Congress Manifesto: कांग्रेस के कुल 52 वादों की पूरी डिटेल यहां देखिये

  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • koo
Congress Manifesto: कांग्रेस के कुल 52 वादों की पूरी डिटेल यहां देखिये

लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस ने अपनी घोषणापत्र जारी कर दी है। कांग्रेस ने अपने manifesto में हर वर्ग का ध्यान रखने का प्रयास किया है। घोषणापत्र में कुल 52 वादें किये गये हैं जो इस प्रकार है-

1- रोजगार

जैसा की पहले से ही कहा जा रहा था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बेरोजगारी को लेकर भाजपा सरकार को घेरते आये हैं। तो कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में रोजगार को पहले नंबर पर रखा है। कांग्रेस ने घोषणापत्र में लिखा है कि जहां एक तरफ बेरोजगारी देश के लिए सबसे बड़ी चुनौती है तो वहीं दूसरी तरफ नये रोजगार अर्थव्यवस्था की पहली प्राथमिकता है। पिछले पांच वर्षों में बेरोजगारी दर में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। सरकार के खुद के आंकड़ों के अनुसार यह 45 साल के उच्चतम स्तर 6.1 प्रतिशत तक पहुंच गयी है, जबकि सेन्टर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के अनुसार बेरोजगारी की दर 7.2 प्रतिशत है। फरवरी के अंत तक, लगभग 3.1 करोड़ लोग नौकरी की तलाश में थे। आंकड़े बता रहें कि रोजगार में कमी आई है, श्रम भागीदारी दर में कमी आई है और बड़े पैमाने पर वर्तमान नौकरियां खत्म हो रही हैं। बढ़ती बेरोजगारी और मौजूदा नौकरियों के खत्म होने से, सभी वर्ग महिला, युवा, छोटेव्यापारी, व्यवसायी, किसान, दिहाड़ी मजदूर और खेतिहर मजदूर बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।

2-उद्योग

नया रोजगार तभी होगा जब कल-कारखाने बनेंगे। कांग्रेस ने इस मुद्दे को दूसरे नंबर पर रखा है। घोषणापत्र में लिखा है कि कांग्रेस ने 1991 में नयी औद्योगिक नीति के साथ उदारीकरण की शुरुआत की थी। आज वैश्विक और भारतीय अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, कांग्रेस एक दूरदर्शी प्रगतिशील औद्योगिक नीति बनायेगी। भाजपा सरकार ने सिर्फ खोखले नारे लगाये हैं, औद्योगिक क्षेत्र में सकल पूंजी निर्माण दर या उद्योग क्षेत्र के विकास के आंकडे़ निराशाजनक सच्चाई को बयान कर रह हैं। कांग्रेस उद्योग जगत के इन निराशाजनक आंकड़ों को बदलने का वादा करती है।

3- आधारभूत ढ़ांचा

भारतीय अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी समस्या कमजोर बुनियादी ढ़ांचा है। दोषपूर्ण डिजाइन, ठीक से न बनाया, अपर्याप्त क्षमता तथा बुनियादी ढांचे के रखरखाव का निम्नतर स्तर ने भारत की विकासदर को कम कर दिया है। कांग्रेस इन कमियों को दूर करगी। बुनियादी ढ़ांचे को मजबूत करने के लिए सभी उपलब्ध मॉडल- सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र और सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संयुक्त भागीदारी का इस्तेमाल किया जायेगा। सड़क, रेलवे मार्ग और विद्युत अति आवश्यक बुनियादी सुविधा क्षेत्र होने के साथ-साथ आम जनता के हित के लिए आवश्यक है।

4- शहर-शहरीकरण और शहर नीति

भारत का तेजी से शहरीकरण हो रहा है। देश की कुल आबादी का 34 प्रतिशत कस्बों और शहरो में रहती है। यह संख्या बढ़ती जा रही है। पूरी दुनिया की तरह भारत के शहर भी विकास के केन्द्र बन सकते हैं। जेएनएनयूआरएम के स्थान पर भाजपा सरकार द्वारा लाये गये, स्मार्ट सिटी अभियान पूरी तरह से असफल रहा है जिसमें बेवजह पैसे की बर्बादी के अलावा कोई फायदा नहीं हुआ है।

5- ग्रामीण विकास

कांग्रेस ने घोषणापत्र में ग्रामीण विकास को भी जगह दी है। कांग्रेस ने लिखा है कि कांग्रेस ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क पुल, जल आपूर्ति, स्वच्छता, बिजली और स्कूल सहित सभी प्रकार के बुनियादी ढांचे का विस्तार एवं गुणवत्ता में सुधार का वादा करती है।

