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CJI के खिलाफ साजिश का मामला: SC ने कहा- बेंच फिक्सिंग के आरोप गंभीर

CJI के खिलाफ साजिश का मामला: SC ने कहा- बेंच फिक्सिंग के आरोप गंभीर

लखनऊ। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप मामले में गुरुवार को भी सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट में वकील उत्सव बैंस ने कोर्ट में अतिरिक्त हलफनामा और सबूत भी सौंपे। स्‍पेशल बेंच ने दोनों पक्ष की दलील सुनने के बाद दोपहर दो बजे फैसला सुनाने की बात कही है। बता दें, वकील उत्सव बैंस ने दावा किया है कि सीजेआई को फंसाने के लिए साजिश रची गई थी।

आज सुनवाई में क्‍या हुआ?

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के खिलाफ साजिश मामले की सुनवाई के लिए जस्‍ट‍िस अरुण मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच बैठी। वकील उत्सव बैंस ने कोर्ट में अतिरिक्त हलफनामा और सबूत सौंपे। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि हमारे पास दस्तावेजों का निरीक्षण करने का अधिकार है। इसके बाद अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट स्टाफ की नियुक्ति और व्यवहार के नियम बताए। केके वेणुगोपाल ने कहा कि उत्सव के हलफ़नामे के मुताबिक, 'अजय उनके पास आता है और कहा है कि वो उसे 50 लाख रुपये देगा प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए। उत्सव बैंस के हलफनामे के अनुसार अजय क्लाइंट नहीं था, लेकिन कौन था ये नहीं पता चला।'

वहीं, वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने अपनी दलील में कहा कि सीजेआई और यौन उत्पीड़न के आरोप वाले मामले की जांच एकसाथ होनी चाहिए। उन्‍होंने आशंका जताई कि वर्तमान कार्यवाही महिला की शिकायत पर भारी पड़ेगी।

इसपर स्‍पेशल बेंच ने कहा यह पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि इससे इन-हाउस पूछताछ प्रभावित नहीं होगी। "यह व्यापक साजिश की जांच करने के लिए है।" जस्टिस मिश्रा ने दोहराया कि बेंच फिक्सिंग के आरोप गंभीर हैं। फिक्सिंग का आरोप बहुत गंभीर है। SC को किसी भी बल द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा सकता। हम इससे दुखी हैं। कोर्ट के इर्द-गिर्द होने वाली इतनी सारी बातें कहने के लिए हम नहीं हैं। हमें उकसाओ मत।

बुधवार को भी हुई थी सुनवाई, कोर्ट ने सीबीआई डायरेक्‍टर को किया था तलब

इस मामले में बुधवार को भी सुनवाई हुई थी। उत्‍सव बैंस ने कोर्ट में सबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज सौंपते हुए इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। कोर्ट ने बेंस द्वारा सौंपे गए सबूतों को देखने के बाद सीबीआई डायरेक्टर, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और आईबी चीफ को कोर्ट में तलब किया था। वकील उत्सव ने कहा था, ''मेरे पास सीसीटीवी फुटेज है, जोकि असल सबूत है। यह सबूत मैं कोर्ट को सौंप रहा हूं। इस मामले का मास्‍टरमाइंड बहुत ताकतवर है।'' इसके बाद जस्‍टिस अरुण मिश्रा ने सबूत को देखा और फिर अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल से कहा, 'क्‍या आप सीबीआई के डायरेक्‍टर को हमारे चेंबर में बुलाएंगे?'

बता दें, वकील उत्सव बैंस ने दावा किया है कि सीजेआई रंजन गोगोई को बदनाम करने की साजिश रची गई। यह साजिश इस लिए रची गई है ताकि वो इस्‍तीफा दे दें। बैंस का दावा है कि इसके लिए उनसे भी संपर्क किया गया था। इस काम के लिए उन्हें 1.5 करोड़ रुपये तक देने का ऑफर दिया गया था।

बता दें, स्‍पेशल बेंच सीजेआई के खिलाफ साजिश की सुनवाई कर रही है। वहीं, यौन उत्‍पीड़न के आरोप मामले में इन हाउस जांच पैनल का गठन किया गया है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसए बोबडे की अध्‍यक्षता में इन हाउस जांच पैनल बनाया गया था। वरिष्ठता क्रम के मुताबिक वह सीजेआई के बाद वरिष्ठतम न्यायाधीश हैं। उन्होंने बताया कि नंबर 2 जज होने के नाते प्रधान न्यायाधीश ने उन्हें उनपर लगे आरोप की जांच के लिए नियुक्त किया है।

न्यायमूर्ति बोबडे ने बताया कि उन्होंने शीर्ष न्यायालय के दो न्यायाधीशों न्यायमूर्ति एनवी रमन और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी को शामिल कर एक समिति गठित की है। न्यायमूर्ति बोबडे ने कहा, 'मैंने समिति में न्यायमूर्ति रमन को शामिल करने का फैसला किया है, क्योंकि वह वरिष्ठता में मेरे बाद हैं और न्यायमूर्ति बनर्जी को इसलिए शामिल किया गया है क्योंकि वह महिला न्यायाधीश हैं।'

क्‍या है यौन उत्‍पीड़न का मामला?

सुप्रीम कोर्ट की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने CJI रंजन गोगोई के पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इस महिला कर्मचारी ने सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों को आरोप लगाने वाले इस पत्र को भेजा था। चीफ जस्टिस गोगोई ने अपने ऊपर लगे इस आरोप को बेबुनियाद बताया था और इसके पीछे किसी बड़ी ताकत के होने की बात कही थी। उन्‍होंने कहा था, यह सीजेआई के कार्यालय को निष्क्रिय करने के लिए किया गया। फिलहाल इस मामले की सुनवाई के लिए एक स्पेशल बेंच का गठन किया गया है।

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