बजट हाईलाइट: वित्तमंत्री ने आम लोगों को नहीं दी राहत

बजट हाईलाइट: वित्तमंत्री ने आम लोगों को नहीं दी राहतप्रतीकात्मक तस्वीर।

केंद्रीय वित्तमंत्री अरूण जेटली ने संसद में भाजपा सरकार का पांचवा बजट पेश कर दिया है। बतादें अरूण जेटली द्वारा पेश किया जा रहा बजट मोदी सरकार का अंतिम बजट है। बजट के दौरान बताया गया कि कैश का चलन कम हुआ है।

बजट में किसानों से लेकर गरीब परिवारों तक के लिए लाभदायक ऐलान किए गए। तो वहीं मध्यम वर्गीय लोगों के लिए बजट में कोई भी लाभदायक ऐलान नहीं किया। लोगों को उम्मीद थी कि आयकर में कुछ न कुछ बदलाव जरूर होगा। लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

वित्त मंत्री ने आयकर में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। वित्त मंत्री ने 40 हजार के स्टैंडर्ड डिडक्शन की घोषणा की है जिसके बाद अब नौकरीपेशा लोगों को मेडिकल खर्चों के लिए 40 हजार का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने लॉगा टर्म कैपिटल टैक्स भी प्रपोज किया। इसके तहत शेयर खरीदने और बेचने पर 10 प्रतिशत लॉग टर्म कैपिटल टैक्स लगेगा।

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वित्त मंत्री ने शिक्षा और स्वास्थ्य पर लगने वाला सेस 3 प्रतिशत से 4 प्रतिशत बढ़ा दिया है। वहीं वित्त मंत्री ने कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। मोबाइल फोन पर वित्त मंत्री ने कस्टम ड्यूटी 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया है जिसके कारण मोबाइल और टीवी महंगे होंगे।

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वित्त मंत्री ने टैक्स में बड़ी राहत देते हुए कहा कि पिछले साल के मुकाबले इसे आगे बढ़ाते हुए जिन कंपनियों का टर्नओवर सालाना 250 करोड़ है उन्हें भी कॉर्पोरेट टैक्स में 25 प्रतिशत टैक्स देना होगा। इससे देश की 99 प्रतिशत बहुत छोटे, छोटे व मछोले उद्योगों को फायदा होगा।

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