दिल्ली: पानी की कमी पर सीएम केजरीवाल केंद्र सरकार से मांगेंगे मदद, 2024 तक मिलेगा साफ पानी

दिल्ली: पानी की कमी पर सीएम केजरीवाल केंद्र सरकार से मांगेंगे मदद, 2024 तक मिलेगा साफ पानी

लखनऊ। दिल्‍ली में पानी की समस्‍या बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री एवं दिल्ली जल बोर्ड (डीजीबी) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को केंद्र सरकार से मदद की अपील करेंगे। उन्‍होंने कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी के लिए पानी के हिस्से को बढ़ाने के लिए केंद्र से आग्रह करेंगे।

उन्‍होंने कहा कि शहर के लिए पानी की जो मात्रा स्वीकृत की गई थी, उसमें 1994 से कोई बदलाव नहीं आया है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी सरकार 2024 तक शहर के प्रत्येक निवासी को हर वक्त पानी उपलब्ध कराएगी।

केजरीवाल ने चंद्रावल फेज-2 जल शोधन संयंत्र के शिलान्यास कार्यक्रम में कहा कि दिल्ली के पास अपना जल स्रोत नहीं है। इसके लिए यमुना एवं गंगा के पानी के हिस्से को 1994 में लिया गया था।


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उन्होंने कहा, पिछले 25 साल में शहर की आबादी 1.25 करोड़ से बढ़कर 2.25 करोड़ हो गई है, लेकिन मुनक नहर से मिलने वाले पानी को अगर छोड़ दें तो पानी का हिस्सा जस का तस है। हम केंद्र से इसे बढ़ाने की अपील करेंगे।

केजरीवाल ने यह भी कहा कि, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी है और शहर में पर्याप्त पेयजल सुनिश्चित करना प्रत्येक सरकार की साझा जिमेदारी है। हम सिंचाई के लिए पानी की मांग नहीं कर रहे, हमें पेयजल चाहिए।

वर्तमान में दिल्ली निर्भर है इन नहरो पर...

वर्तमान में दिल्ली को गंगा नहर, पश्चिमी यमुना नहर, भाखड़ा नहर एवं यमुना नदी से उसका पानी मिलता है। इसके अलावा दिल्ली जल बोर्ड हर दिन 8 करोड़ गैलन भूजल निकालता है। मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया है कि उनकी सरकार 2024 तक पूरे शहर को हर वक्त साफ पेयजल उपलब्ध कराएगी।

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सबमर्सिबल पंप पर लगे रोक...

केजरीवाल ने कहा कि सबमर्सिबल पंप का हम जिस तरह से इस्तेमाल कर रहे हैं, उससे हमारा आज तो निकल जा रहा है मगर कल नहीं निकल पाएगा। सबमर्सिबल पंप पानी का ऐसा संकट लेकर आ रहा है, जिसका अंदाजा हम सभी को है मगर नजर हम सभी फेर ले रहे हैं।

इस पंप के कारण जमीन के नीचे का पानी गायब हो जाने वाला है। अगर ऐसा नहीं होता तो दिसंबर 2010 में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने गुड़गांव जिले में बोरवेल लगाने पर रोक नहीं लगाया होता। तब पीडब्ल्यूडी ने रिपोर्ट दी थी कि जिस दर से भूमिगत जल का उपभोग हो रहा है, उस हिसाब से 2040 तक इस जिले से भूमिगत जल समाप्त हो जाएगा।


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