चित्रकूट एनकाउंटर : डकैतों ने सीने में मारी गोली, फिर भी मोर्चे पर डटा रहा यूपी पुलिस का जांबाज

चित्रकूट एनकाउंटर : डकैतों ने सीने में मारी गोली, फिर भी  मोर्चे पर डटा रहा यूपी पुलिस का जांबाजशहीद पुलिसकर्मी जेपी सिंह।

लखनऊ। बीहड़ के जंगलों में फिर एक बार कई दशक बाद डकैतों का खौफनाक चेहरा देखने को मिला, जहां चित्रकूट के जंगलों बबली गैंग की सूचना मिलने पर पुलिस पार्टी ने छापा मारा तो, दोनों तरफ से मुठभेड़ शुरू हो गई। इस मुठभेड़ के दौरान सब इंस्पेक्टर जेपी सिंह गोली लगने से शहीद हो गए। सीने में गोली लगने के बाद भी जेपी सिंह पीछे नहीं हटे आैर मोर्चे में डटे रहे। वहीं कई घंटों से चल रही इस मुठभेड़ में डकैत लवलेश कौल की मौत हो गई है, जबकि बबली गैंग का मुख्य सरगना बबली कोल गोली लगने के बावजूद भी बीहड़ों में भागने में कामयाब रहा।

चित्रकूट के मानिकपुर थाना क्षेत्र के जंगल में पुलिस और डकैतों के बीच जारी मुठभेड़ में सब इंस्पेक्टर जेपी सिंह गोली लगने से शहीद हो गए। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में डकैत लवलेश कौल को पुलिस ने मार गिराया, जबकि सात लाख का इनामी डकैत बबली कोल गोली लगने के बाद भी मौके से भागने में कामयाब रहा। वहीं पुलिस की गोली से घायल एक डकैत को हिरासत में लेकर उसका इलाज मान‌िकपुर प्राथमिक स्वास्‍थ्य केंद्र पर चल रहा है।

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एडीजी (कानून-व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया, पुलिस को गुरुवार सुबह मानिकपुर के निही चिरइया के जंगल में डाकुओं के छिपे होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स ने घटनास्‍थल का घेर लिया। खुद को घिरा देख डकैतों ने पुलिस पार्टी पर गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान दोनों ओर से शुरू हुई गोलीबारी में सब इंस्पेक्टर जय प्रकाश सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्‍थ्य केंद्र लाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में डकैतों को भी गोली लगी है। जिसका इलाज प्राथमिक चिकित्सालय में चल रहा है। साथ ही एडीजी ने डकैत लवलेश कौल के मारे जाने की पुष्टि की है।

शहीद सब इंस्पेक्टर जेपी सिंह, बायीं ओर घटनास्थल।

वहीं इस मुठभेड़ के दौरान यूपी से पांच लाख और एमपी से दो लाख का ईनामी बबली गैंग का सरगना बबली कोल पुलिस से बचकर भाग निकला। जिसकी तलाशी के लिए पूरे बीहड़ में पीएसी बटालियन तलाशी अभियान कर रही है। उधर हालात को देखते हुए लखनऊ में एसटीएफ की एक टीम को अलर्ट पर रखा गया है, जिसे डकैतों पर काबू पाने के लिए अंतिम समय में रवाना किया जायेगा। वहीं चित्रकूट में डकैतों से मुठभेड़ में एसओ बहिलपुरवा वीरेंद्र त्रिपाठी को कमर में गोली लग गई, जिसके चलते उन्हें आनन-फानन में नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उधर घटना की सूचना पाकर पर डीजीपी सुलखान सिंह, एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार, डीआईजी और एसपी चित्रकूट प्रताप गोपेंद्र यादव मौके पर पहुंच गए, हालांकि कई घंटों की मुठभेड़ के दौरान बबली कोल जंगलों में भागने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में सुरक्षा एजेंसियां बीहड़ों की खाक छान रही है। साथ ही मुठभेड़ के दौरान पुलिस को मौसम खराब होने के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सीने में गोली लगने पर भी डकैतों से लिया लोहा

कुछ वर्ष पूर्व ही हेड कांस्टेबल से दरोगा बने जेपी सिंह को मुखबिर खास से सूचना मिली की जंगलों में बबली गैंग छीपे बैठे है। इस सूचना जेपी सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। जहां डकैतों ने उन पर हमला बोल दिया। इस दौरान दरोगा जेपी सिंह के सीने पर डकैतों की एक गोली लग गई, जिसके बाद भी उन्होंने ने डकैतों का जमकर सामना किया, जबकि उनकी हालत बिगड़ती देख मातहत उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ईलाज के दौरान मृत घोषित कर दिया। वहीं जेपी सिंह की मौत की खबर सुनकर उनके घर में कोहराम मच गया, जबकि शहीद दरोगा पर एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने कहा कि यूपी पुलिस को जेपी सिंह पर गर्व है कि उसने अपनी शहादत देकर डकैतों का डट कर सामना किया।