6- अनौपचारिक और असंगठित क्षेत्र

कांग्रेस असंगठित और अनौपचारिक क्षेत्र में कार्यरत करोड़ों श्रमिकों और स्वरोजगार करने वाले उद्यमियों के जीवन को सुलभ बनाने के लिए विशेष प्रयास करगी।

7- कृषि, किसान और कृषि श्रमिक

हाल ही में पांच राज्यों में हुए चुनावों में कांग्रेस ने कृषि क्षेत्र में अपना प्रमुख हथियार बनाया था। राहुल गांधी ने कर्जामाफी का वादा किया था और जिन राज्यों में सरकार बनी वहां उस पर काम भी हुआ। इस बारे में घोषणापत्र में लिखा है कि प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहर लाल नेहरू ने कहा था कि "सब कुछ इंतजार कर सकता है पर कृषि नहीं"। लेकिन, पिछले पांच वर्षों के भाजपा राज में कृषि क्षेत्र गहर संकट में चला गया है। पिछले चार साल में उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं दिया गया, फसल खरीद केन्द्र या तो थे ही नहीं या वहाँ पर पूरी तरह से खरीद हुई ही नहीं है, किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ता चला गया, कृषि लागत लगातार बढ़ती गई, कृषि ऋण सुविधा अनुपलब्ध थी या अपर्याप्त थी, नोटबंदी ने नकद आधारित कृषि व्यवस्था को झकझोर दिया है, सहकारी ऋण समितियों तथा सहकारी बैंकों ने किसानों की जमापूंजी को सहकारी ऋण में परिवर्तित करने के अधिकार से किसानों को वंचित कर दिया, ज्यादातर व्यापार की शर्तें कृषि क्षेत्र के खिलाफ थी, फसल बीमा योजना ने किसानों को लूटकर बीमा कं पनियों की जेब भरी, किसानों और खेतिहर मजदूरों को सरकार की तरफ से कोई सहायता नहीं मिली।

8- आर्थिक नीति

भारत एक विकासशील देश है जो 2030 तक मध्यम आय वाला देश बनने का इच्छुक है। संपदा सृजन और जन कल्याण हमारे दो प्रमुख लक्ष्य हैं। कांग्रेस का आर्थिक दर्शन एक खुली और उदार अर्थव्यवस्था, धन का सृजन, सतत् विकास, असमानताओं में कमी तथा सभी लोगों के कल्याण पर आधारित है। इस तरह की वृद्धि निजी क्षेत्र कार्य कुशल सार्वजनिक क्षेत्र द्वारा सामाजिक सुरक्षा की प्रणाली को रखांकित करके ही आयेगी।

9- न्यूनतम आय योजना (NYAY)

हम गर्व के साथ याद दिलाना चाहते हैं कि 2004-2014 के बीच यूपीए सरकार ने, 14 करोड़ लोगों को गरीबी से उभारा था। यह सच है कि तीव्र और व्यापक आधार वाला विकास, गरीबी को कम करेगा, और मध्यम या दी दीर्घावधि में गरीबी को खत्म कर देगा। दूसरी तरफ निर्णायक और लक्ष्य केन्द्रित हस्तक्षेप, एक दशक के भीतर गरीबी को पूरी तरह समाप्त कर सकता है, इसलिए कांग्रेस 2030 तक गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित कर रही है।

- कांग्रेस का मानना है कि भारत की जीडीपी का आकार और कुल व्यय (राज्य और केन्द्र सरकार को मिलाकर) हमें इजाजत देता है कि हम देश के सबसे गरीब लोगों को राजकोषीय लक्ष्यों से विचलित हुए बिना, नकद हस्तांतरण की महत्वाकांक्षी योजना चला सकते हैं।

न्यूनतम्‌ आय योजना की विशेषताएं इस प्रकार है

- देश की जनसंख्या के 20 प्रतिशत अर्थात लगभग पांच करोड़ परिवार जो कि सबसे गरीब हैं, इस योजना सेल लाभित होंगे।

- प्रत्येक परिवार को हर साल बहत्तर हजार रुपए (72,000) नकद हस्तांतरित किये जायेंगे।

- जहाँ तक संभव होगा हर परिवार की मलिहा के खाते में जायेगा, यदि उसके पास बैंक खाता है तो ठीक वरना नया बैंक खाता

खोलने को कहा जायेगा।

- शुरूआत के तीन महीने (0-3) कार्यक्रम को पूरी तरह से डिजाइन किया जायेगा तथा प्राथमिक चरण के बाद अगले छ: महीने (6-9) कार्यक्रम की योजना, क्रिन्यावयन पद्धति तथा सलफता

को जांचा-परखा जायेगा, उसके बाद कार्यक्रम को पूरी तरह शुरू किया जायेगा।

- कार्यक्रम को चरणवद्ध तरीके से लागू किया जायेगा।

- कार्यक्रम की अनुमानित लागत पहले वर्ष में जीडीपी का 1 प्रतिशत से कम तथा उसके पश्चात जीडीपी का 2 प्रतिशत से भी कम रहने की उम्मीद है, बाद के वर्षों में भी यह इतनी ही रहेगी।

