Budget 2021: बजट में वित्तमंत्री का महिला सुरक्षा पर जोर लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट में कटौती

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश करने के दौरान कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में काम कर सकेंगी जिसमें उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उज्ज्वला गैस में लाभार्थियों की संख्या एक करोड़ बढ़ाई जाएगी जिससे ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल सके। वित्तमंत्री ने असम और बंगाल में महिला एवं बाल विकास के लिए स्पेशल स्कीम चलाए जाने की घोषणा की।

Neetu SinghNeetu Singh   1 Feb 2021 6:06 AM GMT

Budget 2021: बजट में वित्तमंत्री का महिला सुरक्षा पर जोर लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट में कटौती

एक फरवरी को पेश आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर फोकस करते हुए कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में काम कर सकेंगी। महिला कामगार नाईट शिफ्ट में भी काम कर सकती हैं जिसमें उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की छाप इस बजट में साफ़ तौर पर देखने को मिली। वित्त मंत्री ने असम और पश्चिम बंगाल के चाय बागान के मजदूरों, विशेष रूप से महिलाओं और उनके बच्‍चों के लिए 1,000 करोड़ रुपए उपलब्‍ध कराने का प्रस्‍ताव किया है। इसके लिए एक विशेष योजना तैयार की जाएगी। वित्तमंत्री ने कहा कि इस साल उज्ज्वला गैस में लाभार्थियों की संख्या एक करोड़ बढ़ाई जाएगी। इस योजना के तहत महिलाओं को फ्री में गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जाता है जिससे महिलाएं धुएं में खाना बनाने से बच सकें।

महिला एवं बाल विकास कल्याण विभाग को इस साल 24435.00 करोड़ रुपए दिए गए हैं। जबकि पिछले साल (वित्त वर्ष 2020-2021) के आम बजट में ये राशि 30007.10 करोड़ रुपए थी जिसे संशोधित अनुमानों में घटाकर 21008.31 करोड़ रुपए कर दिया गया। कम ख़र्च का खामियाजे के तौर पर इस साल इस विभाग का बजट कम कर दिया गया।

बजट में महिलाओं के अलावा बाल विकास के लिए सरकार ने नेशनल न्यूट्रीशन बजट को बढ़ाया गया है। वित्त मंत्री ने इस मद के लिए 3,700 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है जबकि पिछले साल ये बजट 3,400 करोड़ रुपए था। इसके अलावा सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन प्रोग्राम और पोषण अभियान के विलय की भी घोषणा की गई है।

वित्त मंत्री ने कहा कि एससी, एसटी के साथ ही महिलाओं के लिए भी स्टैंड अप इंडिया की योजना के तहत क्रेडिट फ्लो को और सुविधाजनक बनाने के लिए मार्जिन मनी की आवश्यकता को 25 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है, इसमें कृषि गतिविधियों के लिए ऋण भी शामिल किया जाएगा।

Next Story

More Stories


© 2019 All rights reserved.