रिपोर्ट: तापमान बढ़ने से हर साल हो सकती है 15 लाख लोगों की मौत

Ranvijay SinghRanvijay Singh   6 Nov 2019 6:07 AM GMT

रिपोर्ट: तापमान बढ़ने से हर साल हो सकती है 15 लाख लोगों की मौत

अगर ग्रीन हाउस गैसों का उत्‍सर्जन ऐसे ही बना रहा तो देश के औसत तापमान में चार डिग्री तक बढ़त हो सकती है। इस बढ़ती गर्मी की वजह से साल 2100 तक भारत में हर साल करीब 15 लाख लोगों की मौत की संभावना है। यह बात टाटा सेंटर फॉर डेवलपमेंट द्वारा यूनिवर्सिटी आफ शिकागो में किए गए एक अध्‍ययन में सामने आई है।

इस रिसर्च में जलवायु परिवर्तन का जीवन और अर्थव्यवस्था पर क्‍या असर हो रहा है इसका अध्‍ययन किया गया। इस रिपोर्ट में सामने आया है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से कुछ दशक बाद 35 डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक तापमान वाले बेहद गर्म दिनों की औसत संख्या आठ गुना बढ़कर 42.8 फीसदी तक पहुंच जाएगी। वहीं, 2100 तक देश के 16 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों का औसत तापमान 32 डिग्री से अधिक होगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बढ़ते तापमान का सीधा असर लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य पर होगा और इससे मृत्‍यु दर में भी इजाफा होगा। रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई है कि बढ़ते तापमान की वजह से देश में सालाना 15 लाख से अधिक लोगों की मौत हो सकती है। अनुमान के मुताबिक, गर्मी का असर सबसे ज्‍यादा उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान, आन्ध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में होगा, इन राज्‍यों में 64 फीसदी मौतें हो सकती हैं।

इस रिपोर्ट को जारी करते हुए केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा, ''जलवायु परिवर्तन हम पर निर्भर करता है। इसका असर हम मानसून में बदलाव, सूखा, गर्म लहरों के रूप में देख रहे हैं' जलवायु परिवर्तन के कारण हम कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिसमें पानी का संकट एक बड़ी समस्या है।''

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट भी इस बात का दावा करती है कि अगर जलवायु परिवर्तन का वर्तमान रुझान लगातार बना रहा तो 2100 तक समुद्र का स्तर एक मीटर तक बढ़ सकता है। इसकी वजह से लाखों लोगों को पलायन करने को मजबूर होना पड़ सकता है। इस रिपोर्ट में यही भी कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित नहीं किया गया तो वैश्विक तापमान पूर्व औद्योगिक स्तर से दो डिग्री सेल्सियस ऊपर हो जाएगा।


More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top