कांग्रेस का लक्ष्य होगा कि कोई भी "भारतीय परिवार पीछे न छूट जाये"

10- कर निर्धारण और कर प्रणाली सुधार

आयकर और माल एवं सेवा कर अर्थव्यवस्था की रीढ़ होंगे। कांग्रेस मानती है और उसे पुनः दोहराती है कि कर सरल, पारदर्शी और प्रगतिशील होने चाहिए, इसके अलावा कर प्रशासन विश्वसनीय होना चाहिए, जिस पर करदाताओं को भी विश्वास हो, कांग्रेस उन सभी करों को समाप्त कर देगी जिन्होंने आम आदमी के साथ-साथ व्यवसायियों के मन में डर भरकर एक टैक्स-आतंक और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।

11- बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र

कांग्रेस प्रतिस्पर्धी बैंकिग क्षेत्र में अपने विश्वास की पुष्टि करती है। भाजपा सरकार ने पिछले पांच वर्ष में बैंकिग क्षेत्र को काफी कमजोर किया है, गैर निष्पपादित सम्पत्ति (Non Performing Assets) में काफी तेजी से वृद्धि हुई है। क्रोनी कैपिटलिज्म पनप रहा है तथा योग्य व्यक्तियों को ऋण से वंचित किया जा रहा है। कांग्रेस बैंकिग और वित्तीय क्षेत्रों में पनपी इन कुरीतियों को तुरन्त समाप्त करगी।

12- विज्ञान, प्रोद्योगिकी और नवाचार

विज्ञान, प्रोद्योगिकी और नवाचार में किया गया निवेश, देश के भविष्य के लिए निवेश होता है। वैज्ञानिक चेतना और खोजी प्रकृति भारत की प्रगति के लिए आवश्यक है।

13- मत्स्य पालन उद्योग और मछुआरे

140 लाख से अधिक भारतीय प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका के लिए मत्स्य उद्योग पर निर्भर हैं। कांग्रेस मत्स्य उद्योग को तेजी से विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

14- राष्ट्रीय सुरक्षा

राष्ट्रीय सुरक्षा एक मजबूत रक्षा नीति, एक गंभीर विदेश नीति और परिपक्व नेतृत्व पर निर्भर रहती है। राष्ट्रीय सुरक्षा खुद की पीठ थपथपाने और अतिशयोक्तिपूर्ण दावे करने से नहीं आती है।

यह भी पढ़ें- कांग्रेस का घोषणापत्र: किसानों के लिए हैं कुल 21 मुख्य बातें, जानिये क्या है खास

15- आंतरिक सुरक्षा

राष्ट्रीय सुरक्षा एक मजबूत रक्षा नीति, एक गंभीर विदेश नीति और परिपक्व नेतृत्व पर निर्भर रहती है। राष्ट्रीय सुरक्षा खुद की पीठ थपथपाने और अतिशयोक्तिपूर्ण दावे करने से नहीं आती है। आंतरिक सुरक्षा कांग्रेस वायदा करती है कि वह सुरक्षा स्थिति पर सर्तक नजर रखेगी और भारत के हर नागरिक और आगंतुक को सुरक्षा की भावना प्रदान करने तथा कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए, हर संभव प्रयास और उपाय करगी।

16- विदेश नीति

भारत की विदेश नीति स्वतंत्रता संग्राम से प्रभावित है। जो हमार दूरदर्शी नेताओं के सामूहिक ज्ञान और दूरदर्शी दृष्टिकोण से विकसित हुई है। दुर्भाग्य से भाजपा शासन के दौरान एक व्यक्ति की सनक और व्यक्तिगत इच्छा के कारण उलट-पलट हो गई है। हमार राष्ट्रीय हित के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। हम देश के लिए इस प्रकार की हानिकारक नीतियों और घटनाओं को बदलकर नये सिर से विदेश नीति विशेषज्ञों पर विश्वास दोहरायेंगे।

17- सीमा सुरक्षा

भारत की सीमाएं सुरक्षित होनी चाहिए, सुरक्षित सीमाएं भारत की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करती है। कांग्रेस विभिन्न प्रकार के उपाय करके सीमा सुरक्षा को बढ़ाने का वायदा करती है।

