'मंदिर-मस्जिद के नाम पर राजनीति करने वालों की दुकान अब बंद हो जाएगी'

अयोध्या विवाद मामले पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हर समुदाय के लोगों के किया स्वागत, लोगों ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करते हैं, हम चाहते हैं कि हमारे देश में शांति, सौहार्द और भाईचारा बना रहे, जिससे हमारे मुल्क की और तरक्की हो

Chandrakant MishraChandrakant Mishra   9 Nov 2019 12:30 PM GMT

लखनऊ। "जिन नेताओं और पॉलिटिकल पार्टियों को इस मसले पर राजनीति करने का मौका मिलता था वह राजनीति आज के बाद पूरी तरह से बंद हो जाएगी। जो लोग मंदिर-मस्जिद के नाम पर वर्षों से अपनी राजनीति की रोटियां सेंक रहे थे अब उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचेगा। सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है वह दोनों समुदाय के हक में है। फैसले के बाद अयोध्या में मंदिर भी बनेगा और मस्जिद भी बनेगी, यह अच्छी बात है। दोनों समुदाय के लोगों को वहां इबादत करने का मौका मिलेगा।" यह कहना है उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ निवासी आदिल (33वर्ष) का।

अयोध्या विवाद मामले पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हर किसी ने स्वागत किया है। लोगों ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करते हैं। हम चाहते हैं कि हमारे देश में शांति, सौहार्द और भाईचारा बना रहे, जिससे हमारे मुल्क की और तरक्की हो सके। पढ़िए लखनऊ के लोगों की क्या रही प्रतिक्रिया...

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लखनऊ के ही रहने वाले अज़मी (26वर्ष) कोर्ट के फैसले का इस्तकबाल करते हैं। उन्होंने कहा "यह सुप्रीम कोर्ट का फैसला है तो सही ही होगा। सभी लोगों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानना चाहिए। यह किसी के जीत हार का फैसला नहीं है। मेरे ख्याल से इस फैसले को और पहले आ जाना चाहिए था, क्योंकि इस मसले ने हमारे मुल्क की तरक्की रोक रखी थी। लोग बिना वजह इस मसले में उलझे रहते थे। लोगों का बहुत वक्त बर्बाद हुआ है। हमारा देश अब और तेजी से विकास करेगा। "


अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। फैसले के मुताबिक अयोध्या की विवादित ज़मीन को राम जन्मभूमि न्यास को दिया गया है। वहीं, मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में ही 5 एकड़ ज़मीन मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने फैसला सुनाया। अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर पूरे देश में चौकसी बढ़ा दी गई है। उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिन तक सभी स्कूल कॉलेज बंद रहेंगे। इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से कानून-व्यवस्था पर चर्चा की। उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।

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लखनऊ के रूमी गेट के पास मठे का ठेला लगाने वाले अहमद हसन (56वर्ष) ने भी कोर्ट के फैसले का दिल से इस्तकबाल किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "कोर्ट ने जो फैसला किया है वह बहुत ही अच्छा है। हम इससे संतुष्ट भी हैं और खुश भी हैं। हमारे मुल्क के अंदर सभी धर्मों के लोग मिल जुलकर रहते हैं, इसलिए सभी लोगों को इस फैसले का स्वागत करना चाहिए। जैसे अभी तक हम लोग एक दूसरे के सुख दुख में खड़े रहते थे उसी तरह इस फैसले के बाद भी खड़े रहेंगे। यह फैसला देश की तरक्की और अमन के लिए बहुत जरूरी था।"


"हम लोग तो शुरू से कहते आए हैं कि जो भी फैसला सुप्रीम कोर्ट करेगा हमें मान्य होगा। हम लोग कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हैं। जो लोग इस मसले को लेकर अभी तक राजनीति कर रहे थे उनकी राजनीति भी आज से खत्म हो जाएगी। मुझे इस बात की खुशी है कि फैसला दोनों पक्षों को ध्‍यान रखकर सुनाया गया है। हम कोर्ट का फैसला स्वीकार करते हैं। कोर्ट ने हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय को ध्यान में रखकर अपना फैसला सुनाया है। लोगों के अंदर जो खौफ था वह अब दूर हो जाएगा, लोग शांति के साथ रहेंगे।" ये कहना है लखनऊ के नक्खास निवासी मो. इमरान का।


लखनऊ के मनकामेश्वर मठ की महंत दिव्या गिरी ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसला का स्वागत किया। उन्होंने कहा, यह बहुत बड़ा फैसला था। पूरे देश को इस दिन का बेसब्री से इंतजार था। सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य है। लोगों को एक बार फिर देश की न्याय पालिका के ऊपर विश्वास बढ़ा है। लोगों की जो श्री राम में अस्था थी जो विश्वास था वह एक साक्ष्य के साथ साबित हुआ है यह खुशी की बात है। अयोध्या में एक भव्‍य राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए।''

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