साइक्लोन ने फिर बढ़ाई तमिलनाडु की मुश्किलें, चेन्नई में बाढ़ के 2015 जैसे भयानक हालात

साइक्लोन ने फिर बढ़ाई तमिलनाडु की मुश्किलें, चेन्नई में बाढ़ के 2015 जैसे भयानक हालातदिसंबर 2015 में भी चेन्नई में भारी बारिश हुई थी। उस दौरान तमिलनाडु में 200 से अधि‍क लोगों की मौत हो गई थी।

चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में लगातार हो रही बारिश से एक बार फिर 2015 के बाद बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। तमिलनाडु सरकार ने मौसम विभाग की चेतावनी के बाद चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम जिलों में स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक भारी बारिश की आशंका व्यक्त की है। बता दें कि दिसंबर 2015 में भी चेन्नई में भारी बारिश हुई थी। उस दौरान तमिलनाडु में 188 लोगों की मौत हो गई थी।

समुद्री तटों के पास वाले जिलों में अलर्ट जारी

मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोन की वजह से राज्य में तेज बारिश के हालात बने हैं। कोस्टल जिलों के लिए खासतौर पर अलर्ट जारी किया गया है। अगले 24 घंटे में बारिश की रफ्तार तेज हो सकती है।

चेन्नई, तिरुवल्लूर, नागापट्टिनम, कांचीपुरम, तंजौर, तिरुवरूर और रामनाथपुरम को खासतौर पर अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है।

चेन्नई की मुश्किलों में इजाफा

रविवार देर रात चेन्नई में बारिश शुरू हुई। ये सोमवार दोपहर तक जारी थी। एडमिनिस्ट्रेशन की तमाम कोशिशों के बावजूद कई सड़कों पर वॉटर लॉगिंग की वजह से जाम लग गया। कई चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल काम नहीं कर रहे थे।

बारिश के साथ तूफानी हवाओं ने हालात और खराब कर दिए। सोमवार को यहां 35 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। करीब 8 एमएम बारिश हुई।

चेन्नई की हिस्ट्री में बाढ़ के लिहाज से 2015 बेहद खतरनाक साल था। कई दिन तक राज्य और खासकर चेन्नई शहर में भारी बारिश हुई। चेन्नई में खराब ड्रैनेज और सीवेज सिस्टम के चलते हालात बद से बदतर हो गए थे।

सड़कों पर चार से पांच फीट तक पानी था। 270 लोगों की मौत हुई थी। शहर के ज्यादातर इलाकों में खतरे की वजह से बिजली काट दी गई थी। सबसे ज्यादा दिक्कत कम्युनिकेशन सिस्टम के खराब होने से हुई। मोबाइल और लैंडलाइन नेटवर्क बहुत हद तक खराब हो चुके हैं।

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