18- भूतपूर्व सैनिक

यूपीए सरकारों के तहत कांग्रेस ने एक रैंक एक पेंशन के सिद्धान्त को स्वीकार किया और वर्ष 2006, वर्ष 2010 और वर्ष 2013 में तीन महत्वपूर्ण कदम उठाए। फरवरी, 2014 में यूपीए सरकार ने सभी रैंकों के पेंशनधारियों के बीच के अन्तर को खत्म करने का फैसला किया। पूर्व सैनिकों का मानना है कि भाजपा सरकार ने उनकी मांग के हिसाब से एक रैंक एक पेंशन को लागू नहीं किया, कांग्रेस एक रैंक एक पेंशन में लागू विसंगतियों को दूर करने का हर संभव प्रयास करने का वायदा करती है।

19-केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल

केंद्रीय सशस्त्र सुरक्षा बल हमारी सीमाओं की रक्षा की पहली पंक्ति है। देश में कानून और व्यवस्था टूटने के दौरान भी वे सबसे पहली पंसद होते हैं। हजारों जवानों ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। कांग्रेस केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने और जवानों के कल्याण कार्यक्रम में सुधार का वायदा करती है।

20- कला-संस्कृति और साहित्य

कला-संस्कृति और विरासत लोगों को पहचान दिलाती है। भारत जैसा बहु-सांस्कृतिक देश, जिसके पास गर्व करने लायक कला-संस्कृति-साहित्य और बृहद विरासत है, जिसे संरक्षित और सुरक्षित किये जाने की जरूरत है।

21 - पर्यटन

अनुमान है कि वर्ष 2018 में भारत में लगभग एक करोड़ पर्यटक आये। दुसर देशों की तुलना में यह संख्या काफी निराशाजनक है। कांग्रेस पर्यटकों की संख्या में 20 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आवश्यक उपाय करगी। पर्यटन अनेक कारणों से महत्वपूर्ण है। लेकिन सबसे अधिक महत्वपूर्ण यह है कि ये विभिन्न स्तर की शिक्षा वाले लोगों के लिए रोजगार उपलब्ध करवा सकता है।

22- अप्रवासी भारतीय

कांग्रेस का विश्वास है कि भारतीय चाहकर भी किसी भी देश में रहते हों या कार्य करते हो लेकिन भारत का अभिन्न अंग है।

23- नागरिकों एवं नागरिक संगठनों के साथ जुड़ाव

कांग्रेस अपने उस विश्वास को दोहराती है कि नागरिक समूह और संगठन, संसदीय लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। यूपीए सरकारों के समय नागरिक समूह और संगठनों ने हमार एजेंडा को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, हम नागरिक/सामाजिक संगठनों के साथ जुड़ने की प्रक्रिया को जारी रखने तथा उनके अनुभव और ज्ञान से लाभान्वित होते रहेंगे।

24- संस्थान

लोकतंत्र की रक्षा और उसे मजबूत करने वाले संस्थानों को इससे पहले कभी इतना कमजोर और कलंकित नहीं किया गया है, जितना की पिछले पांच वर्षों में हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक, केंद्रीय सतर्कता आयोग, भारतीय निर्वाचन आयोग, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय सूचना आयोग, राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग जैसी अनेक संस्थाओं की स्वतंत्रता और स्वायत्तता को छीन कर इन्हें पंगु बना हे दिया गया है।

25- भ्रष्टाचार विरोधी

- कांग्रेस बिना भेदभाव के भ्रष्टाचार विरोधी कानून को लागू करगी।

- राफेल सहित पिछले पांच साल में भाजपा सरकार द्वारा किये गये

सौदों की जांच की जायेगी।

- कांग्रेस उन कारकों और परिस्थितियों की भी जांच करगी, जिसके तहत पिछले पांच वर्ष में अनेक भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों को देश छोड़ने की इजाजत दी गई है, उन्हें वापस हें लाकर कानून के तहत कारवाई की जायेगी।

26- सरकार, पारदर्शिता और जवाबदेही

- शासन को पारदर्शी, परिणामोन्मुखी और जवाबदेह बनाने की प्रक्रिया में कांग्रेस प्रत्येक वर्ष अपने घोषणापत्र में किये वादों पर जनता के सामने वक्तव्य देगी।

- हम वादा करते हैं कि कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की प्रक्रिया में कार्यक्रमों/नीतियों का सामाजिक ऑडिट किया जायेगा तथा प्रत्येक साल के अन्त में "क्या किया है और क्या छूट गया है" के बारे में एक रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा जायेगा।

3- कांग्रेस सूचना का अधिकार कानून का उसके 14 वर्ष के कामकाज के आधार पर मूल्याकं न करगी। इस बीच इस कानून को कमजोर करने वाले प्रावधानों को हटाकर कानून को मजबूत करने वाले प्रावधानों को जोड़ा जायेगा, जिससे कि यह कानून और भी अधिक प्रभावी हो सके। कांग्रेस समाज के विभिन्न वर्गों से आए हुए लोगों को सूचना आयुक्त नियुक्त करने का वायदा करती है।

