कैबिनेट ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को दी मार्च 2024 तक जारी रखने की मंजूरी

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण योजना के तहत कुल 2.95 करोड़ आवासों के लक्ष्य के अंतर्गत शेष 155.75 लाख आवासों के निर्माण के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने 8 दिसंबर, बुधवार को 'प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी)' को मार्च 2021 के बाद भी जारी रखने संबंधी ग्रामीण विकास विभाग के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है जिसके तहत कुल 2.95 करोड़ घरों के लक्ष्य के अंतर्गत शेष 155.75 लाख घरों के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।

इस योजना को मार्च 2024 तक जारी रखने से यह सुनिश्चित होगा कि 'पीएमएवाई-जी'के तहत 2.95 करोड़ आवासों के समग्र लक्ष्य के अंतर्गत शेष 155.75 लाख परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्‍त 'पक्के मकानों' के निर्माण के लिए वित्‍तीय सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में 'सबके लिए आवास' के उद्देश्य को प्राप्त किया जा सके।

29 नवंबर 2021 तक पीएमएवाई-जी के तहत कुल 2.95 करोड़ आवासों के लक्ष्य में से 1.65 करोड़ आवासों का निर्माण किया जा चुका है। यह अनुमान है कि 2.02 करोड़ आवास, जोकि एसईसीसी 2011 डेटाबेस पर आधारित स्थायी प्रतीक्षा सूची के लगभग बराबर है, 15 अगस्त 2022 की समय सीमा तक पूरे हो जाएंगे। इसलिए 2.95 करोड़ आवासों के समग्र लक्ष्य को हासिल करने के लिए योजना को मार्च 2024 तक जारी रखने की आवश्यकता है।

कैबिनेट की बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री अनुराग ठाकुर ने मीडिया से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई जिसके तहत ग्रामीण इलाकों में सभी को आवास सुनिश्चित किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में ग्रामीण क्षेत्रों में सभी को आवास के संबंध में आकलन किया गया था कि 2.95 करोड़ लोगों के पक्के मकान की जरूरत होगी। इसमें बड़ी संख्या में परिवारों को आवास प्रदान किये गए हैं। बचे हुए परिवारों को भी आवास मिल सके, इसके लिए इस योजना को 2024 तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है।


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