फर्जी पासपोर्ट मामले में छोटा राजन समेत 3 अधिकारियों को 7 साल की सजा

फर्जी पासपोर्ट मामले में छोटा राजन समेत 3 अधिकारियों को 7 साल की सजाछोटा राजन। फाइल फोटो

नई दिल्ली। गैंगस्टर छोटा राजन को दिल्ली की एक विशेष अदालत ने फर्जी पासपोर्ट मामले में सात साल कैद की सजा सुनाई है। तीन अन्य अवकाश प्राप्त नौकरशाहों जयश्री दत्तात्रेय रहाते, दीपक नटवरलाल और ललिता लक्ष्मणन को भी दोषी करार दिया गया है।

विशेष न्यायाधीश विरेंद्र कुमार गोयल ने छोटा राजन को भारतीय दंड संहिता के तहत सुरक्षा के दृष्टिकोण से मूल्यवान वस्तु की फर्जी प्रतिलिपि तैयार करने का दोषी ठहराया। गौरतलब है कि 24 अप्रैल, सोमवार को अदालत ने दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था और सजा के बिंदु पर फैसला आज सुनाया जाना था। गैंगस्टर छोटा राजन के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 468, 471, 120बी के तहत मामला दर्ज है। साथ ही महाराष्ट्र में करीब 70 अन्य मामले दर्ज हैं।

राजन का दावा था कि वह लंबे समय से भारतीय जांच एजेंसियों के इशारे पर दाऊद इब्राहिम के खिलाफ काम कर रहा था। यह फर्जी पासपोर्ट भी भारतीय एजेंसियों ने ही मुहैया कराया था। छोटा राजन नवंबर 2015 में बाली में गिरफ्तार हुआ। वहां से इसे भारत लाया गया। उसने दाऊद इब्राहिम से अपनी जान को खतरा बताया था। उसकी सुरक्षा को देखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए सुनवाई की जाती है। छोटा राजन फिलहाल दिल्ली के तिहाड़ जेल मे बंद है।

यह था मामला

छोटा राजन पर फर्जी पासपोर्ट के जरिये वर्ष 2003 में भारत से ऑस्ट्रेलिया भागने का आरोप है जिसे लेकर सीबीआई ने अपनी पहली चार्जशीट फरवरी 2016 में कोर्ट में दाखिल की थी। इसमें छोटा राजन के साथ बेंगलुरु के तीन रिटायर्ड अफसरों को नामित किया गया था।

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