4- हम सभी सरकारी, अर्धसरकारी एजेसियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और अन्य सार्वजनिक उद्यमों में विविधता का आंकलन कर, उसे सुनिश्चित करने के लिए विविधता सूचकांक (diversity index) की शुरुआत करेंगे।

5- कांग्रेस आम जनता को आवास, छात्रावास, होटल, क्लब जैसे साधन और सेवाएं देने में होने वाले जाति-धर्म, भाषा, क्षेत्र और लिंग के भेद को समाप्त करने के लिए, एक भेदभाव विरोधी कानून बनाने का वायदा करती है।

6- शिकायतों को अनिवार्य रूप से तथा समयबद्ध तरीके सेनिवारण करने के लिए कांग्रेस शिकायत निवारण विधेयक-2011 को पेश करगी और पारित करायेगी।

7- व्हिसल ब्लोअर्स प्रोटेक्शन कानून-2016 के तहत सभी नियम और अधिनियमों को बनाया जायेगा, कांग्रेस यह सुनिश्चित करगी कि यह कानून कहीं से भी कमजोर न पड़े।

28- स्थानीय स्वशासन

कांग्रेस 73वें और 74वें संविधान संशोधन की जननी है। हमारे देश में जहाँ कि ज्यादातर जनसंख्या महानगरों की परिधि से बाहर रहती है, पंचायतीराज स्वशासन का मौलिक आधार है।

- कांग्रेस स्थानीय पंचायतों और नगर पालिकाओं की अवधारणा को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने का वादा करती है।

- कांग्रेस राज्य सरकारों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करगी कि जी.एस.टी. का कु छ हिस्सा स्थानीय निकायों (पंचायतों और नगरपालिकाओं) को आंबटित किया जाए।

- कांग्रेस गांवों और पंचायतों से संबंधित मामलों में ग्राम सभाओं की भूमिका और अधिकार बढ़ाने का वादा करती है। कांग्रेस वर्ष में कम से कम दो बार ग्राम सभाओं की बैठक करने को अनिवार्य करगी।

- कांग्रेस यह सुनिश्चित करने का वादा करती है कि ग्राम सभा के अधिकारों से संबंधित निम्नलिखित अधिनियमो को अक्षरशः पालन किया जाये।

पंचायत अधिनियम, 1996 (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार)

वन अधिकार अधिनियम, 2006

भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013

29- न्यायपालिका

- संविधान की व्याख्या करने तथा राष्ट्रीय तथा कानूनी महत्व के अन्य मामलों की सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट को संवैधानिक न्यायालय बनाने के लिए संविधान में संशोधन किया जायेगा।

- उच्च न्यायालयों और आदेशों की अपील सुनने के लिए, 6 अलगअलग स्थानों मे उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के बीच, कोर्ट ऑफ अपील की स्थापना करने के लिए संविधान में संशोधन किया जायेगा। कोर्ट ऑफ अपील में 3 न्यायाधीशों की अने बेंच अपील का निपटारा किया करेंगी।

- हम महिलाओं, एस.सी.-एस.टी., ओ.बी.सी., अल्पसंख्यकां तथा समाज के अन्य वर्गां जिनका न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व कम है, के प्रतिनिधित्व को सभी स्तरों में बढ़ाने का वायदा करते हैं।

- हम न्यायपालिका के लिए आवश्यक बुनियादी ढ़ांचा प्रदान करने के लिए प्रतिवर्ष पर्याप्त धन आंवटित करेंगे।

- कांग्रेस उच्च न्यायालयों और उच्चतम् न्यायलयों के न्यायाधीशों की सेवानिवृति आयु को 65 वर्ष करने का वादा करती है। विभिन्न आयोगों ओर न्यायाधिकरणों में न्यायिक सदस्यों की सेवानिवृति की आयु भी 65 वर्ष ही होगी। इससे जहाँ एक तरफ न्यायाधीशों को सेवानिवृति के पश्चात काम करने से रोका जायेगा, वहीं दूसरी तरफ योग्य व्यक्तियों को न्यायाधीश न्यायिक सदस्य के रूप में सेवा करने का और अधिक अवसर मिलेगा।

- कांग्रेस न्यायपालिका के सहयोग से न्यायाधीशों के प्रशासन में सुधार तथा रोस्टर प्रबंधन के लिए तकनीक के साथ-साथ पेशेवरों की नियुक्ति करगी।

- हम मुकदमों पर नजर रखने और मामलों की सुनवाई तथा निर्णयों में तेजी लाने के लिए न्यायपालिका के हर स्तर पर तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करेंगे।

