बुलंदशहर हिंसा: पुलिस ऑफिसर की हत्या में बजरंग दल का जिला संयोजन मुख्‍य अभ‍ियुक्‍त, अबतक 4 गिरफ्तार

एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने मंगलवार को बताया कि बुलंदशहर हिंसा के मामले में चार लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना के शेष नामजद और अज्ञात अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • koo
बुलंदशहर हिंसा: पुलिस ऑफिसर की हत्या में बजरंग दल का जिला संयोजन मुख्‍य अभ‍ियुक्‍त,  अबतक 4 गिरफ्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मेरठ मंडल से जुड़े बुलंदशहर जनपद में सोमवार को कथित तौर पर गोकशी के बाद मचे बवाल में गुस्साई भीड़ ने स्याना थाने के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी। वहीं गोली लगने से एक युवक की भी मौत हुई है। प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच एडीजी इंटेलीजेंस को सौंपी है जो 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट देंगे इसके साथ ही मेरठ रेंज के महानिरीक्षक की अध्यक्षता में एक एसआईटी का भी गठन किया गया है।

बुलंदशहर में हुई घटना में पांच पुलिस कर्मी तथा करीब आधा दर्जन आम लोगों को भी मामूली चोटें आई हैं। भीड़ की हिंसा में कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया है तथा तीन कारों को आग लगा दी गई। बताया जा रहा है कि इस हिंसा में तीन गांव के करीब 400 लोग शामिल हैं।

इंस्पेक्टर की हत्या मामले का मुख्य आरोपी योगेश राज।

एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने मंगलवार को बताया कि बुलंदशहर हिंसा के मामले में चार लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना के शेष नामजद और अज्ञात अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। हिंसा की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इस जांच में यह पता लगाया जाएगा कि हिंसा क्यों हुई और क्‍यों पुलिस अधिकारी इंस्‍पेक्‍टर सुबोध कुमार को अकेला छोड़कर भाग गए। इस मामले में पुलिस ने कुल 27 नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। बताया जाता है कि एक आरोपी योगेश राज बजरंग दल का जिला संयोजक है, जो कि फरार है।



एडीजी के मुताबिक, इंस्पेक्टर सुबोध की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उन्हें गोली लगने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक गोली उनकी बाईं भौंह से होते हुए सिर के अंदर चली गई। उन्होंने बताया कि घटना में मारे गए सुमित पुत्र अमरजीत निवासी चिंगरावठी के शव का भी पोस्टमॉर्टम हो गया है जिसकी रिपोर्ट में उसकी मृत्यु का कारण गोली लगना बताया गया है। वहीं, मंगलवार सुबह दिवंगत सुबोध कुमार को पुलिस लाइन में अंतिम सलामी दी गई। इसके बाद उनके शव को अंतिम संस्‍कार के लिए उनके गृह जनपद एटा के लिए रवाना किया गया।



मुख्यमंत्री योगी आदत्यिनाथ ने बुलंदशहर में गोकशी की अफवाह के बाद हुई हिंसा पर दुख व्यक्त किया और मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पत्नी को 40 लाख रुपये और माता-पिता को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

लखनऊ में सोमवार शाम एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने पत्रकार वार्ता में बताया कि ''बुलंदशहर में हुयी हिंसा के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत इलाज के दौरान हुई। कथित गोकशी की घटना के बाद पथराव में एक इंस्पेक्टर और एक अन्य की मौत के मामले की जांच एडीजी इंटेलीजेंस करेंगे और 48 घंटे के अंदर अपनी गोपनीय रिपोर्ट सौंपेंगे।''

एडीजी आनंद ने बताया कि ''पुलिस महानिरीक्षक मेरठ की अध्यक्षता में एक एसआईटी का भी गठन किया गया है जिसमें तीन से चार अधिकारी शामिल होंगे जो पूरी घटना की गहनता से जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे। जिलाधिकारी बुलंदशहर ने इस घटना की मजिस्‍ट्रेटी जांच के आदेश दे दिये हैं। अभी इस संबंध में एक मामला गोकशी का दर्ज किया गया है जिसमें सात नामजद हैं लेकिन अभी सुरक्षा की दृष्टि से इन लोगों के नाम नहीं बताये जा सकते हैं।''


उपद्रव के दौरान सुमित नाम के एक युवक की भी मौत इलाज के दौरान मेरठ के अस्पताल में हो गयी है। उसे गोली लगी थी। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि उसकी मौत किसकी गोली से हुई है। एडीजी के मुताबिक, ''कथित गोकशी की घटना के बाद एफआईआर लिख ली गयी थी, लेकिन भीड़ ने सड़क पर जाम लगा दिया था। इसी जाम को हटाने के दौरान भीड़ उग्र हो गयी और दोपहर 12 से डेढ़ बजे के बीच पथराव और हिंसा हुई।'' जिले में पांच कंपनी आरएएफ तथा छह कंपनी पीएसी पहले से ही तैनात थी, लेकिन बवाल को देखते हुए मौके पर और पुलिस बल भेजा गया है। मुस्लिम समुदाय के इज्तिमा में शामिल अभी करीब आधे लोग वहां हैं जिन्‍हें पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में वहां से निकाला जा रहा है।

क्‍या है मामला?

एडीजी आनंद कुमार के मुताबिक, ''सोमवार की सुबह गोवंश के काटे जाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। गांव के आक्रोशित लोगों ने रोड जाम कर दिया। महाव और चिगलवाली समेत तीन गांवों के लोग वहां मौजूद थे। ग्रामीणों की शिकायत थी कि खेत में गोवंश के अवशेष पाए गए थे। उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया था लेकिन गांववाले ट्रैक्टर पर अवशेष लादकर ले लाए और मेन रोड ब्लॉक कर दिया। विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया और लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस बल ने लाठीचार्ज किया।'' उन्होंने बताया कि ''शुरुआत में पुलिस से बातचीत के दौरान ग्रामीण सहमत हो गए लेकिन बाद में वे फिर से उत्‍तेजित हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस चौकी पर पथराव कर दिया। तीन गांव के करीब 400 लोग वहां मौजूद थे। बवाल के दौरान 15 वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया। कई गाड़ियों को आग लगा दी गई।''

  

Next Story

More Stories


© 2019 All rights reserved.