ढाई साल में यूपी के विकास को रफ्तार, किसानों की भलाई के लिए किए काम: योगी

मुख्यमंत्री योगी ढाई साल पूरे: अपनी सरकार के ढाई साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना लेखा-जोखा पेश करते हुए किसानों की बात सबसे पहले की

ढाई साल में यूपी के विकास को रफ्तार, किसानों की भलाई के लिए किए काम: योगी

लखनऊ। अपनी सरकार के ढाई साल

पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना लेखा-जोखा पेश करते हुए किसानों की बात सबसे पहले की। प्रदेश में भाजपा सरकार द्वारा खेती-किसानी के क्षेत्र में प्रदेश सरकार द्वारा किए गए कार्यो को विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "हमने दशकों पुरानी किसानों की लंबित पड़ी योजनाओं को शुरू किया है, कर्जमाफी की घोषणा के साथ ही, मिट्टी की जांच, प्रदेश के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि समेत कई योजनाओं का लाभ की बात कही।"

सीएम ने कहा, "जब 14 वर्ष के वनवास के बाद भाजपा की सरकार प्रदेश में बनी तो चुनौतियां बहुत थीं, लेकिन चुनौतियों को अवसर में बदल कर यूपी में विकास, सुशासन और पहचान के संकट से उबारने का का काम किया है।"

खेती-किसानी, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क पर सरकार द्वारा शुरी की गई योजनाएं और उपलब्धियों को प्रमुखता से सीएम ने गिनाया। इस दौरान सरकार की उपलब्धियों पर पत्रिका "विकास एवं सुशासन के 30 माह" का विमोचन भी किया गया।

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खेती-किसानी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "दशकों पुरानी सिंचाई की योजनाएं लंबित पड़ी थीं जिन्हें हमने पूरा किया। पहली कैबिनेट बैठक में किसानों की कर्जमाफी की घोषणा की गई, मिट्टी की जांच कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि में एक करोड़ किसान लाभान्वित, किसानों को केवीके से जोड़ा गया। पिछले ढाई साल में 73,000 करोड़ रुपये गन्ना बकाया का भुगतान किया गया।"

स्वास्थ्य

स्वास्थ्य के क्षेत्र में उपलब्धियां बताते हुए सीएम ने कहा कि सबसे बड़ी सफलता पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस से मरने वाले बच्चों के आंकड़ों में आई कमी है। पिछले 40 सालों से हजारों मौतें हो रही थीं, 33 जिले जिसकी चपेट में थे। वेक्टर बॉर्न डिजीज (संचारी रोग) पर नियंत्रण किया गया। मस्तिष्क ज्वर में 65 प्रतिशत की कमी लाने में स्वच्छ भारत मिशन की अहम भूमिका है।

मेडिकल यूनिवर्सिटी और एम्स खोले जा रहे हैं। नेशनल मोबाइल मेडिकल इमरजेंसी को कुल 53 जनपदों में स्टार्ट करने का मामला हो, दवा की उपलब्धता के लिए उत्तर प्रदेश मेडिकल कार्पोरेशन की स्थापना की गई।

शिक्षा

ग्रामीण शिक्षा के बारे में जोर देते हुए योगी ने कहा पिछले 2.5 साल में 50 लाख अधिक बच्चे स्कूलों में पहुंचे। प्राइमरी स्कूलों में 1.80 करोड़ बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। कायाकल्प योजना से 90 हजार से अधिक विद्यालयों को बेहतर बनाया जा चुका है। माध्यमिक और उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा में भी उल्लेखनीय कार्य हुए हैँ। 193 नए इंटर कॉलेज और 51 नए डिग्री कॉलेज खुले हैं।

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बिजली

सीएम योगी ने कहा प्रदेश की 23 करोड़ की जनता हमारी अपनी जनता है, हम समान रूप से बिजली का वितरण करेंगे। बिजली के क्षेत्र में एक करोड़ नौ लाख परिवारों को नि:शुल्क बिजली कनेक्शन दिए गए। 1.67 लाख मजरों का विद्युतीकरण भी किया गया।

कानून-व्यवस्था

पुलिस की बेसिक सुविधाओं को बढ़ाने का कार्य किया है। जहां-जहां पुलिस लाइन नहीं थी वहां पुलिस लाइन की स्थापना की गई। पिछली सरकारों ने पुलिस फोर्स की 54 कंपनियां समाप्त कर दी हैं, हमारी सरकार ने फिर से बहाल करने के प्रयास किये।



इंफ्रास्ट्रक्चर

प्रदेश सरकार ने दो लाख करोड़ से अधिक निवेश हुआ है। डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग की शुरू होगी। आगामी वर्षों में 20 से 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है।

एमएसएमई सेक्टर-ओडीओपी को लागू किया

परंपरा के उद्योंगों को बढ़ावा दिया है। लगभग दो लाख लोगों को 18 हजार करोड़ से अधिक का लोन दिया जा चुका है। आगामी पांच वर्षों में 25 लाख युवाओं को रोजगार देने के लिए तैयारी शुरू की है। पूरे देश में यूपी का एक्सपोर्ट सबसे अधिक रहा है। जो पारंपरिक उद्यम मे ध्यान देने का परिणाम रहा। यूपी का एक्सपोर्ट सबसे ज्यादा रहा

स्वच्छ भारत मिशन

सीएम ने कहा स्वच्छ भारत मिशन में सरकार बनने से पहले यूपी 23वें नबंर पर था। पिछले 2.5 सालों में प्रदेश सरकार ने 2.61 करोड़ शौचालय गरीब परिवारों को उपलब्ध करवाए हैँ। शौचालय निर्माण में आज यूपी पहले नंबर पर है।

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प्रधानमंत्री आवास योजना

प्रदेश में भाजपा सरकार से पहले कुल 63 हजार आवास सैंक्शन हुए थे, पिछले 2.5 सालों में हमारी सरकार ने 25 लाख प्रधानमंत्री आवास शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कराए हैं।

प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना

इसके तहत प्रदेश में पांच लाख 13 हजार श्रमिकों का पंजीकरण कराने में प्रदेश सरकार सबसे आगे चल रही है। माटीकला बोर्ड का गठन किया, इसके बदले सोलर चाक और बिजली से चलने वाले चाक दिए गए।

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