- विद्वानों, ईमानदार एवं स्वतंत्र न्यायधीश न्यायपालिका की आत्मा हैं, कांग्रेस राष्ट्रीय न्यायायिक आयोग (एनजेसी) को स्थापित करने का वादा करती है। एनजेसी में न्यायधीश, न्यायविद और सांसद सदस्य के तौर पर होगे तथा इनकी सदस्यता के लिए एक पूर्णकालिक सचिवालय होगा। राष्ट्रीय न्यायायिक आयोग का कार्य, उच्च और उच्चतम न्यायालयों में न्यायाधीशों नियुक्ति करना है। सभी उम्मीवारों के नाम तथा चयन की प्रक्रिया तथा चयन के कारण को सार्वजनिक पटल पर रखा जायेगा ताकि चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरकरार रह। इस व्यवस्था के बनने के दो महीने पश्चात उच्च एवं उच्चतम् न्यायलयों से रिक्त पद भरने के प्रयास किये जायेंगे।

- कांग्रेस कानून बनाकर एक स्वतंत्र न्यायिक शिकायत आयोग की स्थापना करेगी जो न्यायधीशों के खिलाफ कदाचार की शिकायते देकर उपयुक्त कार्यवाही के लिए संसद को परामर्श देंगे।

30- कानून नियम और विनियमो की पुनःपरख

नागरिक स्वतंत्रता हमारे लोकतांत्रिक गणंराज्य की प्रमुख पहचान है। कानूनों का उद्देश्य स्वतंत्रता को मजबूती देना है, कानून सिर्फ और सिर्फ हमार संवैधानिक मुल्यों को दर्शाने के लिए होने चाहिए। कांग्रेस का मानना है कि हम एक अति विधायी और अतिविनियमित देश बन गये है, कई कानूनों नियमों और अधिनियमों ने नागरिक स्वतंत्रता को प्रतिबंधित कर दिया है। नतीजतन नवाचार, जिसकी वजह से उद्यमशीलता में नये प्रयोगों औद्योगिकी के नये प्रयासों पर एक तरह के प्रतिबंध लग गये हैं, जिसका सीधा असर हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

कांग्रेस सभी नियमों, विनियमों और कानून की व्यापक समीक्षा करगी और

i. आज के संदर्भों के हिसाब से पुराने और बेकार हो चुके कानूनों को खत्म करगी, जो बेवजह नागरिकों की स्वतंत्रता

पर अड़चन डालतें हैं।

ii. उन सभी साधनों और प्रक्रिया में संशोधन करके उन् संवैधा हें निक मुल्यों के अनुरूप बनायेंगे।

iii. नागरिकों द्वारा रोजमर्रा के जीवन में पालन किये जाने वालेनियमों, कानूनों और विनियमों की संख्या को कम करेगी।

31- चुनाव सुधार

चुनाव में काले धन का उपयोग और मतदाताओं को प्रभावित करने के तरीकों को रोक पाने में चुनाव आयोग पूरी से अप्रभावी रहा है हम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाने की सबसे बड़ी चुनौती सेनिपटने के लिए कारगर उपाय करेंगे।

32- पुलिस आधार

1. पुलिस, कानून और व्यवस्था राज्य के विषय हैं। प्रकाश सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्देशित पुलिस सुधारों पर आम सहमति बनाने के लिए कांग्रेस राज्य सरकारों से परामर्श करगी। सर्वसम्मति के आधार पर कांग्रेस मॉडल पुलिस अधिनियम पारित करगी तथा राज्यों को राज्य विधान सभाओं से पारित करवा कर

अधिनियमित करने और अपनाने की सलाह देगी।

-मॉडल पुलिस अधिनियम का उद्देश्य पुलिस बलों को आधुनिक प्रौद्योगिकी, सक्षम, नागरिक अनुकुल तथा मानवधिकारों और कानूनों के तहत संरक्षक के रूप मे तैयार करेंगे।

-मॉडल पुलिस अधिनियम में निम्नलिखित प्रावधान किये जायेंगे -

-राज्य पुलिस बल को एक स्वतंत्र पुलिस जवाबदेही आयोग के साथ-साथ राज्य विधानमंडल को वार्षिक रिपोर्ट देने के लिए उत्तरदायी बनाया जायेगा।

-पुलिस बल को विकेन्द्रीकृ त करना तथा पुलिस बल की निगरानी के लिए समुदाय को शामिल करना।

-राज्य पुलिस महानिदेशालय की सीधी देखरख में राज्य पुलिस बल के विशेष विंग द्वारा साम्प्रदायिक दंगा, लिंचिंग और सामूहिक बलात्कार मामलों की जांच करना।

- कांग्रेस राज्य सरकारों के साथ मिलकर पुलिस बलों के आकार में वृद्धि करने का वायदा करती है। 18 महीने के अन्दर मौजूदा सभी रिक्तियां भरने तथा भविष्य में खाली होने वाले पदों को भरने के लिए एक वार्षिक भर्ती कार्यक्रम बनायेंगे।

