चित्रकूट विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नीलांशु चतुर्वेदी विजयी 

चित्रकूट विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नीलांशु चतुर्वेदी विजयी कांग्रेस।

भोपाल (भाषा)। कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के चित्रकूट विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज की। इसके साथ ही पार्टी ने सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। अगले महीने गुजरात और 2018 में मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिहाज से कांग्रेस की यह जीत अहम मानी जा रही है।

निर्वाचन अधिकारी ए के द्विवेदी ने बताया कि कांग्रेस के उम्मीदवार नीलांशु चतुर्वेदी ने अपने निकटतम उम्मीदवार भाजपा की शंकरदयाल त्रिपाठी को 14,133 मतों के अंतर से हरा दिया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस उम्मीदवार को 66,810 मत हासिल हुए तथा भाजपा प्रत्याशी त्रिपाठी को 52,677 वोट मिले। 2455 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना।

कांग्रेस विधायक प्रेम सिंह के निधन के कारण इस सीट पर नौ नवंबर को उपचुनाव कराया गया था, जिसमें 65 फीसदी मतदान हुआ था। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में सिंह ने 10,970 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। उन्होंने भाजपा के सुरेन्द्र सिंह गहरवार को पराजित किया था।

चित्रकूट सीट के लिए हुए उपचुनाव में 12 उम्मीदवार मैदान में थे लेकिन मुख्य मुकाबला नीलांशु चतुर्वेदी और शंकरदयाल त्रिपाठी के बीच ही माना जा रहा था।

उत्तर प्रदेश की सीमा से लगी मध्यप्रदेश की चित्रकूट सीट कांग्रेस की परम्परागत सीट मानी जाती है. कांग्रेस के कब्जे से यह सीट हथियाने के लिए सत्ताधारी भगवा पार्टी ने अपना पूरा जोर लगाया था लेकिन उसे कोई सफल नहीं मिली। इस उपचुनाव में नौ निर्दलीयों सहित 12 उम्मीदवार मैदान में थे।

सतना स्थित शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-एक में वोटों की गिनती अलग-अलग 14 टेबलों पर की गयी। यह मतगणना 19 चरण में पूरी हुई। मतगणना के लिए 70 कर्मचारी तैनात किए गए थे। इनमें एक-एक काउंटिंग सुपरवाइजर, काउंटिंग सहायक और माइक्रो ऑब्जर्वर तथा दो अन्य कर्मचारी शामिल थे।

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भाजपा ने चित्रकूट उपचुनाव में हार मानी

मध्यप्रदेश के सतना जिले की चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में मिली हार को भारतीय जनता पार्टी ने 'जनादेश' करार देते हुए हार की समीक्षा का ऐलान किया है। प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान का कहना है कि पार्टी हारी क्यों, इसकी समीक्षा होगी। उपचुनाव के नतीजे आने के बाद भाजपा में मायूसी है।

शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री।

आप भाजपा प्रत्याशी को जिताइए और क्षेत्र के विकास की जिम्मेदारी मुझ पर छोड़ दीजिए।” मगर जनता ने अपने मुख्यमंत्री के दिए वचन पर भरोसा नहीं किया।
शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री (चित्रकूट की जनता से सीएम ने कहा)

पार्टी यह मानकर चल रही थी कि जीत पर जश्न मनेगा, मगर ऐसा हुआ नहीं। नंदकुमार ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा, "हम जनादेश का सम्मान करते हैं, पार्टी को अपने उम्मीदवार की हार स्वीकार है। वैसे यह विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस का परंपरागत क्षेत्र है। यहां भाजपा सिर्फ एक बार 2008 में ही जीती थी। फिर भी हार के कारणों की समीक्षा होगी।"

उन्होंने आगे कहा कि पार्टी ने अगले चुनाव यानी वर्ष 2018 के विधानसभा के लिए 'अबकी बार 200 पार' का नारा दिया है। इस पर काम किया जाएगा। 30 वे सीटें हैं, जहां कांग्रेस परंपरागत तौर पर जीतती रही है।"

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