मुठभेड़ में घायल एसओ बहिलपुरवा वीरेंद्र त्रिपाठी।

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जेपी सिंह जौनपुर जिले के बनेवरा गांव के रहने वाले थे। परिवार वाले तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण शहीद दरोगा का शव लाने के लिए चित्रकूट रवाना हो गए हैं। बताया जा रहा है कि बुधवार की शाम करीब छह बजे से पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र की अगुवाई में निही चिरैया के जंगल में पुलिस और डकैतों के बीच मुठभेड़ चल रही है।

यूपी और एमपी पुलिस ने घेरा डकैतों को

दस्यु बबली कोल और पुलिस के बीच मुठभेड़ में एसओ बहिलपुरवा के विरेंद्र त्रिपाठी के बायें पैर में गोली लगी है, साथ ही एक सिपाही के भी गोली लगी है तो, वहीं दस्यु बबली कोल के भी पैर में गोली लगी है। बीहड़ के अंदर की पुख़्ता सूत्रों के मुताबिक़, गैंग में अन्य सदस्य पुलिस से लगातार मोर्चा सम्भाले हुए थे। जबकि दस्यु दलो का ख़ात्मा काफ़ी हद तक साफ़ दिखाई पड़ रहा है।

उधर मध्य प्रदेश पुलिस ने भी अपनी सीमा से ताबड़तोड़ फ़ायरिंग शुरू कर दी है, जिसके चलते डकैत चारों ओर से घिर गये, फिर बबली कोल फरार होने में कामयाब रहा है, जिसकी तलाश जारी है। वहीं जगंल में बाक़ी डकैत चारों तरफ़ से संगीनों के घेरे में हैं। मौके पर भारी मात्रा में फ़ोर्स घात लगाए बैठी है। शाम ढलने से पहले डकैत बबली कोल का पूरा ज़ख़ीरा बीहड़ में दफ़न होता साफ़ दिखाई पड़ रहा है, जिसकी सुरक्षा एजेंसियां तैयारी कर रही हैं।

सीएम योगी ने जताया दुःख

इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दरोगा जेपी सिंह के शहीद होने पर दुःख जताया है। सीएम योगी ने ट्वीट कर कहा कि चित्रकूट में डकैत बबली कोल के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए सब इंस्पेक्टर जेपी सिंह की वीरता को नमन श्रद्धांजलि दी।

मानसून में बुंदेलखंड में होता रहा हैं डकैतों का खात्मा

हर वर्ष बरसात के मौसम में चित्रकूट में सक्रिय डकैतों के खिलाफ पुलिस विशेष अभियान चलाती है। जिसके पीछे आम धारणा है कि मानसून में ही पुलिस बल ने बीहड़ों से डकैतों का सफाया किया है, जिसमें मुख्य रूप से शिवकुमार पटेल उर्फ

ददुआ, अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया और स्वदेश पटेल उर्फ बालखड़िया है। इसके पीछे आईजी एसटीएफ अमिताभ यश मुख्य वजह डकैतों का बरसात के मौसम में सांप, गोजर और अन्य जंगली जानवरों से बचने के लिए जुलाई या अगस्त माह में जंगल से बाहर निकल कर आते हैं, जिन्हें घात लगाए सुरक्षा बल ढेर करने की फिराक में रहते हैं। वहीं जंगल में लगातार बारिश के कारण भोजन तैयार करना डकैतों के लिए मुश्किल होता है, क्योंकि सूखी लकड़ी उपलब्ध नहीं हाने के चलते डकैत जंगल से बाहर निकलते है।

घायल डकैत।

बरसात में मारे गए डकैतों के आंकड़े

  • ठोकिया के चचेरे भाई के ललित पटेल (28) को सतना जिले में 6 अगस्त को मार गिराया गया था। मध्यप्रदेश पुलिस ने पटेल के ऊपर 50,000 रुपये की घोषणा की थी, जबकि यूपी पुलिस ने जुलाई में ललित पर 50,000 रुपए का इनाम रखा था।
  • 22 जुलाई 2007 को जंगल के अंदर पुलिस मुठभेड़ के बाद डकैत ददूआ और उसके साथियों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था।
  • डकैत ठोकिया को पुलिस ने 4 अगस्त, 2008 को बुंदेलखंड क्षेत्र में मार गिराया था।
  • डकैत बालखड़िया को पुलिस ने 2 जुलाई को मार गिराया था।
  • 24 अगस्त 2017 को बबली गैंग से मुठभेड़।

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