हम राज्य सरकारों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके पुलिस बल में राज्य की विविधता के अनुसार प्रतिनिधित्व हो। वंचित समूहों, महिलाओं के अधिक प्रतिनिधित्व के लिए विशेष प्रयास किये जायेंगे।

हम यह सुनिश्चित करेंगे कि राज्य पुलिस बल सीधी भर्ती तथा कांस्टेबल और अधिकारियों के पदोन्नति के दौरान महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण के मापदण्ड का सम्मान कर।

यह भी पढ़ें- लोकसभा चुनाव 2019: कांग्रेस ने जारी किया घोषणापत्र, ये हैं 5 बड़ी बातें

33 - मीडिया और मीडिया की स्वतंत्रता

कांग्रेस का दृढ़ विश्वास है कि मीडिया को स्वतंत्र और स्वनियंत्रित होना चाहिए

34- संभावित परियोजना और नया योजना आयोग

भारत जैसे विशाल राष्ट्र में जहाँ विशिष्ट विषयों को संचालित करने वाले अनेक मंत्रालय एवं विभागों के साथ राज्य और केन्द्र सरकारों की संघीय प्रणाली हों, वहाँ आवश्यक हो जाता है कि एक विशेषज्ञ निकाय हो

प्रतिस्पर्धी दावों का मूल्यांकन करे।

केंद्र व राज्य सरकारो के बीच और वित्त मंत्रालय व विभिन्न विभागो के बीच धन के आवंटन की मध्यस्थता करें।

धन के उपयोग की निगरानी करें।

व्यय ब्यौरा परिणामों के बीच के अंतर का आंकलन और मूल्यांकन करें।

35- महिला सशक्तीकरण और लिंग संवेदीकरण

ऐतिहासिक रूप से महिला अधिकारों, समानता और सशक्तीकरण के संघर्ष में कांग्रेस पार्टी ने अग्रणी भूमिका निभाई है। भारत की एक मात्र महिला प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी कांग्रेस पार्टी की नेता थीं। हमने महिलाओं को सशक्त करने के लिए, अनेक कानून बनाये, हम लिंगसंवेदी शब्द को योजनाओं की मुख्य धारा में लेकर आये।

36- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग

भारत का संविधान अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों को रोजगार और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण प्रदान करता है। हमें अपने समाज के ऐतिहासिक रूप से वंचित वर्गों को, सामाजिक और आर्थिक न्याय सुनिश्चित करने के लिये इससे भी अधिक करना चाहिए।

37- जम्मू-कश्मीर

26 अक्टूबर, 1947 को 'इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेसेशन' (Instrument of Accession) पर हस्ताक्षर किये जाने के बाद से कांग्रेस जम्मू-कश्मीर के घटनाक्रमों की गवाह रही है। कांग्रेस इस बात को दोहराती है कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। हम राज्य के अनुपम इतिहास और उन अद्वितीय परिस्थितियों का भी सम्मान करते हैं, जिनके तहत राज्य ने भारत में विलय को स्वीकार किया, जिसके वजह से भारत के संविधान में अनुच्छेद 370 को शामिल किया गया। इस संवैधानिक स्थिति को बदलने की न तो अनुमति दी जायेगी, न ही ऐसा कु छ भी प्रयास किया जायेगा।

38- पूर्वोत्तर राज्य

कांग्रेस इस बात को दोहराती है कि पूर्वोत्तर राज्य भारत का अनूठा और अमूल्य हिस्सा है, जो हमार देश को समृद्ध संस्कृति, भाषाएं, परंपराएं, रीति-रिवाज और जैव-विविधता प्रदान करते हैं। हम पूर्वोत्तर राज्यों और यहां के लोगों के हितों की रक्षा और सुरक्षा के लिए तथा क्षेत्र के तेज आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

39- धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यक

सच्चे लोकतंत्र की ताकत और जीवंतता अक्सर उसके अल्प संख्यकों को मिलने वाले अधिकारों और संरक्षण में देखी जाती है। भाजपा राज में पिछले पांच वर्षों में अल्पसंख्यकों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के खिलाफ घृणा अपराधों और अत्याचारों में कई गुणा बढ़ोतरी हुई है। इस प्रकार के घृणित अपराध को अंजाम देने वाले अपराधी बेधड़क खुलेआम सड़कों पर घूम रह हैं।

40- विमुक्त जनजातियां और अर्धघुमंतू जनजातियां

विमुक्त और अर्ध-घुमंतू जनजातियों ने लंबे समय से भेदभाव और उपेक्षा का सामना किया है। कांग्रेस का मानना है कि यह केंद्र और राज्य सरकारों का कर्तव्य है कि वे इन समूहों तक पहुँचें और इनके साथ होने वाले अन्याय को दूर करें।

