलोनियों में रहने वाले आम लोग सरकार को कोसते हैं। हालांकि उन्होंने इस कार्यक्रम में आश्वासन दिया कि, जल्द ही अन्य जगहों की तरह अवैध कॉलोनियों को भी विकसित किया जायेगा। अवैध कॉलोनियों की समस्या से निपटने के लिए क्रेडाई जैसी संस्था को आगे आकर इस पर रोकथाम लगाने की बात कही।

क्रेडाई के कार्यक्रम में सीएम योगी संबोधित करते हुए।

खुद पर लिखी किताब का किया विमोचन

क्रेडाई के कार्यक्रम में सीएम ने देश भर के 24 राज्यों से आएं 175 बिल्डरों को ग्राहक से एक बेहतर रिश्ता बनाकर उन्हें सस्ते मकान मुहैया कराने की बात कही। ग्राहकों को बिल्डरों के ऊपर से भरोसा खत्म न हो इसके लिए क्रेडाई के पदाधिकारियों को एक्शन प्लान बनाने की सलाह दी। इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ के जीवन पर लिखी लेखक शांतनु गुप्ता की किताब का विमोचन भी किया।

बिल्डरों को सस्ते मकान बनाना चाहिए

योगी आदित्यनाथ ने देश भर से कार्यक्रम में पहुंचे बिल्डरों से कहा कि, वह ज्यादातर मुनाफा कमाने के लिए महंगे मकान बनाते हैं, जिसके चलते आज भी आम आदमी बगैर अपनी छत के रहने को मजबूर है। उन्होंने बिल्डरों को सलाह दी कि, वह सुंदर और सस्ते मकाने बनाने की ओर प्रयासरत रहे, उनके इस कार्य में राज्य सरकार भी बिल्डरों का साथ देगी।

48 लाख ग्रामीण मकान से वंचित

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में कहा कि, राज्य सरकार चाहती है कि सूबे में वर्ष 2022 तक हर व्यक्ति को मकान मुहैया कराने के इरादे से इस संकल्प को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि, यूपी के ग्रामीण इलाकों में आज भी 48 लाख लोग ऐसे हैं, जो मकान से वंचित हैं। साथ ही शहरी आबादी में भी ज्यादातर लोग मकान से वंचित हैं, जिन्हें क्रेडाई और सरकार के सहयोग से जल्द पूरा किया जायेगा।

घर के लिए ढाई लाख रुपए देगी राज्य सरकार

योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में बताया कि, आने वाले वक्त में उनकी सरकार ने करीब 10 लाख घरों का लक्ष्य रखा है, जबकि 6 लाख से ज्यादा घर के लिए धनराशि आवंटित कर दिया गया है। इस वर्ष नगर विकास और आवास विकास मिलकर दो लाख आवास बनाएंगे। इसमें राज्य सरकार ढाई लाख का अनुदान करेगी और आम आदमी को केवल इस योजना में केवल एक लाख भुगतान करना पड़ेगा। अगर किसी गरीब के पास एक लाख भी भुगतान करने को नहीं होगा तो सरकार ने बैंकों से लोन मुहैया कराने की भी पहल करेगी।

बिल्डर और सीएम ने अधिकारियों को दी नसीहत

क्रेडाई के कार्यक्रम में पदाधिकारियों ने यूपी के अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि, अधिकारियों को पास योजना इतने लंबे समय तक लटक जाती है, जिसके चलते मकान बनाने में कई कठिनाइयां आती है, जिसे सरकार को बदलने की जरुरत है। वहीं सीएम ने भी कहा कि, अधिकारियों की वजह से सरकार की योजना फेल होती है। इस संबंध में सरकार 26 जुलाई को एक पोर्टल लांच करेगी, ताकी किसी को प्रदेश में कारोबार करने में दिक्कत का सामना न करना पड़े। साथ ही इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 31 जुलाई है।

क्या है क्रेडाई?

कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) भारत में निजी रियल एस्टेट डेवलपर्स की संस्था है। पूरे देश में 24 राज्यों और 171 शहरों में शाखाओं के जरिए 11 हजार 940 डेवलपर्स का प्रतिनिधित्व कर रही है। क्रेडाई ने उद्योग को संगठित बना उसे सरकारी प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं, निवेशकों, वित्त कंपनियों और ग्राहकों के साथ एक भरोसेमंद भागीदार के तौर पर स्वीकार किया गया है। क्रेडाई का कार्य देश भर के बिल्डरों को एक प्लेटफार्म पर लाकर देश के विकास में योगदान करना है।

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