अपने गिरेबान में झांके भाजपा, वह बेनामी संपत्ति से ही जीती लोकसभा चुनाव: मायावती

अपने गिरेबान में झांके भाजपा, वह बेनामी संपत्ति से ही जीती लोकसभा चुनाव: मायावती

लखनऊ। नोएडा में अपने भाई की कथित बेनामी संपत्ति ज़ब्त किए जाने से नाराज बसपा प्रमुख मायावती ने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर बेहद तल्ख आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कहा कि इस पार्टी ने पिछला लोकसभा चुनाव बेनामी संपत्ति के जरिए ही जीता है और उसे सबसे पहले इसका खुलासा करना चाहिए।

मायावती ने शुक्रवार को कहा कि जब दलित और वंचित वर्ग का कोई व्यक्ति तरक्की हासिल करता है तो भाजपा के लोगों को बहुत परेशानी होती है और फिर वह सत्ता और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके अपनी ओर से जातिवादी द्वेष निकालते हैं। उनका इशारा अपने भाई बसपा उपाध्यक्ष आनंद कुमार की तरफ था, जिनका नोएडा स्थित 400 करोड़ रुपए का बेनामी भूखंड आयकर विभाग ने जब्त कर लिया है।

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उन्‍होंने ट्वीट करते हुए कहा कि बीजेपी केन्द्र की सत्ता का अभी भी दुरुपयोग कर अपने विपक्षियों को षडयंत्र के तहत जबरन फर्जी मामलों में फंसाकर उन्हें प्रताड़ित कर रही है। इसी क्रम में अब मेरे भाई-बहनों आदि को भी जबर्दस्ती परेशान किया जा रहा है, जो अति-निन्दनीय है। लेकिन इससे बीएसपी डरने व झुकने वाली नहीं है।

इसके बाद उन्‍होंने कहा कि ऐसी ही घिनौनी हरकत इसी पार्टी की सरकार ने सन् 2003 में भी आयकर व सीबीआई आदि के जरिए हमारे विरूद्ध की थी, जो सर्वविदित है, जिसमें फिर हमें अन्त में काफी संघर्ष के बाद मा. सुप्रीम कोर्ट में न्याय मिला।

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मायावती ने दावा किया कि हाल में संपन्न लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के खाते में दो हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम जमा हुई जिसका खुलासा आज तक नहीं किया गया। क्या यह बेनामी संपत्ति नहीं है? इसका भी खुलासा होना चाहिए और पूरे देश को मालूम होना चाहिए।

बसपा अध्यक्ष ने कहा, "अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार को छोड़ दें... नरेंद्र मोदी और अमित शाह एंड कंपनी की जो सरकार है, मैं उनसे पूछना चाहती हूं कि उनके सत्ता में आने के बाद अरबों-खरबों की संपत्ति उनकी पार्टी के दफ्तरों के लिए कहां से आई, उसका भी खुलासा होना चाहिए। क्या यह बेनामी पैसे से खरीदी गई संपत्ति नहीं है? (इनपुट भाषा)

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