41-वरिष्ठ नागरिक

कांग्रेस इस बात को स्वीकार करती है कि भारत की करीब 9 प्रतिशत जनसंख्या 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की है और यह अनुपात धीरे-धीरे बढ़ेगा। कांग्रेस वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी मौजूदा नीतियों की समीक्षा करने और चिकित्सा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त बदलावों को करने का वादा करती है।

42- दिव्यांग जन

एक अनुमान के अनुसार, भारत में चार करोड़ लोग दिव्यांग हैं। कांग्रेस दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों, सम्मान और स्वाभिमान को बनाये रखने के लिए दृढ़ता के साथ संकल्पित है। हम दिव्यांगों को रोजगार के अवसर प्रदान करने और अपने परिवार के कल्याण तथा देश के विकास में योगदान देने के लिए फायदेमंद एवं उचित अवसर प्रदान करने का वादा करते हैं।

43- एलजी बीटीक्यूआईए+ के अधिकार

कांग्रेस लोगों के बीच लैंगिक विविधता को स्वीकार करती है और विभिन्न लैंगिक पहचान वाले लोगों को बराबरी और कानूनों के समान संरक्षण का वादा करती है।

44- स्वास्थ्य देखभाल

शिक्षा की तरह ही स्वास्थ्य देखभाल भी जनहित से जुड़ा है। पूर्ण स्वास्थ्य सुविधा हर नागरिक—बच्चे, वयस्क और वरिष्ठ नागरिक का अधिकार है। स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना करें और राज्य सरकारों की साझा ज़िम्मेदारी है।

45- शिक्षा

शिक्षा योग्यता का निर्धारण करती है और इसे सभी बच्चों के लिए आसानी से उपलब्ध होना चाहिए। कांग्रेस वादा करती है कि राज्य और केंरि सरकार सभी बच्चों को शैक्षिक अवसर प्रदान करने के लिये जिम्मेदार होंगी। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय जैसेज्यादातर सार्वजनिक संस्थान सार्वजनिक संसाधनों के माध्यम से वित्त पोषित होंगे। निजी शिक्षण संस्थान सार्वजनिक शिक्षण संस्थानों के पूरक के तौर पर काम कर सकते हैं।

46- भोजन और पोषण सुरक्षा

यूपीए सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 का पारित होना एक क्रांतिकारी कदम था जिसने समृद्धि (हरित क्रांति) को कल्याण (भोजन का अधिकार) से जोड़ा।

47- बाल कल्याण

बच्चे देश के सबसे मूल्यवान मानव संसाधन हैं। कांग्रेस का मानना है कि यह सुनिश्चित करना केंरि और राज्य सरकारों का कर्त्तव्य है कि प्रत्येक बच्चे को बच्चों के सभी अधिकारों, विशेष रूप से पूर्णशिक्षा और पूर्ण स्वास्थ्य का आनंद हासिल हो।

48- जल प्रबंधन, स्वच्छता और साफ-सफाई

पानी और साफ-सफाई मिलना बुनियादी मानव अधिकार हैं। कांग्रेस प्रौद्योगिकी, वकालत, और कानून के माध्यम से पानी और स्वच्छता की चुनौतियों का समाधान करने का वादा करती है।

49- पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन

कांग्रेस जलवायु परिवर्तन के परिणामों को स्वीकार करने वाली (14 जून 1972 को स्टॉकहोम में श्रीमती इंदिरा गांधी) पहली भारतीय राजनीतिक पार्टी थी। यह एक कड़वा सच है कि भारत का पर्यावरण बुरी तरह सेबिगड़ चुका है। 2018 के वैश्विक पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक में भारत को 180 देशों में से 177वें स्थान पर रखा गया है। भाजपा सरकार ने इस गिरावट को रोकने के लिए पिछले 5 वर्षों में लगभग कु छ भी नहीं किया।

50- जलवायु लचीलापन और आपदा प्रबंधन

जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के दोहर खतरों से निपटेबिना गरीबी का खात्मा संभव नहीं है। प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन के कारण गरीबों को ही सबसेज्यादा परशानी झेलनी पड़ती है।

51- हर नागरिक का डिजिटल अधिकार

कांग्रेस अपने इस विश्वास को दोहराती है कि प्रत्येक भारतीय को डिजिटल अधिकारों का फायदा मिले और हर किसी की स्वतंत्र रूप से डिजिटल दुनिया तक पहुंच हो।

52- खेल

कांग्रेस को दृढ़ विश्वास है कि भारत में एक महान खेल राष्ट्र की पूरी क्षमता है।

(नोट- यह कांग्रेस द्वारा जारी मेनिफेस्टो की विस्तृत जानकारी नहीं है)

Next Story

More Stories


© 2019 All rights reserved.